पीएम मोदी ने की इंडियन स्‍पेस एसोसिएशन की शुरुआत, कहा- भारत किसी से कम नहीं

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को इंडियन स्पेस एसोसिएशन को लांच कर दिया। उन्‍होंने इसका शुभारंभ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया। इससे देश के अंतरिक्ष कार्यक्रम को एक नई ऊंचाई मिलेगी और आत्‍मनिर्भर भारत की परिकल्‍पना भी साकार होगा। इतना ही नहीं ये अंतरिक्ष के क्षेत्र में देश को अग्रणी खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। अंतरिक्ष और उपग्रह से जुड़ी कंपनियां इस एसोसिएशन की सदस्य होंगी।

इसको लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक ट्वीट भी किया है। इसमें उन्‍होंने लिखा है कि वो सोमवार को 11 बजे भारतीय अंतरिक्ष संघ को लॉन्च करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके अलावा उन्‍होंने इस बात पर भी खुशी का इजहार किया है कि इस मौके पर उन्‍हें प्रमुख हितधारकों के साथ बातचीत करने का अवसर मिलेगा। उन्‍होंने ये भी लिखा है कि इस मौके पर स्‍पेस और रिसर्च से जुड़े लोगों को इसमें शामिल होना चाहिए।

प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक रिलीज में कहा गया है कि ISPA अंतरिक्ष और उपग्रह कंपनियों का एक प्रमुख उद्योग संघ है। ये भारतीय अंतरिक्ष उद्योग की सामूहिक आवाज बनेगा। इसमें ये भी कहा गया है कि सरकार और अन्‍य सरकारी एजेंसियां भी भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में सभी हितधारकों के साथ जुड़ेंगी।

ISPA के संस्थापक सदस्यों में ये हैं शामिल

लार्सन एंड टुब्रो, नेल्को (टाटा ग्रुप), वनवेब, भारती एयरटेल, मैपमायइंडिया, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज और अनंत टेक्नोलॉजी लिमिटेड शामिल हैं। अन्य प्रमुख सदस्यों में गोदरेज, ह्यूजेस इंडिया, अजिस्टा-बीएसटी एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड, बीईएल, सेंटम इलेक्ट्रॉनिक्स और मैक्सार इंडिया।

महामारी से हुए मिशन प्रभावित 

बता दें कि पिछले कुछ दशकों ने भारत ने अंतरिक्ष में अपने कदम तेजी से बढ़ाए हैं। हालांकि बीते करीब 21 माह के दौरान महामारी की वजह से कुछ मिशन भी प्रभावित हुए हैं।देश के पहले सौर मिशन को महामारी की वजह से आगे बढ़ाया जा चुका है। पहले इसकी शुरुआत वर्ष 2020 में होनी थी लेकिन अब इसके वर्ष 2022 में होने की उम्‍मीद है। इसरो वर्ष 2022 में अंतरिक्ष वेधशाला एक्सपोसैट को भी लॉन्च करेगा। वहीं गगनयान मिशन के भी वर्ष 2023 की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है।