जयपुर|निकाय चुनावों में कार्यकर्ताओं की बगावत रोकने और विरोध को काबू करने के लिए भाजपा ने पार्षद प्रत्याशियों की लिस्ट सार्वजनिक नहीं करने की रणनीति बनाई है। भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर से पार्टी सिंबल जिला प्रभारी को दिए जाएंगे। भाजपा के जिला प्रभारी अब सोमवार को सीधे रिटर्निंग अफसर (आरओ) के दफ्तर में पार्टी सिंबल जमा करवाएंगे।
इसके लिए पार्टी की लीगल सेल के एडवोकेट पैनल को अधिकृत किया जाएगा, ताकि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के नामांकन व सिंबल में किसी तरह की गलती नहीं हो। कार्यालय में रविवार देर तक चली बैठकों के दौर में कई बार विवाद के हालात बने। जयपुर नगर निगम के लिए बैठक तीन बार स्थगित करनी पड़ी। कई विधायक एक एक नाम का पैनल लाए और उसे ही जारी करने पर अड़े रहे। इससे कई वार्डों में प्रत्याशी का नाम तय करने पर एक राय नहीं बन पाई।
जिला प्रभारियों को दिए खाली सिंबल लेटर बताया जा रहा है कि पार्टी की ओर से जिला प्रभारियों की ओर से खाली सिंबल लेटर दिए जा चुके है। पार्टी की ओर से रविवार देर रात अधिकृत मेल में प्रत्याशियों की सूची प्रभारी को भेजी जाएगी। सिंबल लेटर भी उन्हें पार्टी के अधिकृत पत्र के साथ थमाया जाएगा। जिला अध्यक्ष अथवा विधायक को भी इतला दी जाएगी। इसके बाद इनकी ओर से उम्मीदवार को सूचना दी जाएगी। पार्टी प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा के दौरान स्थानीय विधायकों, प्रभारियों व पार्टी पदाधिकारियों में मतभेद सामने आए। बैठक में जयपुर के दो विधायक अधिकांश वार्डों से एकल पैनल लेकर पहुंचे। वहीं पार्टी सर्वे व प्रभारी की ओर से दूसरे नाम सामने की बात आई। ऐसे में कई नामों पर सर्वसम्मति से एक राय नहीं बन पाई। ऐसे में देर रात तक नामों पर गतिरोध बना रहा।