पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि राज्य में लोग अपनी पसंद का खाना खाने के लिए स्वतंत्र हैं। किसी बाहरी धार्मिक व्यक्ति या राजनीतिक दल को यह तय करने का अधिकार नहीं है कि लोग क्या खाएं या क्या पहनें। बंगाल में मां काली को बकरे के मांस का भोग भी लगाया जाता है।
दरअसल, हाल ही में हावड़ा दौरे के दौरान बागेश्वर धाम प्रमुख धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से दुर्गा पूजा के दौरान नॉनवेज खाना छोड़ने की अपील की थी। उन्होंने त्योहार के दौरान नॉनवेज खाने वाले लोगों को पाखंडी बताया था।
भट्टाचार्य बोले- कोई भी शाकाहार अपनाने की अपील कर सकता, 6 मुख्य बातें…
- खाने-पीने का चुनाव व्यक्तिगत आजादी का मामला है और किसी बाहर से आए धार्मिक व्यक्ति के कहने पर बंगाल की पारंपरिक खान-पान की संस्कृति को नहीं बदला जा सकता।
- शास्त्री को शाकाहार अपनाने की अपील करने का अधिकार है, लेकिन उनकी बात बंगाली समाज पर थोपी नहीं जा सकती।
- हम किसी संत के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। उनकी कथाएं पूरे देश में मशहूर हैं और हावड़ा में उन्हें सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे।
- कोई भी शाकाहार अपनाने की अपील कर सकता है। इसमें न कोई अपराध है और न पाप। लेकिन अगर कोई किसी को पाखंडी कहता है तो हम इसका समर्थन नहीं करते।
- बंगाल की पारंपरिक खान-पान की संस्कृति में धार्मिक त्योहारों के दौरान भी नॉनवेज भोजन और प्रसाद की परंपरा रही है।
- पश्चिम बंगाल की धार्मिक परंपराओं में नॉनवेज भोजन की भी अपनी जगह है, इसलिए पूरे समाज पर शाकाहार लागू नहीं किया जा सकता।
शास्त्री ने 4-6 सितंबर तक कोलकाता में हनुमंत कथा की थी
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कोलकाता में 4 से 6 सितंबर तक हनुमंत कथा किए थे। कथा के दौरान उन्होंने जौहर को लेकर बयान दिया था। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर का नाम लिए बिना कहा कि जौहर कायरता नहीं, वीरता और समर्पण है।
डिनर में मंत्री ने मांगी पर्ची, बोले- CM हाउस में लगेगा दरबार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सौजन्य भवन में पं. धीरेंद्र शास्त्री का स्वागत किया था। इस दौरान मंत्रिमंडल के सदस्य भी मौजूद रहे। डिनर के बीच एक मंत्री ने शास्त्री से कहा- “पर्ची निकाल दीजिए बाबा।” इसके जवाब में शास्त्री बोले- “अगला दरबार CM हाउस में लगना चाहिए।” शास्त्री ने यह बात मजाकिया अंदाज में कही, जिसके बाद हॉल में मौजूद लोग हंस पड़े।
बंगाल में दुर्गा अष्टमी पर शराब बिक्री बंद
मुख्यमंत्री अधिकारी ने 7 सितंबर को इस साल की दुर्गा पूजा के लिए कई नए निर्देशों की घोषणा की थी। इसमें महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध और विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध शामिल है।
प्रशासन ने पूजा के बाद होने वाले मेले को भी रद्द कर दिया है। यह आयोजन पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था।