मिर्जापुर मेकर्स को लीगल नोटिस:बिना इजाजत शूरवीर गाना इस्तेमाल करने के आरोप; ऑरिजिनल सिंगर ने सार्वजनिक माफी, गाना हटाने की मांग की, जानिए पूरा विवाद

‘मिर्जापुर: द मूवी’ में ‘शूरवीर’ गाने के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया है। इंडिपेंडेंट आर्टिस्ट रैपरिया बालम ने आरोप लगाया है कि फिल्म में यह गाना उनकी अनुमति के बिना इस्तेमाल किया गया। उन्होंने एक्सेल एंटरटेनमेंट को लीगल नोटिस भेजा है।

रैपरिया बालम का कहना है कि वह ‘शूरवीर’ गाने के कॉपीराइट मालिक हैं। यह गाना महाराणा प्रताप को समर्पित है। उनका दावा है कि फिल्म में इसे मुन्ना भैया के हिंसा, गाली-गलौज और ड्रग्स वाले किरदार के साथ इस्तेमाल किया गया है। रैपरिया बालम ने गाना हटाने, माफी मांगने और महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनाने की मांग की है। लीगल नोटिस में ये तीनों मांगें शामिल हैं।

लीगल नोटिस में तीन मांगें

गाना कंपोज करने और इसे आवाज देने वाले रैपरिया बालम ने लीगल नोटिस भेजकर तीन मांग की हैं।

पहली मांग- मेकर्स को फिल्म से ये गाना हटाना होगा।

दूसरी मांग- मेकर्स को हिंसक सीन में महाराणा प्रताप पर बना गाना रखने पर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी होगी।

तीसरी मांग- गांव में महाराणा प्रताप के नाम पर स्कूल बनवाना होगा।

जानिए क्या है पूरा विवाद?

फिल्म मिर्जापुर 4 सितंबर को रिलीज हुई, जिसके एक हिंसक सीन में शूरवीर गाना दिखाया गया। फिल्म रिलीज के बाद राजस्थान के मशहूर सिंगर रैपरिया बालम ने एक वीडियो जारी कर बताया है कि ये गाना बिना उनकी इजाजत के फिल्म में इस्तेमाल हुआ है। ये गाना महाराणा प्रताप की वीरता पर बनाया गया है, लेकिन मिर्जापुर के मेकर्स ने इसका इस्तेमाल विलेन का महिमामंडन करने के लिए किया।

गाना रिलीज करने वाली म्यूजिक कंपनी ने मिर्जापुर टीम को दिया कॉपीराइट

सिंगर रैपरिया बालम का दावा है कि गाने के कॉपी राइट्स उनके पास हैं, हालांकि ये गाना रिलीज करने वाले ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने इस दावे का खंडन किया। इतना ही नहीं कंपनी ने विवाद के बीच मिर्जापुर के मेकर्स को इस गाने के राइट्स भी दे दिए हैं।

कॉपीराइट को लेकर रैपरिया बालम का दावा

रैपरिया बालम के भाई ने स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में बताया है, ‘गाना ट्रूपर रिकॉर्ड्स के चैनल पर है, लेकिन कॉपीराइट हमारे पास है। अगर इसे फिल्म में इस्तेमाल करना है, तो हमसे अनुमति लेनी होगी। वे इसे लाइसेंस नहीं कर सकते। यह गैरकानूनी है। रैपरिया बालम और ट्रूपर रिकॉर्ड्स पहले साथ काम करते थे। दस्तावेजों में रैपरिया बालम पार्टनर नहीं थे, लेकिन वह उनके साथ काम कर रहे थे। समझौते के मुताबिक, कुछ साल बाद वह रिकॉर्ड्स में कानूनी तौर पर 50% पार्टनर बनने वाले थे।’

उन्होंने बताया कि पार्टनरशिप होने से पहले यह गाना रिलीज हो गया था। उनके मुताबिक, रैपरिया बालम को उस चैनल के लिए बनाए गए किसी भी गाने का भुगतान नहीं मिला। बाद में जब पार्टनरशिप को लेकर बात शुरू हुई, तो ट्रूपर रिकॉर्ड्स ने मामला टालना शुरू कर दिया। इन गानों को लेकर कभी NOC भी साइन नहीं हुआ।

रैपरिया बालम के भाई ने कहा कि बाद में उन्होंने अपना चैनल शुरू किया और गानों के कॉपीराइट अपने असली नाम अशोक मंडा से हासिल किए। उन्होंने कहा, “‘शूरवीर’ से जुड़े सभी कॉपीराइट दस्तावेज रैपरिया बालम के असली नाम अशोक मंडा पर हैं। उन्होंने इस गाने का कॉपीराइट अपने नाम कराया था। बाद में हमने ‘शूरवीर’ सीरीज में 9-10 और गाने बनाए। इन सभी के कॉपीराइट सर्टिफिकेट हमारे पास हैं। लेखक की ओर से NOC भी हमारे पास है।”

जिन सीन पर गाना रखा, उससे आपत्ति

रैपरिया बालम का कहना है कि मामला केवल कॉपीराइट का नहीं है। उनके मुताबिक, ‘शूरवीर’ सीरीज का मकसद बच्चों को भारतीय इतिहास और ऐतिहासिक शख्सियतों की कहानियां संगीत के जरिए समझाना था। ऐसे में शूरवीर की कहानी को किसी फिल्म के हिंसक और गोली चलाने वाले सीन में इस्तेमाल करना पूरी तरह गलत है।

उनके भाई ने कहा, “ये गाने कमर्शियल नहीं हैं। हमारा मकसद था कि अगली पीढ़ी हमारे इतिहास से जुड़े। हम चाहते थे कि बच्चे रैप म्यूजिक के जरिए इतिहास सीखें और अपने नेताओं की कहानियां जानें।”

उन्होंने कहा कि हर कलाकार का सपना होता है कि उसका गाना किसी अच्छी फिल्म में आए और यह उनका भी सपना था। लेकिन इस सीरीज के साथ उनकी कुछ विचारधाराएं जुड़ी हैं।

उन्होंने कहा, “मिर्जापुर में मुन्ना भैया गाली दे रहे हैं और ड्रग्स ले रहे हैं। उसके किरदार को दिखाने के लिए बैकग्राउंड म्यूजिक में यह गाना लगाया गया है। यह हमारी राजस्थानी संस्कृति और महाराणा प्रताप का अपमान है। अगर कोई बच्चा यह देखेगा, तो वह मुन्ना भैया जैसे किरदार को महाराणा प्रताप से जोड़ सकता है। इससे गलत धारणा बनेगी।”

उन्होंने कहा कि इस मामले में ‘मिर्जापुर’ के मेकर्स भी जिम्मेदार हैं, क्योंकि लाइसेंस लेने से पहले उन्हें सही दस्तावेज जांचने चाहिए थे। उनके मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट की गलती यह है कि उसने महाराणा प्रताप को समर्पित गाने को एक गुंडे के किरदार को दिखाने के लिए चुना।

फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क

रैपरिया बालम और उनके परिवार ने ‘मिर्जापुर’ के प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से संपर्क करने की कोशिश की।

परिवार के मुताबिक, फरहान अख्तर ने जवाब नहीं दिया। रितेश सिधवानी की टीम ने कहा कि वह उनसे संपर्क करेगी। परिवार का कहना है कि वह टीम से नहीं, बल्कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी से सीधे बात करना चाहता है।

उन्होंने कहा, “हम समझना चाहते हैं कि उन्होंने ऐसा क्यों किया। हम चाहते हैं कि गाना ‘मिर्जापुर’ से हटा दिया जाए। यह इस फिल्म के लिए नहीं बना है। इसे गलत तरीके से दिखाने से हमारी भावनाओं और विचारधारा को ठेस पहुंच रही है।”

परिवार ने कहा कि वह किसी भी कीमत पर इस गाने को फिल्म में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगा। उसने ट्रूपर रिकॉर्ड्स से भी बात करने से इनकार किया है।