राजस्थान नगरी निकाय के लिए हुए चुनाव का सोमवार को रिजल्ट आ गया। जयपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 113 से कांग्रेस कैंडिडेट गजनफर अली ने 10014 वोटों से रिकॉर्ड जीत दर्ज की। वहीं दूसरी ओर ऐसे कैंडिडेट भी हैं जिनको एक वोट भी नहीं मिले। ऐसे प्रत्याशियों ने प्रचार में कोई कमी नहीं छोड़ी, लेकिन इन्हें दूसरों के तो छोड़िए परिवार वालों के भी वोट नहीं मिले।
चौंकाने वाली बात ये है कि ऐसे प्रत्याशियों में निर्दलीय ही नहीं भाजपा–कांग्रेस के प्रत्याशी भी शामिल हैं। इस तरह के सबसे अधिक नतीजे नागौर जिले में सामने आए हैं। सबसे चौंकाने वाला रिजल्ट डीडवाना जिले के परबतसर से आया। यहां भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद्र को महज एक वोट मिला। यदि ये मानें कि ये एक वोट भी उनका खुद का ही है तो उनके अलावा उन्हें किसी ने वोट नहीं दिया। कैलाशचंद्र वार्ड 13 से पार्टी के प्रत्याशी बनाए गए थे।
दो प्रस्तावकों ने भी नहीं डाला वोट?
खास बात है कि इस वार्ड में सिर्फ तीन उम्मीदवार ही चुनाव मैदान में थे। BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र के नामांकन में दो प्रस्तावक भी थे, लेकिन प्रस्तावकों ने भी उन्हें वोट नहीं दिया। इस वार्ड में कुल 573 वोट पड़े थे। कांग्रेस की हिना खान ने 181 वोटों से जीत दर्ज की।
निर्दलीय प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं
नागौर जिले के रियांबड़ी के वार्ड नंबर 3 में निर्दलीय प्रत्याशी मोहम्मद कुरबान को एक भी वोट नहीं मिला। इस वार्ड में कुल 849 वोट पड़े। निर्दलीय प्रत्याशी समद मोहम्मद ने 271 वोट हासिल किए और 123 मतों से जीत दर्ज की। हालाकि माेहम्मद कुरबान ने चुनाव से पहले कांग्रेस को समर्थन दे दिया था। इसी प्रकार वार्ड 5 में निर्दलीय प्रत्याशी सुरेश को महज 7 वोट मिले। वार्ड में कुल 638 वोट पड़े।
यहां कालू खां ने 303 वोट हासिल कर 92 मतों से जीत दर्ज की। वार्ड नंबर 8 में निर्दलीय प्रत्याशी मोहनराम को 5 और शांतिलाल को महज 2 वोट मिले। इस वार्ड में कुल 814 वोट पड़े थे। यहां उगमाराम ने 214 मतों से जीत दर्ज की। वार्ड 15 में भी निर्दलीय प्रत्याशी दिनेश को एक भी वोट नहीं मिला।
भाजपा प्रत्याशी को सिर्फ 8 वोट
रियांबड़ी में वार्ड नंबर 6 में भाजपा प्रत्याशी शिवलाल को महज 8 वोट मिले। शिवलाल ने बताया कि वार्डवासियों ने कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों का समर्थन किया। जिसके कारण उन्हें इतने ही वोट मिले। इस वार्ड में कुल 778 वोट पड़े। अन्नाराम ने 322 वोट हासिल कर 114 मतों से जीत दर्ज की।
आरएलपी प्रत्याशी को 9 वोट
रियांबड़ी में वार्ड नंबर 10 में RLP प्रत्याशी शिवराम बगेरिया को सिर्फ 9 वोट मिले। इस वार्ड में कुल 543 वोट पड़े थे।। भाजपा प्रत्याशी मंजू देवी ने 231 वोट हासिल कर 60 मतों से जीत दर्ज की। इसी प्रकार वार्ड नंबर 11 में आरएलपी प्रत्याशी नौरतमल भाटी को महज 2 वोट मिले। वे पूर्व चेयरमैन गिरधारीलाल भाटी के पुत्र हैं। नौरतमल ने बताया कि उन्होंने दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ा था और इस वार्ड में कभी प्रचार करने नहीं गए। इस वार्ड में कुल 204 वोट पड़े थे।
कांग्रेस प्रत्याशी को 1 वोट
रियांबड़ी के वार्ड नंबर 15 में कांग्रेस प्रत्याशी मजीद मोहम्मद को महज 1 वोट मिला। वार्ड में कुल 291 वोट पड़े। इस वार्ड में भाजपा प्रत्याशी सुनील कुमार चौहान ने 208 वोट हासिल कर 136 मतों से जीत दर्ज की।
मजीद मोहम्मद ने बताया कि जब मैं चुनाव प्रचार में था तो करीब 35 समर्थक तो साथ ही चलते थे, लेकिन उनके मेरे पड़ोसी गजेंद्र वैष्णव ने आरएलपी को समर्थन दिया। इस वजह से मेरे वोट आरएलपी को चले गए।
पूर्व सरपंच को महज 2 वोट
रियांबड़ी के वार्ड नंबर 20 में कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व सरपंच भरत कुमार सांखला को महज 2 वोट मिले। इस वार्ड में भाजपा, आरएलपी और निर्दलीय सहित कुल 9 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे और सांखला को इन सभी प्रत्याशियों में सबसे कम मत मिले। खास बात यह है कि भरत कुमार सांखला रियांबड़ी के सरपंच रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि वार्डवासियों की ओर से सामूहिक विरोध किया गया था, जिसके बाद उन्होंने इस वार्ड से अपना समर्थन छोड़ दिया था।
पति-पत्नी दोनों चुनाव लड़े, दोनों को मिले सिर्फ 6-6 वोट
कोटपूतली–बहरोड़ जिले की मांढण नगरपालिका चुनाव में वार्ड नंबर 19 और 20 का परिणाम चर्चा का विषय बना हुआ है। वार्ड नंबर 19 से कांग्रेस प्रत्याशी रिशाल देवी और वार्ड नंबर 20 से उनके पति सरजीत ने कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा। परिणाम में दोनों प्रत्याशियों को अपने-अपने वार्ड से महज 6-6 वोट ही मिले। वार्ड नंबर 19 में कुल 313 मतदाता थे, जबकि वार्ड नंबर 20 में 291 मतदाता थे।
कांग्रेस तीन वार्डों में 5 से कम वोट ले सकी
पीसांगन नगरपालिका चुनाव में पिता पुत्र की जोड़ी को अलग–अलग वार्डों में मिलाकर भी दिहाई जितने वोट नहीं मिले। यहां वार्ड 3 में उगमचंद कांग्रेस के प्रत्याशी थे। उमगचंद को महज 4 वोट मिले। वहीं उनके बेटे जवरी लाल वार्ड 25 में कांग्रेस के प्रत्याशी थे। जवरी लाल को भी 4 ही वोट मिले। पीसांगन के ही वार्ड संख्या 20 में कांग्रेस के लिए एक और परिणाम चौंकाने वाला रहा। यहां पार्टी के प्रत्याशी सानू को महज 2 वोट मिले।
मथानिया: जोधपुर जिले के मथानिया के एक वार्ड में भाजपा को महज 7 वोट मिले। मथानिया के वार्ड 3 में श्यामलाल भाजपा के प्रत्याशी थे। उन्हें 7 वोट ही मिले। इस वार्ड में कुल 581 वोट पड़े थे। इसी प्रकार वार्ड 23 में भाजपा प्रत्याशी संतोकराम मात्र 8 वोट मिले। इस वार्ड में 697 वोट पड़े थे।
मथानिया के ही वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस प्रत्याशी सुमायला बानो को मात्र 4 वोट मिले। इस वार्ड में कुल तीन प्रत्याशी मैदान में थे। कांग्रेस प्रत्याशी तीसरे स्थान पर रही। यहां कुल 330 वोट पड़े।
विराटनगर: जयपुर जिले की विराटनगर नगर पालिका वार्ड नंबर 4 में कांग्रेस प्रत्याशी अनिल छिपी को महज 4 वोट मिले हैं। इस वार्ड में 298 वोट पड़े। इसी प्रकार वार्ड 3 में निर्दलीय प्रत्याशी विनोद कुमार बैराठी को 9 वोट मिले। वार्ड में कुल 380 वोट पड़े।
पलसाना: सीकर जिले के पलसाना में कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों को 10 से कम वोट मिले। यहां वार्ड नंबर 4 में यूनुस खान को महज 8 वोट मिले। इस वार्ड में कुल 412 वोट हैं। वार्ड नंबर 8 में मीरा देवी को 4 वोट मिले। यहां कुल 403 वोट हैं। वार्ड नंबर 13 में कमल पवार को 6 वोट मिले। यहां कुल 255 वोट पड़े।