बेंगलुरु में कॉकरोच पार्टी का आज चप्पल प्रदर्शन:ध्रुव राठी, प्रकाश राज शामिल होंगे; दीपके बोले- सत्ता आपकी, सड़कें हमारी हैं, यहीं से लोकतंत्र वापस लेंगे

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आज SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन होगा। इसमें CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके के साथ यूट्यूबर ध्रुव राठी और एक्टर प्रकाश राज भी शामिल होंगे। राठी बेंगलुरु पहुंच चुके हैं। उन्होंने एक्स पर वीडियो शेयर कर इसकी जानकारी दी।

प्रदर्शन से पहले ‘पीपुल्स ट्रिब्यूनल’ भी आयोजित होगा। इलमें उन लोगों से बातचीत की जाएगी, जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। प्रदर्शन से पहले दीपके ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा- सत्ता आपके पास हो सकती है, लेकिन सड़कें हमारी हैं। यहीं से हम अपना लोकतंत्र वापस लेंगे।

दीपके का आरोप- प्रदर्शन से पहले लोगों को हिरासत में लिया जा रहा

अभिजीत दीपके ने एक अन्य एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि 10 अक्टूबर के प्रदर्शन से पहले बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।

उन्होंने लिखा- मोदी को लगता है कि लोगों को जेल में डालकर विरोध की आवाज को दबाया जा सकता है। जितने ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया जाएगा, उतने ही ज्यादा लोग प्रदर्शन में शामिल होंगे।

10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन

ज्ञानेश कुमार के कॉकरोच पार्टी 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। दीपके ने 2 अक्टूबर की रात एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, तो देशभर से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे।

उन्होंने यह भी कहा था कि अगर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोका, तो जहां उन्हें रोका जाएगा, वहीं पर जंतर-मंतर बनेगा।

जुलाई के प्रदर्शन में क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले 2,873 लोगों की पहचान हुई

CJP ने जुलाई में शिक्षा के मुद्दों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। आंदोलन की शुरुआत 6 जून को हुई थी। यह 36 दिन चला और 25 जुलाई को खत्म हुआ। उसी दिन तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस्तीफा दिया था।

पुलिस के मुताबिक, जुलाई में CJP के प्रदर्शन में शामिल या उसके आसपास मौजूद 2,873 लोगों की पहचान क्रिमिनल रिकॉर्ड वाले लोगों के तौर पर हुई थी। इनमें करीब 989 लोग गंभीर अपराधों से जुड़े थे।

पुलिस का दावा है कि इनमें 101 लोग हत्या के मामलों में आरोपी रहे हैं। इनमें 42 ऐसे लोग थे, जिन पर दो या उससे ज्यादा हत्या के मामले दर्ज होने की बात कही गई है। 12 लोगों पर 10 या उससे ज्यादा हत्या के मामले दर्ज होने का दावा किया गया है।

दावा- SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों ने उठाए सवाल

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। दोनों ने आरोप लगाया कि कुछ फैसले उनकी जानकारी या सिफारिश के बिना लिए गए। इन आपत्तियों की कॉपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नए नाम जोड़ने, नाम हटाने और दोबारा बहाल करने की प्रक्रिया के साथ-साथ चुनावी डेटा और उसे संभालने वाले सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए थे। एक मामले में वोटर बनने के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़े जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी।

दोनों आयुक्तों ने चुनावी रोल के सॉफ्टवेयर और डेटा तक पहुंच को लेकर भी चिंता जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में कैबिनेट सचिव को भी पत्र लिखा था। इसके अलावा, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश पर भी दोनों ने आपत्ति दर्ज की थी और इसे नियमों का उल्लंघन बताया था।

चुनाव आयोग ने कहा- सभी फैसले सर्वसम्मति से हुए

चुनाव आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट पर कहा था कि सदस्यों की अलग-अलग राय और सुझाव किसी भी संस्थान की निर्णय प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा हैं। आयोग के मुताबिक, पिछले एक साल में SIR समेत सभी बड़े फैसले और निर्देश पूरी कमिशन की सर्वसम्मति से लिए गए।

रिपोर्ट सामने आने के बाद SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ा। विपक्षी दलों और CJP की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। इसी मामले को लेकर अदालत में भी याचिकाएं दायर की गई हैं।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 7 बड़े प्रदर्शन

2 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक देशभर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए 7 बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं।