कुछ ही घंटों में गई स्वीडन की पहली महिला पीएम की कुर्सी, जानें पूरा मामला

स्वीडन (Sweden) की पहली महिला प्रधानमंत्री मेगडालेना एंडरसन (Magdalena Andersson) को पद संभालने के कुछ ही घंटे बाद इस्तीफा देना पड़ा। दरअसल, संसद में बजट प्रस्ताव पर एंडरसन की सरकार को हार का सामना करना पड़ा और दो दलों की उनकी अल्पसंख्यक सरकार से एक दल अलग हो गया। मेंगडालेन को स्टीफन लोफवेन की जगह प्रधानमंत्री बनाया गया था। दरअसल लोफवेन ने इस साल की शुरुआत में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। जोफवेन फिलहाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। एंडरसन इससे पहले वित्त मंत्री थीं।

Update: Magdalena Andersson resigned after less than 12 hours as Sweden’s first female prime minister after the Green Party quit their two-party coalition, stoking political uncertainty. Read more here

वैधता को लेकर उठाए गए सवाल से हुईं नाराज

प्रेस कांफ्रेंस में एंडरसन ने कहा कि प्रधानमंत्री बनना उनके लिए सम्मान की बात है। परंतु, वह ऐसी सरकार का नेतृत्व भी नहीं करना चाहती हैं जहां उसकी वैधता को लेकर सवाल उठाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए अगर उसका एक दल सरकार से अलग होता है। इस तथ्य के बावजूद कि संसद की स्थिति में बदलाव नहीं हुआ है और इसे फिर से आजमाने की जरूरत है।

गौरतलब है कि स्वीडन की संसद ने बुधवार को एंडरसन के रूप में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री का चुनाव किया था। स्वीडन की 349 सदस्यीय संसद में 117 सदस्यों ने एंडरसन के पक्ष में और 174 ने विरोध में मतदान किया था। स्वीडन के संविधान के अनुसार, यदि 175 सांसद किसी उम्मीदवार के खिलाफ नहीं हैं तो उसे प्रधानमंत्री नियुक्त किया जा सकता है।