मदन राठौड़ बोले-पाकिस्तान-अमेरिका भिड़ंत में हम पाकिस्तान के साथ:लेकिन पाक से मैच में भारत की हार पर जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान के बाद विवाद हो गया। उन्होंने कहा था कि – अगर भारत और पाकिस्तान का क्रिकेट का मैच हो और दुर्भाग्य से भारत हार जाए। उस समय जो पटाखे फोड़े, वह देशभक्त नहीं है। हां, मैं यह कहता हूं कि अगर अमेरिका और पाकिस्तान के बीच मैच हो तो हम पाकिस्तान के साथ हैं, क्योंकि वह हमारा पड़ोसी है।

राठौड़ ने यह बयान प्रदेश बीजेपी कार्यालय में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर आयोजित सेमिनार में दिया था। वहीं, शुक्रवार को राठौड़ ने कहा कि- उनकी बात को तोड़-मरोड़कर बताया गया है। पाकिस्तान के विरोध को लेकर उनका स्टैंड एकदम क्लियर है।

डराते हैं आरएसएस वाले खा जाएंगे

मदन राठौड़ ने कहा कि यह कांग्रेस वाले मुस्लिम भाइयों को डराते हैं कि आरएसएस वाले तुमको खा जाएंगे। मैं आपको आरएसएस प्रमुख की बात बताता हूं, डॉ मोहन भागवत कहते हैं की- कोई किसी भी पद्धति से अपने धर्म का पालन करें, कर सकता है। लेकिन हमें पहले देशभक्त होना है।

वो कहते हैं हिंदुस्तान के प्रति निष्ठा रखने वाला प्रत्येक राष्ट्रभक्त नागरिक हमारा भाई है, हम सब मिलकर रहेंगे। जब आरएसएस के मुखिया ने यह बात कह दी तो कांग्रेस वाले क्यों डरा रहे हैं और आप लोग डर क्यों रहे हैं।

खुद पर किसी की छाप मत लगने दो

राठौड़ ने कहा- मैं मुस्लिम भाइयों को कहना चाहता हूं कि खुद पर किसी की छाप मत लगने दो। जो अच्छा काम करें, उसे शाबाशी दो। खातेदार मत बनो, रोकड़िया बनो। उन्हें लगता है कि आप लोग कहां जाओगे।

वही हम भी सोचते हैं कि आप तो उनके हैं, हम आपकी चिंता क्यों करें। हमारे यहां तो मुस्लिम समाज के गिनती के लोग हैं। फिर भी हमने अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेशाध्यक्ष हमीद खान मेवाती को स्टार प्रचारक बनाया।

देश का हर नागरिक विकसित हो। यही हमारी प्राथमिकता है।

‘चोर को सब चोर नजर आते हैं’

10 दिन पहले मदन राठौड़ ने विपक्ष के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि- जो जैसा होता है, वह दूसरे के लिए वैसा ही सोचता है। एक कहावत है कि चोर को सब चोर नजर आते हैं। यह बात कांग्रेस पर लागू होती है। क्योंकि वह हमेशा ऐसा ही करते हैं।मदन राठौड़ ने कुछ दिन पहले सोनिया गांधी के वोटर होने पर भी सवाल उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि सोनिया गांधी भारत की नागरिक बनने से पहले ही मतदाता बन गई थीं। उस समय SIR होता तो वह मतदाता नहीं होतीं। उन्होंने इसे ‘वोट चोरी’ बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा था।