‘भाई को लड़की ने बुलाया था, फिर हत्या की’:शादी के बाद भी पीछे पड़ी थी; लखीमपुर में पेड़ से लटकी मिली थी प्रेमी-प्रेमिका की लाश

‘मेरे भाई की हत्या करके शव पेड़ से लटकाया गया है। वह लखनऊ में काम करता था। लड़की ने फोन करके उसे बुलाया था। उसके साथ कुछ लड़के भी थे।

उन्होंने भाई को धमकाया कि आओगे तो भी फंसोगे और नहीं आओगे तो भी फंसोगे। आखिरी बार उसने कहा था कि थोड़ी देर में लौट आएगा। इसके बाद उसका अपहरण कर हत्या कर दी गई और शव लटका दिया गया।’

यह कहना है उस युवक के बड़े भाई का, जिसका शव सोमवार (19 अक्टूबर) को लखीमपुर में पेड़ से लटका मिला था। करीब 100 मीटर दूर दूसरे पेड़ पर उसकी प्रेमिका का शव भी दुपट्टे के सहारे लटका था। युवती की उम्र युवक से 5 साल ज्यादा थी। उसकी शादी ग्राम प्रधान के बेटे से हुई थी, लेकिन वह ससुराल नहीं जा रही थी। पति का कहना है कि पत्नी शादी के बाद ही झगड़ा करती थी और मारपीट भी करती थी।

ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों के बीच 3 साल से अफेयर था। परिवार ने युवती की शादी कहीं और कर दी थी। मामला जिला मुख्यालय से 47 किमी दूर पढ़ुआ थाना क्षेत्र की है

बहन की ससुराल में शुरू हुआ अफेयर

बेचेलाल पुरवा में राम खिलावन का परिवार रहता है। उनकी पत्नी राम देवी और 7 बच्चे हैं। दो बेटियों लाजवंती और ललिता की शादी हो चुकी है। ललिता की शादी 10 किमी दूर पचासा गांव के मुकेश से हुई है। तीसरी बेटी रामा (23) अक्सर अपनी बड़ी बहन के घर जाती थी।

पचासा गांव में जितेंद्र (18) का घर है। उसके पिता श्रीधर किसान हैं। परिवार में मां सुनीता और बड़ा भाई धर्मेंद्र भी हैं। धर्मेंद्र और जितेंद्र लखनऊ में नौकरी करते थे। करीब 3 साल पहले बहन के घर आते-जाते रामा और जितेंद्र के बीच अफेयर हो गया।

15 महीने पहले परिवार ने रामा की शादी तय की

रामा और जितेंद्र फोन पर बात करते थे, लेकिन उनके परिवारों को इसकी जानकारी नहीं थी। रामा अक्सर अपनी बड़ी बहन के घर जाती थी। करीब 15 महीने पहले उसके पिता राम खिलावन ने उसकी शादी डंडूरी गांव के कमल किशोर (25) से शादी कर दी। रामा इस शादी के लिए तैयार नहीं थी।

कमल किशोर की मां मीना देवी गांव की प्रधान हैं। उनके पिता चुन्नी लाल प्रधान का कामकाज देखते हैं। कमल की तीन बहनों की शादी हो चुकी है। परिवार में एक छोटा भाई और एक छोटी बहन भी हैं।

ससुराल में नहीं रुकती थी लड़की

शादी के शुरुआती कुछ दिन रामा ससुराल में रही, फिर मायके लौट आई। परिवार ने कई बार उसे ससुराल भेजने की कोशिश की, लेकिन वह वापस आ जाती थी। पिछले दो महीने से वह मायके में ही रह रही थी और ससुराल जाने को तैयार नहीं थी।

रविवार (18 अक्टूबर) सुबह रामा अचानक घर से लापता हो गई। वहीं, जितेंद्र भी रात में लखनऊ से कुछ रुपए लेकर निकल गया। उसने अपने भाई से कुछ देर में लौटने की बात कही थी। परिजनों ने रातभर दोनों की तलाश की।

अगली सुबह रामा और जितेंद्र के शव करीब 100 मीटर की दूरी पर दो अलग-अलग पेड़ों से लटके मिले। जितेंद्र का शव उसकी पैंट से बने फंदे से लटका था, जबकि रामा ने दुपट्टे से फंदा लगाया था। सुबह ग्रामीणों ने शव देखे तो दोनों के परिवारों को सूचना दी। पुलिस ने शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है।

अब पढ़िए, मृतक युवक के भाई ने क्या बताया…

जितेंद्र के बड़े भाई धर्मेंद्र ने बताया- हम दोनों लखनऊ में काम करते थे। रात में जितेंद्र के पास एक लड़की का फोन आया था। उसके साथ कुछ लड़के भी थे। उन्होंने धमकाया कि आओगे, तब भी फंसोगे और नहीं आओगे, तब भी फंसोगे। डर के कारण जितेंद्र कुछ पैसे लेकर निकल गया। हमने पूछा तो उसने कहा कि मढ़िया तक जा रहा हूं, थोड़ी देर में लौट आऊंगा।

रास्ते में उसे किडनैप कर लिया गया। उसी रात करीब 11 बजे लड़की के पिता हमारे घर आए। उन्होंने धमकी दी कि लड़की को ढूंढकर नहीं दिया तो अंजाम बुरा होगा। मेरे पिता ने उनसे कहा था कि सुबह उनकी बेटी को ढूंढकर वापस कर देंगे।

सुबह जब तक हम मौके पर पहुंचे, तब तक शव उतार लिया गया था। शव उतारने की कोई वीडियो रिकॉर्डिंग भी नहीं की गई। मेरे भाई की हत्या करके शव लटकाया गया है। हमें न्याय चाहिए।

पिता बोले- पुलिस ने हमारी सुनवाई नहीं की

जितेंद्र के पिता श्रीधर ने बताया- बेटा रात 8:30 बजे लखनऊ से निकला था। रास्ते में उसका अपहरण कर लिया गया। रात में लड़की के पिता मेरे पास आए और बोले कि लड़की को वापस कर दो, ताकि दोनों परिवारों की इज्जत बची रहे। मैंने उनसे कहा कि सुबह लड़की को ढूंढकर वापस कर देंगे।

सुबह 6 बजे फोन आया कि बेटे ने फांसी लगा ली है। हम मौके पर पहुंचे तो शव पेड़ से उतारकर पैक किया जा चुका था। हमने शव दिखाने की मांग की तो सिर्फ चेहरा दिखाया गया और फिर से पैक कर दिया गया।

बेटे ने आत्महत्या नहीं की है। अगर ऐसा होता तो दोनों एक ही पेड़ पर रस्सी या दुपट्टे से लटके मिलते। श्रीधर ने रामा की ससुराल के लोगों पर बेटे की हत्या कराने की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि बेटे ने कभी लड़की के बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया था।

श्रीधर का आरोप है कि पुलिस उनकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही है। दूसरे पक्ष ने पुलिस को पैसे दिए हैं। वे पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं और बेटे के लिए न्याय चाहते हैं।

पति बोला- पत्नी कई बार मेरे साथ मारपीट कर चुकी थी

रामा के पति कमल किशोर ने बताया कि शादी के कुछ दिन बाद ही पत्नी मायके चली गई थी। वह उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं करती थी। वह कई बार रामा को लेने गया, लेकिन वह साथ आने को तैयार नहीं हुई।

पुलिस से शिकायत करने पर भी उसने ससुराल जाने से मना कर दिया। रामा अक्सर झगड़ा करती थी और कहती थी कि परिवार ने उसकी जबरन शादी कराई है। वह शादी करके फंस गई है। कमल ने आरोप लगाया कि रामा ने कई बार उसके साथ मारपीट भी की थी।

ससुर बोले- बहू बेटे के साथ नहीं रहना चाहती थी

रामा के ससुर चुन्नीलाल ने बताया- बहू मुश्किल से डेढ़ महीने ही ससुराल में रही। वह बेटे से झगड़ा और मारपीट करती थी। घटना के बाद उन्हें बहू के किसी के साथ अफेयर होने की जानकारी मिली। जितेंद्र की हत्या के आरोप पर चुन्नीलाल ने कहा कि वह खुद कैंसर से पीड़ित हैं और छह महीने पहले उनका ऑपरेशन हुआ था।

लड़की के पिता बोले- बेटी ने कभी अफेयर के बारे में नहीं बताया

रामा के पिता राम खिलावन ने बताया- बेटी मायके में ही रह रही थी। वह सुबह 5:30 बजे बिना बताए घर से निकल गई। परिवार ने दिनभर और रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगली सुबह गांव के प्रधान ने रामा और जितेंद्र के शव पेड़ से लटके होने की सूचना दी।

जितेंद्र हरिजन बिरादरी का था, जबकि हम लोधी किसान हैं। अगर दोनों के बीच अफेयर नहीं होता, तो वे साथ में क्यों फंदे पर लटकते? बेटी ने घर पर कभी इस बारे में कुछ नहीं बताया। अगर वह पहले बता देती तो हम कोई समाधान निकालने की कोशिश करते। हालांकि, अलग बिरादरी होने के कारण जितेंद्र के साथ उसकी शादी कराना मुश्किल था।

थाना अध्यक्ष मोहित पुंडीर ने बताया

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग आई थी। दोनों के बीच अफेयर था और दोनों ने सुसाइड किया है। अभी तक दोनों पक्षों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है।