अमेरिकी दोस्त मार्विन आची के आरोपों पर बिग बॉस फेम औरैया की शिवानी कुमारी ने जवाब दिया है। शिवानी का कहना है कि टेसू की शादी कराने का कार्यक्रम पहले से फिक्स था। मार्विन को इसके बारे में पता था। उनकी सहमति से ही उन्हें तैयार किया गया था।
मार्विन आची ने यूट्यूब पर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने शिवानी पर दोस्ती और भरोसे की आड़ में मजाक उड़ाने और लाइक्स-व्यूज के लिए अपमानित करने का आरोप लगाया था।
मार्विन आची 24 सितंबर को अपनी दोस्त फर्नांडा के साथ लखनऊ पहुंचे। शिवानी ने एयरपोर्ट पर दोनों का स्वागत किया। मार्विन ऋषिकेश, राजस्थान समेत कई जगह शिवानी और दोस्तों के साथ घूमे। दो दिन पहले मार्विन ने 28 अक्टूबर को यूट्यूब पर 10 मिनट का एक वीडियो पोस्ट किया और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया।
मार्विन ने आरोप लगाया- मैं भारत की संस्कृति को महसूस करने आया था। कोई आपका स्वागत करता है, आपके साथ वक्त बिताता है, आपको सहज महसूस कराता है। मैं उस इंसान पर भरोसा करने लगा और भारतीय संस्कृति के बारे में जो भी वह बताती, उस पर यकीन करने लगा।
गांव पहुंचे तो उसने कहा कि तुम्हें एक कैरेक्टर प्ले करना है। मैं जब तक समझ पाता कि किरदार कौन सा है या किस बारे में है, उसने मेरे चेहरे पर पेंट करना शुरू कर दिया। मुझे लगा ये नॉर्मल है तो उसके साथ इंजॉय करता रहा। कमेंट देखकर पता चला कि मेरा मजाक बनाया गया है। अब मैं सोच रहा हूं, क्या उसने यह सब कंटेंट, व्यूज या अटेंशन के लिए किया।
अब पढ़िए शिवानी ने क्या बताया…
शिवानी ने बताया कि जब हम लोग ऋषिकेश में थे। उसी समय मैंने मार्विन को टेसू-झेंझी कार्यक्रम के बारे में बता दिया था। मैंने बताया था कि हमारे यहां टेसू की शादी का कार्यक्रम होगा। 3 दिन तक वो हमारे साथ रहे।
हमारे गांव अरियारी में टेसू-झेंझी की शादी का कार्यक्रम हुआ। इसमें मार्विन को टेसू की तरह से तैयार किया गया था। उनके चेहरे पर काला रंग लगाया गया, नकली मूंछें बनाई गईं। माथे पर टीका लगाया गया। मार्विन को उनकी सहमति से तैयार किया गया था।
वीडियो बनने के बाद बोले- बहुत अच्छा लगा
वीडियो अपलोड होने के अगले दिन भी मैंने मार्विन से पूछा था कि आपको कार्यक्रम कैसा लगा। इस पर मार्विन ने कहा था कि उन्हें बहुत अच्छा लगा और वह दोबारा भी ऐसा करना चाहेंगे।
शिवानी का कहना है कि गांव के कार्यक्रम में जैसे अबीर-गुलाल उड़ाई जाती है, वैसे ही हम लोगों ने थोड़ी मिट्टी उड़ा दी थी। यह मिट्टी थोड़ी सी फर्नांडा की आंख में लग गई थी।
तब मैंने खुद अपने दुपट्टे से उनका चेहरा साफ किया था। उन्हें सिर पर बांधने के लिए अपना दुपट्टा भी दिया था, जिससे उन्हें दिक्कत न हो। अगर मुझे अपमान करना होता तो मैं मदद क्यों करती।
बोलीं- टेसू-झेंझी हमारा क्षेत्र का पारंपरिक त्योहार
शिवानी ने बताया- टेसू-झेंझी का त्योहार ब्रज-बुंदेलखंड और आसपास के क्षेत्रों की पारंपरिक लोक संस्कृति का हिस्सा है। इसका संबंध खाटू श्याम जी यानी बर्बरीक की मान्यता से भी जोड़ा जाता है। हमने तो उन्हें भगवान वाला भेष रखवाया और वो अपमान की बात कह रहे हैं।
रात 11:43 बजे आया था मैसेज, टीम ने दिया जवाब
शिवानी के मुताबिक, 27 अक्टूबर की रात 11 बजकर 43 मिनट पर मार्विन ने मुझे मैसेज किया था। मेरी तबीयत सही नहीं थी और मैं सो रही थी। लेकिन, मेरी टीम ने 10 मिनट के अंदर उन्हें जवाब दे दिया था।
टीम ने मार्विन को बताया था कि शिवानी के हेटर्स कमेंट कर रहे हैं। आप इसे दिल पर मत लीजिए। अगले ही दिन 28 अक्टूबर को मार्विन ने यूट्यूब पर वीडियो अपलोड कर दिया।
अभी अरुणाचल प्रदेश में हैं मार्विन
शिवानी ने बताया कि मार्विन फिलहाल भारत में ही हैं। वह इंडिया टूर पर आए हैं। अभी अरुणाचल प्रदेश में हैं। मेरी टीम ने कई बार कॉल और मैसेज के जरिए उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन न तो उनकी ओर से कोई जवाब मिला और न ही कॉल रिसीव किया गया।
मार्विन मेरे घर पर करीब 15 दिन तक मेहमान बनकर रहे थे। मैंने हमेशा उनका सम्मान किया। अगर किसी बात से उन्हें ठेस पहुंची थी तो सोशल मीडिया पर आरोप लगाने के बजाय सीधे बातचीत करनी चाहिए थी। बातचीत से गलतफहमी दूर की जा सकती थी।
ये है टेसू-झेंझी के विवाह की परंपरा
उत्तर भारत में शरद पूर्णिमा के आसपास टेसू-झेंझी के विवाह की परंपरा निभाई जाती है। दशहरे के बाद लड़के टेसू को दूल्हे और लड़कियां झेंझी को दुल्हन की तरह सजाती हैं। शरद पूर्णिमा की रात दोनों का विवाह कराया जाता है।
लोकमान्यता के अनुसार, टेसू का संबंध महाभारत के बर्बरीक से है। भगवान श्रीकृष्ण ने उनसे शीश दान में मांगा था। युद्ध देखने की उनकी इच्छा पूरी करने के लिए उनका सिर तीन डंडों के सहारे पहाड़ी पर रखा गया था।
इसी वजह से टेसू का सिर तिपाई पर बनाया जाता है। टेसू-झेंझी के विवाह को बर्बरीक की विवाह इच्छा से जोड़कर देखा जाता है।