धांधली की शिकायत पर हरियाणा सरकार ने रद की 28 परीक्षाएं, सीएम मनोहर लाल ने विधानसभा में दी जानकारी

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य चौकसी ब्यूरो की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों का सदन में पूरा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो ने लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग दोनों द्वारा आयोजित लिखित परीक्षाओं के आयोजन पर कड़ी नजर रखी है। इसी का ही परिणाम है कि अनियमितताएं तुरंत पकड़ में आई और लिखित परीक्षा की पवित्रता को बनाए रखने के लिए हमने वे सब 28 परीक्षाएं रद की हैं, जिनमें किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा धांधली का पता चला है।

नौकरियों में धांधली को लेकर विपक्ष के काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने तो केवल फीडबैक के आधार पर भी भर्ती को रद कर दिया, ताकि उसके बारे में कोई आशंका न रहे, लेकिन कांग्रेस के राज में ऐसा भी हुआ है कि भर्ती होने के बाद न्यायपालिका ने रद की तथा सरकार पर विपरीत टिप्पणियां की हैं। इस दौरान इनेलो विधायक अभय सिंह चौटाला भी सरकार पर हमलावर हुए।

मनोहर लाल ने साथ ही यह भी कहा कि केवल शंका के आधार पर सब परीक्षाओं को रद करना उनके उम्मीदवारों के साथ नाइंसाफी है। परीक्षा रद करने का निर्णय संबंधित आयोग द्वारा गहन जांच-पड़ताल के बाद तब लिया जाता है, जब उसे परीक्षा की पवित्रता भंग होने के तथ्यों का पता चलता है। हरियाणा लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग को भंग करने की मांग से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मनोहर लाल ने कहा कि यह संवैधानिक पद होते हैं। इन्हें भंग करने की लंबी प्रक्रिया है। लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष व सचिव सहित सभी अधिकारी व कर्मचारी हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो की जांच में शामिल हैं और पूरा सहयोग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका खत्म करते हुए ओएमआर उत्तर पुस्तिका में पांच बुलबुले (गोल घेरे) दिए जाएंगे, ताकि उम्मीदवार किसी भी प्रश्न को बिना प्रयास के न छोड़े और इस प्रकार उम्मीदवारों को ओएमआर शीट खाली छोड़ने की अनुमति नहीं होगी। ओएमआर शीट खाली छोड़ने वाले और खाली ओएमआर शीट को रद करने वाले उम्मीदवारों के रोल नंबर प्रदान करने के लिए पर्यवेक्षकों से रिपोर्ट ली जा रही हैं। इसके अलावा आयोग में उन उम्मीदवारों के विवरण तथा रोल नंबर अपलोड करना शुरु कर दिया है, जिन्होंने अपनी ओएमआर शीट खाली छोड़ दी है ताकि बाद में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करते समय किसी भी स्तर पर किसी के हस्तक्षेप की संभावना को खत्म किया जा सके।

मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने स्वयं ओएमआर शीट को जांच के लिए पुलिस को भेजा है। आयोग ने 16 जुलाई से 26 सितंबर तक की अवधि के दौरान आयोजित परीक्षाओं में उम्मीदवारों द्वारा खाली छोड़ी गई ओएमआर शीट की एक सूची स्वयं तैयार की है, जिसे पुलिस महानिदेशक को भेजा गया है। हरियाणा पुलिस जांच कर रही है कि इन उम्मीदवारों ने विभिन्न पदों की परीक्षाओं के दौरान अपनी ओएमआर शीट खाली क्यों छोड़ी और यह भी पता लगाया जा रहा है कि एक भी प्रश्न हल किए बिना ओएमआर शीट को खाली रखने के लिए उम्मीदवारों को गुमराह करने वाले व्यक्ति कौन हैं।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा का संचालन बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसमें आयोग में उपलब्ध मानव संसाधन और बुनियादी ढांचा कम पड़ने पर बाहरी एजेंसियों से भी काम लिया जाता है। हरियाणा के अलावा अन्य प्रदेशों व केंद्र सरकार के आयोग भी एजेंसियों की सेवाएं लेते हैं। इस मामले में ओएमआर शीट को स्कैन करने का काम करने वाली कंपनी पारू डेटा साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के मालिक अश्विनी कुमार और एक दलाल नवीन कुमार की जांच जारी है। उसको ब्लैक लिस्ट करने के बारे में निर्णय हरियाणा राज्य चौकरी ब्यूरो से रिपोर्ट मिलने के बाद आयोग द्वारा लिया जाएगा।