सेंट्रल बैंक कैथल से पास कराया 12 लाख का लोन, फर्जीवाड़े में तत्‍कालीन बैंक मैनेजर सहित 4 गिरफ्तार

जमीन के फर्जी कागजात देकर टिंबर मार्केट कैथल स्थित सेंट्रल बैंक आफ इंडिया से करीब 12 लाख रुपये का ऋण लेने के मामले में इकानोमिक सेल ने जांच करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपितों ने उन ग्रामीणों के नाम पर ऋण लिया, जिस नाम का कोई भी व्यक्ति गांव में नहीं था। बैंक मैनेजर की सीधी मिलीभगत इस धोखाधड़ी में थी।

गांव सिसला-सिसमौर निवासी रेशम सिंह ने वर्ष 2018 में बैंक से करीब नौ एकड़ जमीन की रजिस्ट्री और जमाबंदी दिखाकर ऋण लिया था। 31 जनवरी को बैंक मैनेजर नरेश कुमार की शिकायत पर सिटी थाना में आरोपित के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में इकानोमिक सेल के एएसआइ महेंद्र ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ऋण लेने वाले आरोपित गांव बुढनपुर विरान थाना निसिंग जिला करनाल निवासी रेशम सिंह, बैंक के एजेंट गांव हरसौला निवासी पंकज और दिलबाग, तत्कालीन बैंक मैनेजर तेज सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया गया है। बैंक के एजेंट लोगों को ऋण दिलवाने के लिए बैंक में लेकर आते थे। चारों आरोपितों ने मिलकर बैंक के साथ धोखाधड़ी की थी और ऋण की राशि को आपस में बांट लिया था।

गांव में नहीं मिला था रेशम सिंह नाम का कोई व्यक्ति

बैंक मैनेजर नरेश कुमार ने एसपी को शिकायत दी थी। एसपी ने मामले की जांच इकानामिक सेल को सौंप दी थी। आरोपित ने ऋण लेने के बाद एक भी किस्त बैंक को नहीं दी थी। जब बैंक के कर्मचारी गांव में गए थे तो उन्हें पता लगा कि रेशम सिंह नाम का कोई व्यक्ति गांव सिसला सिसमौर में रहता ही नहीं है। शिकायत मिलने के बाद इकानाेमिक सेल ने भी जांच की तो पता लगा कि आरोपित के नाम के कोई भी व्यक्ति गांव में नहीं है। जो जमीन के कागजात दिए गए थे, वे भी फर्जी थे। आरोपितों ने किसी दूसरे की जमीन के कागजातों के साथ छेड़छाड़ की हुई थी और फर्जी कागजात बैंक में देकर ऋण लिया हुआ था।

जांच अधिकारी महेंद्र सिंह ने बताया कि फर्जी कागजात देकर सेंट्रल बैंक से धोखाधड़ी करने के मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें गांव बुढनपुर विरान थाना निसिंग जिला करनाल निवासी रेशम सिंह, बैंक के एजेंट गांव हरसौला निवासी पंकज और दिलबाग, तत्कालीन बैंक मैनेजर तेज सिंह चौहान सिंह शामिल हैं।