दिल्ली-एनसीआर में कल भी मनाई जाएगी मकर संक्रांति, जानिये कब होगा पूजा मुहूर्त

हिंदुओं के सबसे पवित्र पर्व में शुमार मकर संक्राति को लेकर को भ्रम बना हुआ है कि यह कब मनाई जा रही है, 14 या 15 जनवरी को। इस पर नोएडा के पंडित प्रकाश जोशी के मुताबिक इस बार मकर संक्रांति का त्योहार दो दिन 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। शहर के लोग गढ़मुक्तेश्वर सहित पवित्र नदियों में स्नान भी इस मौके पर करेंगे। इसके साथ ही सुख-समृद्धि और निरोग की मनोकामनाओं के साथ लोग खिचड़ी, गर्म वस्त्र, तिल, चावल, घी, कंबल, गुड़ का दान भी करेंगे। कोरोना को लेकर लोग बरत रहे एहतियात कोरोना संक्रमण को देखते हुए लोग इस बार भी एहतियात बरत रहे हैं। सामान्य दिनों की अपेक्षा शहर में इस बार सीमित जगहों पर खिचड़ी भोज के कार्यक्रम कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए मनाए जाएंगे। वहीं मंदिरों में भी कोरोना प्रोटोकाल का पालन करने वाले भक्तों को ही दर्शन-पूजन करने की अनुमति मिल रही है

मकर संक्रांति के अवसर पर शुक्रवार सुबह से ही स्नान ध्यान के साथ लोग सूर्य अराधना कर रहे हैं। इसके साथ ही मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत भी हो जाएगी। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में विभिन्न जगहों पर खिचड़ी भोज के कार्यक्रम भी आयोजित किए गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन स्नान दान कर भगवान सूर्य देव की पूजा अर्चना की जाती है। खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार उत्तर मध्य प्रदेश समेत उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मकर संक्रांति पर्व की विशेष महत्ता है। वहीं, हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यता के जानकारों के मुताबिक, इस बार मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी यानी शुक्रवार को ही मनाया जाता है। कुछ जानकार 15 जनवरी को मकर संक्राति मनाने की बात कर रहे हैं लेकिन तर्क की बात यह है कि जिस दिन सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने से खरमास की समाप्ति होती है और सभी मांगलिक कार्यों की शुरूआत हो जाती है। इस लिहाज से यह 14 जनवरी यानी शुक्रवार है।

हिंदू पंचांग के अनुसार मकर संक्रांति प्रत्येक वर्ष 14 या फिर 15 जनवरी को मनाई जाती है। इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2022, शुक्रवार को है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार सूर्य देव 14 जनवरी को दोपहर 02 बजकर 27 मिनट पर मकर राशि में गोचर करेंगे, इस दिन पुण्यकाल रहेगा।

क्यों हुआ ये भ्रम

मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाए या 15 जनवरी को? इसके पीछे बड़ी वजह है दो पंचांग। दरअसल, वाराणसी के पंचांगों के अलावा ज्यादातर पंचांग में सूर्य का राशि परिवर्तन 14 जनवरी की रात 8 बजे के बाद है, ऐसे में जाहिर है वाराणसी के पंचांग के मकर संक्राति 15 जनवरी को मनाई जाएगी।

14 जनवरी से शुरू हो जाएंगे शुभ कार्य

हिंदू धर्म के विशेषज्ञों के मुताबिक, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य शुरू जाएंगे। इनमें शादी का आयोजन भी शामिल है।

  • यज्ञोपवीत
  • मुंडन
  • शादी-विवाह
  • गृह प्रवेश

कब है मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त?

पुजारियों और जानकारों के मुताबिक, मकर संक्रांति का पुण्यकाल मुहूर्त सूर्य के संक्रांति समय से 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का पुण्यकाल होता है। ऐसे में इस बार यानी 14 जनवरी को पुण्यकाल सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और  फिर इसी दिन शाम को 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। 14 जनवरी को स्थिर लग्न अर्थात महापुण्य काल मुहूर्त की बता करें तो यह मुहूर्त 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

मकर संक्रांति पर उत्तर भारत में सुबह स्नान आदि कर दान देने की परंपरा है। अगर आप कहीं जाने की स्थिति में नहीं है तो घर पर स्नान करें। वैसे नजदीक की स्नान करना शुभ होता है। ऐसा न कर पाने की स्थिति में नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान कर सकते हैं। ऐसे ज्यादातर हिंदू परिवारों में होता है। हिंदू परिवार में नहाने के बाद चावल को हाथ लगाने की परंपरा है, जिसे बाद में दान किया जाता है। इस दिन आप सूर्य की पूजा करने के साथ अन्य हिंदू धार्मिक ग्रंथों को अध्ययन भी कर सकते हैं। अपने गुरु के दिए मंत्रों को जाप भी कर सकते हैं। इस दिन कुछ शहरों में पतंग उड़ाने की भी परंपरा है।