Delhi: चांदनी चौक में हनुमान मंदिर का पुनर्निर्माण कराए केजरीवाल सरकार: भाजपा

चांदनी चौक में हनुमान मंदिर को तोड़ने का भाजपा ने विरोध किया है। पार्टी ने दिल्ली सरकार से उसी स्थान पर मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है। इस मामले को लेकर शीघ्र ही भाजपा नेता उपराज्यपाल अनिल बैजल से मुलाकात करेंगे। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि विकास के नाम पर मंदिर को तोड़ना अनुचित है। इससे हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई है, लोगों में भारी रोष है। धार्मिक मामलों की समिति के माध्यम से इस मंदिर को बचाया जा सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। वह प्रदेश कार्यालय में आयोजिउन्होंने कहा कि चांदनी चौक के सुंदरीकरण की योजना में बदलाव करके मंदिर का पुनर्निर्माण किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर से जुड़ी संस्थाएं और स्थानीय लोगों ने दिल्ली सरकार से मंदिर को बचाने की गुहार लगाई थी। मुख्यमंत्री केजरीवाल जुलाई में चांदनी चौक परियोजना का निरीक्षण करने गए थे। उस समय भी वहां के निगम पार्षद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और भाजपा नेताओं ने उनसे हनुमान मंदिर को परियोजना के नक्शे में समायोजित करने की मांग की थी। लोगों की भावनाओं का खयाल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने हाई कोर्ट में यह लिखकर दिया है कि नगर निगम और पुलिस के अधिकारी मंदिर तोड़ने में बाधा डाल रहे हैं। सरकार के लिखकर देने के बाद हाई कोर्ट ने निगम और पुलिस को इस संबंध में कार्रवाई करने का निर्देश दिया।त प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाली धार्मिक समिति को यह अधिकार है कि वह कोर्ट में मंदिर नहीं तोड़ने को लेकर अपना पक्ष रख सकती है। भाजपा उसी स्थान पर मंदिर का पुनर्निर्माण कराएगी। इस संबंध में उपराज्यपाल से मुलाकात की जाएगी। इस मौके पर प्रदेश मीडिया प्रमुख नवीन कुमार उपस्थित थे।

उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश ने चांदनी चौक में तोड़े गए हनुमान मंदिर के पुनर्निर्माण की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को तोड़ने के पीछे दिल्ली सरकार का हाथ है, क्योंकि शाहजहांनाबाद पुनर्विकास कारपोरेशन (एसआरडीसी) के नाम पर चांदनी चौक में पुनर्विकास का कार्य हो रहा है। बोर्ड को उन्होंने कई बार पत्र लिखे की चांदनी चौक में धार्मिक स्थलों से छेड़छाड़ ना की जाए। बल्कि इन्हें भी पुनर्विकास कार्य में शामिल कर इनका सुंदरीकरण करें। 9 नवंबर 2020 को भी इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखा था। महापौर ने बताया कि 8 अगस्त 2019 को दिल्ली सरकार ने एक पत्र के माध्यम से निगम को आदेश दिया था कि चांदनी चौक में जिन मंदिरों में अवैध निर्माण किया गया है उसे हटाया जाए।