हरियाणवी गायक मासूम शर्मा और जींद मुआना के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच शुरू हुआ ‘स्टेज विवाद’ अब दो दिन के अल्टीमेटम पर आ गया है। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि मासूम ने माफी की जलेबी सी उतार दी, अब सीधी माफी मांगे। एसोसिएशन के किसी 5 मेंबरों के समक्ष माफी मांग ले। माफी मांगने वाला छोटा नहीं होता और माफ करने वाला बड़ा होता है।
वहीं, मासूम शर्मा विवाद में अब मंजीत पांचाल का भी बयान आया है, कहा-ये पुट्ठी ने गाना निकाल गलत किया।
पूर्व सरपंच के प्री-प्लान से बेईज्जती कराने वाले आरोपों पर मासूम के बहनोई धरमू का कहना है कि अब राजेंद्र शर्मा ने ये अपना उल्ला सीधा करने का काम किया है। परिवार की लड़ाई को पंचायत में ले जाकर भाईचारा खराब करने का काम किया है। इसमें किसी मरे हुए अंग्रेज की आत्मा घुस गई है, जो फूट डालो राज करो वाली अपना ली है।
राजेंद्र ने एसोसिएशन को गुमराह करके इस तरह के बयान जारी किए। इसने ऐसा काम किया है कि भाईचारे को बदनाम किया है।
माफी मांगने की भी वीडियो बनाई
वहीं धरमू बोले- स्टेज विवाद को एक ही दिन बीता था, उस दिन मैं भी बाहर था। आते ही पूर्व सरपंच राजेंद्र से संपर्क किया और मासूम का बड़ा भाई व मैं भी उसके पास गए और माफी मांग ली थी, इसकी वीडियो भी बनी थी, फिर क्या कसर रह गई। पहले कह रहा था कि धरमू उसे सम्मान के साथ स्टेज पर लेकर गया और अब कह रहा है कि बेईज्जती करवाई।
राहुल पुट्ठी ने गाना निकालकर गलत किया
हरियाणवी कलाकार पंजीत पांचाल ने सोशल मीडिया पर दिए इंटरव्यू में कहा- इस चीज में राहुल पुट्ठी ने जो गाना निकाला है, गलत है, ऐसा नहीं करना चाहिए। इसके ऊपर रोटी सेकने वाला काम बिलकुल गलत है। हम आपस में सभी कलाकार भाई है। मैं आज तक कंट्रोवर्सी में आया करदा। मासूम मेरा भाई है, मासूम की तरफ से मैं माफी मांगता हूं।
यदि दोनों के हाथों में माइक है, तो वह सुन जाएगा। दूसरे के हाथ में माइक नहीं है, तो उसकी नहीं सुनेगी। अब भगवान जाने पूर्व सरपंच ने ऐसे क्या शब्द बोले हैं, कुछ न कुछ तो ऐसी बोला है। उसके (मासूम) हाथ में माइक था, वो लोगों को सुन गई। फेर उसकी क्लीप काट-काट ऐसी बना दी, जैसे बड़ा अपराध कर दिया। उस समय ऐसा बोला है, वो बातें मुंह से निकल गई। वो वहां पर शोभा नहीं देती, क्योंकि सरपंच गांव का मुखिया होता है।
गाली देना मेरे संस्कार नहीं- गजेंद्र फोगाट
हरियाणवी कलाकार एवं सीएम के ओएसडी गजेंद्र फोगाट का मीडिया में एक बार फिर बयान आया है कि उनका अपना मत हो सकता है। हमारे लिए सारे सरपंच भगवान के बराबर है। गाम राम होता है और सरपंच बड़ा सम्मानित व्यक्ति होता है और गांव का विकास करता है।
ऐसा नहीं करना चाहिए। पता नहीं अहंकार है या संस्कार। कंट्रोवर्सी पर कहा- मेरी तहजीब ही गाली देने की इजाजत नहीं देती। अपने-अपने संस्कार है सब, जैसा करेगा, वैसा भरेगा।
18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद
यह विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहन कविता व बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा और कहा कि “मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता।
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद सरपंचों ने कड़ा विरोध जताया। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। इसके बाद विवाद में प्रदेश के कई सरपंचों और सिंगरों की एंट्री हुई। सरपंचों ने जींद में पंचायत कर 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है।