जयपुर में रूसी फोटोग्राफर के फोटोशूट पर विवाद हो गया है। इस फोटोशूट में हाथी को चमकीले गुलाबी रंग में रंगा गया था, जिस पर लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
ट्रैवलिंग आर्ट फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने हाल ही इसे सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। इसके बाद इस फोटोशूट पर ऑनलाइन बहस छिड़ गई। कई लोगों ने तस्वीरों की खूबसूरती की तारीफ की, लेकिन बड़ी संख्या में यूजर्स ने हाथी के साथ इस तरह के व्यवहार को लेकर चिंता जताई। साथ ही वन्यजीवों के इस्तेमाल और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए।
प्रोफेशनल फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेव ने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा- इस शूट के लिए भारत आना पूरी तरह सार्थक था। मैंने जयपुर में 6 हफ्ते बिताए। पहले हफ्ते में शहर का पिंक रंग मेरे दिमाग में भर गया था। तब यह आइडिया आया कि हेरिटेज गेट के सामने लोकेशन पर एक गुलाबी हाथी और मॉडल का फोटोशूट किया जाए। यहां हाथी हर जगह हैं।
सड़कों पर, सजावट में, वास्तुकला में। लगभग राजस्थान का मुख्य प्रतीक। मैं इसे अपने प्रोजेक्ट में शामिल किए बिना नहीं रह सकती थी। इस फोटोशूट को मॉडल यशस्वी के साथ पूरा किया गया था।
लोकेशन के लिए जगह-जगह घूमी फाेटोग्राफर
प्रोफेशनल फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेव ने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा- यहां त्योहारों और समारोहों में हाथियों को सजाया जाता है। स्थानीय लोग उन्हें अलग-अलग रंगों से रंगते हैं। मैंने सॉलिड ब्राइट पिंक रंग चुना, जो राजस्थान में सबसे लोकप्रिय है। तैयारी काफी मुश्किल थी। मैंने कई हाथी फार्म का दौरा किया, ताकि ऐसे लोग मिल सकें, जो सहयोग करने को तैयार हों। जिस फार्म का मैनेजर सबसे समझदार लगा, वहां मैं चार बार गई, ताकि उन्हें यकीन हो सके कि मैं गंभीर हूं।
वहीं फोटोशूट की लोकेशन ढूंढना भी किसी चुनौती से कम नहीं था। हेरिटेज साइट्स, परमिशन, सरकारी प्रक्रिया। मैं सुबह-सुबह तड़के ऑटो से निकलती। खाली सड़कों और परफेक्ट मॉर्निंग लाइट की तलाश करती। ऐसी जगह ढूंढती, जो संरक्षित हेरिटेज में शामिल न हो। आखिरकार मुझे जगह मिल गई, जो भगवान गणेश का मंदिर यानी हाथी के सिर वाले भगवान का मंदिर है। जो इस शूट के लिए बिल्कुल सही रहा।
मॉडल को किया तैयार
प्रोफेशनल फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेव ने सोशल मीडिया अकाउंट पर कहा- मॉडल ढूंढना भी आसान नहीं था। भारत जैसे कंजरवेटिव समाज में किसी को आधे कपड़ों में और गुलाबी रंग में पेंट करके शूट के लिए तैयार करना मुश्किल था। मैंने दर्जनों मॉडल्स को मैसेज किया। लगभग सभी ने मना कर दिया। कई लोगों को आइडिया पसंद आया, लेकिन उन्होंने कहा- हमारे परिवार वाले समझ नहीं पाएंगे। फिर मेरी मुलाकात मॉडल यशस्वी से हुई। वह सच में बहादुर और साहसी है। जो इस फोटोशूट के लिए तैयार हुई।
जूलिया ने कहा- जो लोग हाथी को लेकर चिंतित हैं, उन्हें बता दें कि हमने ऑर्गेनिक, लोकल पेंट का इस्तेमाल किया। वही जो त्योहारों में इस्तेमाल होता है, इसलिए जानवर के लिए यह पूरी तरह सुरक्षित था। वैसे भी भारत में एक चीज जो सच में काम करती है, वह है प्रोजेक्ट की सफलता के लिए प्रार्थना करना। बाकी तरीके लगभग बेकार हैं और हमारी प्रार्थनाएं सफल हुई।
हाथी मालिक बोला- सवारी में नहीं आती थी चंचल हाथी
हाथी मालिक शादिक खान ने बताया- विदेशी मैडम फोटोशूट करने के लिए आई थी, तब चंचल हाथी को सवारी के काम में नहीं लेते थे। उसकी उम्र 65 साल की थी। 10 मिनट के शूट के लिए हम इसे लेकर गए थे और उस पर कच्चा गुलाल लगाया था, जो उसी समय पानी से निकाल दिया था। यह आम गुलाल होती है, जो होली पर भी लगाते हैं। फरवरी में चंचल का निधन हो चुका है। हम कभी नहीं चाहेंगे कि हमारे हाथियों को किसी तरह की पीड़ा हो।
वहीं हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष बल्लू खान ने बताया- इस शूट में हाथी पर कच्चा गुलाल लगाया था, जिसे 10 मिनट के शूट के बाद हाथी मालिक ने निकाल दिया था। यह पूरी बॉडी पर नहीं सिर्फ आधी बॉडी पर ही लगाया गया था।
फोटो शेयर पर लोगों की यह रही प्रतिक्रियाएं
जैसे ही इस फोटोशूट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आई, हजारों लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी। कुछ लोगों ने जहां इसे क्रिएटिव और आकर्षक बताया, लेकिन ज्यादातर यूजर्स ने इसकी आलोचना की है। एक यूजर ने लिखा- तस्वीरें सुंदर दिखाने के लिए हाथी को तकलीफ देना गलत है। इसके लिए AI का इस्तेमाल किया जा सकता था। वहीं दूसरे ने कहा- ऑर्गेनिक रंग होने का मतलब यह नहीं कि पूरे जानवर को रंग दिया जाए, हाथियों की त्वचा संवेदनशील होती है।
हालांकि काफी यूजर्स ने कलाकार की भावना की सराहना की, लेकिन तरीके पर सवाल उठाए। एक कमेंट में लिखा गया- अच्छा लगा कि आपको जयपुर पसंद आया, लेकिन अगली बार हाथी को रंगना मत।