ईरान में शांति बरकरार रखना चुनौती, शरीफ ने वेंस समेत किसे दिया न्योता?

अमेरिका और ईरान के बीच करीब छह हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद युद्धविराम हो गया। अमेरिका ने मध्यस्थता कराने में पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान को शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद आने का न्योता दिया है। यह संभावित बैठक शुक्रवार, 10 अप्रैल को आयोजित की जा सकती है, जिसे क्षेत्र में जारी संघर्ष को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस उच्चस्तरीय बैठक में अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, उनके दामाद जेरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि जेडी वेंस इस समय हंगरी के दौरे पर हैं और उनके मौजूदा विदेश दौरे के कार्यक्रम में इस्लामाबाद को भी जोड़ा जा सकता है।

पाकिस्तानी पीएम ने दी इसकी जानकारी 

इसकी जानकारी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी देश मौजूदा हालात को देखते हुए तत्काल युद्धविराम के लिए सहमत हो गए हैं। अपने संदेश में शरीफ ने कहा कि यह युद्धविराम लेबनान समेत अन्य प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत प्रभाव से लागू होगा, जो क्षेत्र में हिंसा को रोकने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

इस्लामाबाद वार्ता का उद्देश्य

प्रधानमंत्री शरीफ के अनुसार, इस वार्ता का मुख्य लक्ष्य अमेरिका और ईरान के बीच सभी लंबित विवादों को सुलझाने के लिए एक निर्णायक समझौते तक पहुंचना है। पाकिस्तान ने दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों को आमने-सामने बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, जिससे संवाद के जरिए समाधान निकालने की कोशिश की जा सके।

ईरान को अमेरिका में कौन पसंद?

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने अमेरिकी प्रशासन को संकेत दिया है कि वह स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ बातचीत के पक्ष में नहीं है। इसके पीछे कारण पिछली वार्ताओं की विफलता और उसके बाद हुई सैन्य कार्रवाइयों को माना जा रहा है, जिससे ईरान में इन अधिकारियों के प्रति भरोसे की कमी बनी है।

इसके उलट, ईरान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को एक अधिक संतुलित और कूटनीतिक दृष्टिकोण वाला नेता मानता है। ईरान को उम्मीद है कि वेंस की भागीदारी से बातचीत अधिक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकती है और संघर्ष को समाप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।

पिछली वार्ताओं की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि फरवरी 2026 में जेनेवा में ओमान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता हुई थी, जिसमें स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल थे। शुरुआती स्तर पर कुछ प्रगति के संकेत मिले थे, लेकिन इसके तुरंत बाद अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई किए जाने से हालात बिगड़ गए। ईरान ने इस घटनाक्रम को विश्वासघात माना और इसके बाद विटकॉफ व कुशनर के साथ आगे बातचीत से इनकार कर दिया। यही कारण है कि इस बार ईरान एक नए चेहरे जेडी वेंस के साथ वार्ता को प्राथमिकता दे रहा है।