राजधानी लखनऊ में रविवार से नौ दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ होने जा रहा है। सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज 1 जून से 9 जून तक प्रतिदिन श्रद्धालुओं को श्रीराम कथा का श्रवण कराएंगे। कथा को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और आयोजन स्थल को धार्मिक व सांस्कृतिक भव्यता से सजाया गया है। आयोजन समिति के अनुसार कथा प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक होगी।
कथा स्थल पर विशाल पंडाल बनाया गया है, जहां हजारों श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था की गई है। आयोजन का मुख्य आकर्षण अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया भव्य मंच है। बंगाल के कारीगरों ने व्यासपीठ के पीछे श्रीराम मंदिर की आकर्षक प्रतिकृति तैयार की है, जो श्रद्धालुओं को रामनगरी की अनुभूति कराएगी
मुख्यमंत्री योगी ने किया था पोस्टर का विमोचन
कथा आयोजन से पहले विधायक डॉ. नीरज बोरा के नेतृत्व में आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम का निमंत्रण दिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीराम मंदिर की अनुकृति पर आधारित कथा मंच के पोस्टर का विमोचन करते हुए आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी थीं।
मुख्यमंत्री योगी ने किया था पोस्टर का विमोचन
कथा आयोजन से पहले विधायक डॉ. नीरज बोरा के नेतृत्व में आयोजन समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें कार्यक्रम का निमंत्रण दिया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्रीराम मंदिर की अनुकृति पर आधारित कथा मंच के पोस्टर का विमोचन करते हुए आयोजन के लिए
राम कथा के जरिए मिलेगा संस्कृति और संस्कारों का संदेश
आयोजकों का कहना है कि कथा के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, राष्ट्रभक्ति, पारिवारिक मूल्यों और सनातन संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी और शास्त्रीय व्याख्यान शैली के लिए देशभर में प्रसिद्ध हैं। उनकी कथा सुनने के लिए उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं
आयोजन स्थल पर सुरक्षा, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था की गई है। समिति ने श्रद्धालुओं से समय से पहुंचकर कथा का लाभ लेने की अपील की है। आयोजन समिति के राकेश पांडेय, संजीव अग्रवाल, श्यामजी अग्रवाल, सुनील अग्रवाल और मनोज अग्रवाल सहित अन्य पदाधिकारी कथा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। आयोजकों के अनुसार यह आयोजन राजधानी के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में से एक होगा, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।