मेरठ में 17 साल की नेशनल कबड्‌डी खिलाड़ी की हत्या:3600 रुपए के लिए वारदात, 45 दिन बाद पुलिस चौकी के पास मिला शव

मेरठ में नेशनल महिला कबड्डी खिलाड़ी अनुष्का पाल (17) की हत्या कर दी गई। फास्टफूड की दुकान चलाने वाले आरोपी ने 3600 रुपए के लिए वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने 15 अप्रैल को अनुष्का को किडनैप किया। उसी रात पुलिस चौकी से 200 मीटर दूर ईंट से सिर कूचकर हत्या कर दी। फिर लाश को नाले में फेंककर फरार हो गया।

पुलिस ने डेढ़ महीने बाद रविवार को मामले का खुलासा किया। एडीजी भानु भास्कर और SSP अविनाश पांडेय ने बताया- कंकरखेड़ा इलाके से लापता होने के बाद परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चला। 28 अप्रैल को पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने कॉल डिटेल्स के आधार पर संदिग्ध की पहचान की, जिससे उसकी आखिरी बार बात हुई थी।

उसकी लोकेशन चंडीगढ़ में मिली। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा। शनिवार को जब पुलिस ने सख्ती बढ़ाई तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद किया। शव कंकाल बन चुका था। पुलिस ने परिवार

पुलिस ने उसकी निशानदेही पर शव को नाले से बरामद किया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।

अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए-

  • मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के चिरौड़ी गांव के रहने वाले नेमपाल की बेटी अनुष्का नेशनल कबड्डी खिलाड़ी थी। गांव में रहकर प्रैक्टिस करने में दिक्कत होने के कारण वह मेरठ आ गई थी। 2 साल से कंकरखेड़ा इलाके के शोभापुर में भाई अनमोल के साथ किराए के कमरे में रह रही थी। कबड्‌डी के साथ 12वीं की पढ़ाई भी कर रही थी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थी।
  • पुलिस के मुताबिक, अनुष्का के कमरे के पास देहरादून के रहने वाले आरोपी श्याम धानक की फास्टफूड की दुकान थी। अनुष्का अक्सर वहां जाती थी। इस दौरान उसका 3600 रुपए उधार हो गया। श्याम लगातार पैसा मांग रहा था। 15 अप्रैल की रात 11 बजे श्याम ने अनुष्का को फोन कर शोभापुर पुलिस चौकी के पास बुलाया। पैसे मांगे तो अनुष्का ने कुछ दिन की मोहलत मांगी।
  • आरोपी श्याम जिद पर अड़ा रहा। दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई। बात इतनी बढ़ी कि श्याम बौखला गया। उसने ईंट उठाकर उसके सिर पर वार कर दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी ने शव को शोभापुर पुलिस चौकी से करीब 50 मीटर दूर नाले में फेंक दिया, ताकि पुलिस को शक न हो सके। इसके बाद आरोपी श्याम चंडीगढ़ भाग गया।
  • पुलिस के मुताबिक, अनुष्का के घर न लौटने पर भाई अनमोल ने उसे फोन किया, लेकिन कॉल नहीं लगी। इसके बाद परिजनों को इसकी जानकारी दी गई। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। 28 अप्रैल को कंकरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

बोरे में भरकर फेंका शव, आधा गलकर कंकाल बना

पुलिस का कहना है कि शव को बोरे में भरकर फेंका गया था। कीचड़ में धसने के कारण बोरा ऊपर नहीं आ सका। इससे किसी को भी शव का पता नहीं चला। डेढ़ महीने बीत जाने की वजह से शव करीब 50% तक गलकर कंकाल में बदल गया

पिता बोले- मोबाइल में फोटो दिखाकर पहचान कराई

पिता नेमपाल का कहना है कि पुलिस ने हमें मोबाइल में फोटो दिखाया और कहा कि यह अनुष्का का शव है। लाश की हालत देखकर कुछ समझ नहीं आ रहा था। उन्होंने कहा कि जिस आरोपी को अब गिरफ्तार किया गया है। उससे शुरुआत में भी पूछताछ की गई थी, लेकिन तब उसे छोड़ा दिया गया था।

गाजियाबाद में टू खेलने गई थी अनुष्का

अनुष्का की हत्या की जानकारी मिलते ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता नेमपाल ने बताया- आखिरी बार अनुष्का गाजियाबाद में कबड्डी प्रतियोगिता खेलने गई थी। वहां उसने 60 हजार रुपए पुरस्कार के रूप में भी जीते थे। उस समय अनुष्का ने बताया था कि उसकी सहेली की मां की तबीयत खराब थी, जिसके कारण उसने वह पैसे उसे दे दिए थे।

उन्होंने बताया- अनुष्का जब भी मेडल जीतकर घर लौटती थी तो पूरा गांव झूम उठता था। परिवार में खुशी का माहौल रहता था। सभी को उम्मीद थी कि उनकी बेटी आगे चलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी। लेकिन, आरोपी ने सिर्फ 3600 रुपये के लिए उसकी जान ले ली।

2024 में जमानत पर आया था आरोपी

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी फास्टफूड संचालक श्याम पर पहले भी एक महिला की हत्या का आरोप लग चुका है। वह साल 2024 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। पिछले दो साल से रोहटा रोड पर फास्टफूड की दुकान चला रहा था। अनुष्का की हत्या के बाद से उसकी दुकान बंद पड़ी है।