सलीम कुमार के अंतिम संस्कार में पैपराजी पर भड़के बेटे:बोले- हमें शांति से अंतिम विदाई देने दें; कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ था

नेशनल फिल्म अवार्ड विजेता मलयालम अभिनेता सलीम कुमार का अंतिम संस्कार रविवार को केरल के एर्नाकुलम जिले में स्थित उनके आवास पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सलीम कुमार का निधन शनिवार को हुआ था। अंतिम संस्कार के दौरान वहां भारी भीड़ और पेपराजी की मौजूदगी से उनके बड़े बेटे चंदू असहज हो गए।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो के मुताबिक, चंदू ने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स और कैमरामैन पर नाराजगी जताई। उन्होंने मीडिया से पीछे हटने और परिवार को शांति से अंतिम विदाई देने की अपील की।

अंतिम संस्कार के समय कैमरामैन पर भड़के बेटे सलीम कुमार के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके रिश्तेदारों, करीबी दोस्तों और प्रशंसकों की भारी भीड़ उत्तरी परवूर स्थित उनके घर पर जमा हुई थी। इस दौरान वहां बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी भी मौजूद थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि भीड़ और कैमरों से घिरे होने के कारण अभिनेता के बड़े बेटे चंदू काफी परेशान हो गए।

उन्होंने वहां मौजूद फोटोग्राफर्स से दूरी बनाने को कहा। चंदू ने तेज आवाज में मीडिया से अपील की कि वे पीछे हट जाएं ताकि परिवार के लोग शांति से अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कर सकें।

पीएम मोदी ने जताया दुख पीएम मोदी ने अभिनेता सलीम कुमार को एक ऐसे बेहतरीन कलाकार के रूप में याद किया जो हर तरह के रोल में आसानी से ढल जाते थे। एक्स (ट्विटर) पर अपनी बात साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा:

“दिग्गज एक्टर श्री सलीम कुमार जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। अपने शानदार करियर के दौरान, उन्होंने अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाकर और अपनी यादगार एक्टिंग से लोगों के दिलों पर एक खास छाप छोड़ी। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और उनके अनगिनत चाहने वालों के साथ हैं। ओम शांति।”

300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया

सलीम कुमार मलयालम सिनेमा के फेमस एक्टर थे। उन्होंने तीन दशक से अधिक लंबे करियर में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उन्होंने मुख्य रूप से मलयालम फिल्मों में एक्ट किया। साथ ही कुछ तमिल (मरयां) और ओडिया (ऊंगा) फिल्मों में भी नजर आए।

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कॉमिक रोल से की और अपनी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और डायलॉग डिलीवरी के लिए जाने गए। बाद में उन्होंने खुद को कैरेक्टर एक्टर के तौर पर स्थापित किया।

केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हुए

सलीम कुमार 2010 में ‘आदामिन्टे मकन अबू’ में अबू की भूमिका के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। इसके अलावा ‘अचनुरंगथा वीडु’ (2005) के लिए द्वितीय सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, ‘अयालुम न्जानुम थम्मिल’ (2013) के लिए सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता और ‘करुथा जूथन’ (2017) के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानी का केरलम राज्य फिल्म पुरस्कार भी मिला।

सलीम कुमार के परिवार में उनकी पत्नी सुनीता, दो बेटे चंदू सलीम कुमार और आरोमल सलीम कुमार हैं। चंदू सलीम कुमार भी एक्टर हैं। चंदू सुपरहिट फिल्म मंजुम्मेल बॉयज (2024) में दिखाई दिए थे।

डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था

सलीम कुमार ने डबिंग आर्टिस्ट के रूप में भी काम किया था। उन्होंने फिल्म ‘ओम शांति ओशाना’ में बतौर नैरेटर अपनी आवाज दी थी। वहीं, ‘यूटोपियायिले राजावु’ में उन्होंने एक कौवे के किरदार को आवाज दी। फिल्म ‘अलमारा’ में उन्होंने लकड़ी की अलमारी के किरदार के लिए डबिंग की थी।

इसके अलावा ‘केशु ई वीडिंटे नाधन’ में उन्होंने नैरेटर की भूमिका निभाई। वहीं, ‘मुकुंदन उन्नी एसोसिएट्स’ में उन्होंने मुख्य किरदार मुकुंदन के दादा की आवाज दी थी।