‘यह पुरुष प्रधान देश है’ कहने पर SHO-ASI सस्पेंड हुए:पंचकूला में दहेज पीड़िता बोली- SI ससुर ने ₹6 लाख लिए, फिर भी FIR में नाम नहीं

हरियाणा के पंचकूला में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को मंत्री कृष्णलाल पंवार ने महिला थाना की SHO और ASI को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान उससे कहा गया, “यह पुरुष प्रधान देश है, यहां महिलाओं को सब कुछ सहना पड़ता है।”

सुनवाई के दौरान गवाह को कार्रवाई की चेतावनी वाला नोटिस भेजने, जांच में लापरवाही बरतने और आरोपियों के नाम केस से हटाने को लेकर मंत्री ने दोनों पुलिस अधिकारियों के तत्काल सस्पेंशन के आदेश दिए।

पीड़िता मनीषा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- उसके ससुर सतेंद्र कुमार यमुनानगर CIA में सब-इंस्पेक्टर (SI) के पद पर तैनात हैं। इसी वजह से पुलिस ने उनका नाम केस से हटा दिया। मनीषा का दावा है कि 6 लाख रुपए उसके ससुर ने ही लिए थे, लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी सास को भी मामले में आरोपी नहीं बनाया।

अब जानिए पति और ससुराल से विवाद की पूरी कहानी…

  • 2023 में हुई थी शादी: मनीषा ने बताया कि उसने एमकॉम, बीएड और MA सोशियोलॉजी की पढ़ाई कर रखी है। उसका PHD एडमिशन के लिए भी क्वालीफाई हो गया है। उसकी शादी वर्ष 2023 में जगाधरी निवासी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर भूपेश से हुई थी। शादी के अगले ही दिन उसकी सास ने ताना देते हुए कहा, “तू कुछ लेकर नहीं आई। हमारे हिसाब से तेरे पिता ने शादी ही नहीं की।”
  • सास के कहने पर पति ने की मारपीट: मनीषा का आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद पति भूपेश ने अपनी मां के कहने पर उसके साथ मारपीट की। जब परिवार को प्लॉट खरीदना था, तब उससे कहा गया कि वह अपने पिता से 6 लाख रुपए लेकर आए। जब उसने यह बात अपने पिता को बताई तो उन्होंने पंचकूला बुलाकर उसके ससुर सतेंद्र को 6 लाख रुपए दे दिए।
  • इसके बाद 10 लाख रुपए की मांग: मनीषा के अनुसार, 6 लाख रुपए मिलने के कुछ दिन बाद ही उसकी सास ने 10 लाख रुपए और लाने की मांग की। जब उसके पिता ने यह रकम देने से इनकार कर दिया, तो ससुराल वाले उसे पंचकूला स्थित मायके छोड़ गए। इसके कुछ दिन बाद ही उसके सभी नंबर ब्लॉक कर दिए गए और उसके खिलाफ तलाक का केस दायर कर दिया गया। जब वह पति के बैंक पहुंची तो उसने पुलिस बुला ली।
  • पिता बोले- सगाई में भी 85 लोग लेकर आए थे: मनीषा के पिता सुरेश कुमार ने बताया कि सगाई में भी लड़के पक्ष के 85 लोग आए थे। सभी को शगुन देने के लिए उनसे 500-500 रुपए दिलवाए गए। शादी में भी 265 लोगों का सम्मान कराया गया। इसके बावजूद बाद में उनकी बेटी को प्रेशर कुकर जैसी छोटी-छोटी चीजों को लेकर ताने दिए गए।
  • दामाद के भाई के लिए भी मांगी गई सोने की चेन: सुरेश कुमार का आरोप है कि मनीषा के ससुर सतेंद्र ने अपने दूसरे बेटे के लिए सोने की चेन, मनीषा की सास के लिए सोने का सेट, बेटे भूपेश के लिए सोने की चेन और सोने का कड़ा, जबकि अपने साढ़ुओं के लिए सोने की अंगूठियां मांगी थीं। शादी के दौरान यह सभी सामान उन्होंने दिया था।
  • 4 पॉइंट में समझिए ASI और SI के सस्पेंशन की वजह
  • 1. जांच में ससुर का नाम हटाने का आरोप

    मनीषा के अनुसार, उसने महिला थाना पंचकूला में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमारी ने उसके ससुर सतेंद्र का नाम केस से हटा दिया और सास को भी आरोपी नहीं बनाया। जबकि 6 लाख रुपए ससुर ने लिए थे और उसकी पिटाई सास के कहने पर हुई थी। उसने इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच अधिकारी को सौंपी थी।

    2. SHO की शिकायत, जांच जूनियर अधिकारी को सौंपने का आरोप

    मनीषा का आरोप है कि जब उन्होंने इंस्पेक्टर राजेश कुमारी के खिलाफ DCP और ACP से शिकायत की तो जांच ASI कविता को सौंप दी गई। ASI कविता ने उनसे कहा कि “पुरुष प्रधान देश में महिलाओं को इतना तो सहना पड़ता है।” विरोध करने पर जांच SI नेहा सिंधू को सौंप दी गई।

    3. SI बोलीं- सीनियर की रिपोर्ट नहीं बदल सकती

    मनीषा का कहना है कि उन्होंने SI नेहा सिंधू को 6 लाख रुपए के लेन-देन और मारपीट से जुड़े सबूत भी दिए। इसके बावजूद SI ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी सीनियर अधिकारी की रिपोर्ट में बदलाव नहीं कर सकती।

    4. SHO पर गवाह को डराने का आरोप

    मनीषा और उसके पिता ने मंत्री कृष्णलाल पंवार को बताया कि पुलिस ने उनके गवाह को नोटिस भेजकर कार्रवाई की चेतावनी दी। उनका आरोप है कि जब गवाह थाने पहुंचा तो SHO ने उसे डराकर उसके बयान दर्ज करवा लिए।

  • अब जानिए ग्रीवेंस मीटिंग में क्यों नाराज हुए मंत्री…

    • गवाह को कार्रवाई की चेतावनी: SHO ने मुख्य गवाह सतपाल को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा था। नोटिस में काउंसलिंग के लिए उपस्थित नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। मंत्री कृष्णलाल पंवार ने इसे गवाह को डराने का प्रयास मानते हुए इस पर कड़ी आपत्ति जताई।
    • पीड़िता से कहा- ‘यह पुरुष प्रधान देश है’: पीड़िता का आरोप है कि जांच अधिकारी ASI कविता ने कार्रवाई करने के बजाय उससे कहा, “यह पुरुष प्रधान देश है। यहां महिलाओं को सब कुछ सहना पड़ता है।” मंत्री ने इस टिप्पणी को बेहद असंवेदनशील बताते हुए नाराजगी जताई।
    • ACP से पूछा- क्या नोटिस की भाषा सही थी?: ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में मंत्री कृष्णलाल पंवार ने ACP रामकुमार से पूछा कि क्या पुलिस के नोटिस की भाषा उचित थी। इस पर ACP ने स्वीकार किया कि नोटिस में ऐसी भाषा नहीं होनी चाहिए थी। इसके बाद मंत्री ने कहा कि इसी वजह से वह SHO राजेश कुमारी और ASI कविता को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर रहे हैं।
    • DCP के प्रयास भी नहीं आए काम: बैठक के दौरान DCP अदिति ने पहले मामले की जांच पूरी होने और उसके बाद सस्पेंशन की कार्रवाई करने का आग्रह किया। हालांकि मंत्री ने स्पष्ट कहा कि संबंधित अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाना जरूरी है। उन्होंने दोनों को तत्काल सस्पेंड करने और उनका मुख्यालय भोंडसी निर्धारित करने के आदेश दिए। साथ ही कहा कि यदि जांच में वे निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें बहाल कर दिया जाए।