‘मां-बाप की हत्या का कोई पछतावा नहीं’:गाजियाबाद में डबल मर्डर करने वाला बेटा बोला-पत्नी ताने देती थी, इसलिए मारा

गाजियाबाद में 20 जुलाई की रात मां-बाप की पीट-पीटकर हत्या करने वाले दोनों बेटे दीपक और ललित जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं। क्रासिंग रिपब्लिक पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मां-बाप की हत्या पूरी प्लानिंग के तहत की गई थी। हत्या का प्लान शराब के नशे में एक दिन में नहीं बना, बल्कि छोटा बेटा ललित पिछले तीन साल से अपने मां-बाप से नफरत करता था।

पुलिस पूछताछ में दोनों ने कहा- हत्या का कोई दुख या पछतावा नहीं है। पत्नी और ससुराल वाले ताने देते थे इसलिए मां-बाप को मारा। बेटों का कहना है कि छह महीने में जेल से बाहर आ जाएंगे।

बच्चे की मौत के बाद मां-बाप से नफरत करने लगा ललित

क्रासिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र के भीमनगर में रहने वाले गंगासरण (55) अपनी पत्नी विमलेश के साथ पिछले 25 साल से रह रहे थे। वह मूल रूप से बुलंदशहर के बीबीनगर थाना क्षेत्र के सठला गांव के निवासी थे।

गंगासरण की बड़ी बेटी दीपिका की 17 साल पहले मनोज के साथ शादी हुई थी और वह अपनी ससुराल में रहती हैं। दूसरे नंबर पर बड़ा बेटा दीपक है। दीपक की शादी मई 2020 में बुलंदशहर निवासी मोनिका से हुई थी। उसके दो बेटे हैं। पत्नी फिलहाल विवाद के चलते अपने मायके बुलंदशहर में रह रही है।

तीसरे नंबर पर बेटी ज्योति है, जिसकी शादी आठ साल पहले गाजियाबाद निवासी संजय के साथ हुई थी। सबसे छोटा बेटा ललित है, जिसने मई 2020 में विजयनगर निवासी सोनी से लव मैरिज की थी। गाजियाबाद में सोमवार (20 जुलाई) की रात गंगासरण (55) विमलेश की हत्या उनके बेटे दीपक और ललित ने पीट-पीटकर कर दी थी।

प्रेग्नेंट पत्नी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, बच्चे की मौत

पुलिस पूछताछ में ललित ने बताया- तीन साल पहले पत्नी की डिलीवरी होनी थी। अपनी मां विमलेश और पिता गंगासरण से कहा था कि पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराएं, लेकिन दोनों नहीं माने। उन्होंने पत्नी सोनी को गाजियाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां जन्म के बाद बच्चे की मौत हो गई।

नवजात बेटे की मौत के बाद पत्नी और ससुराल वाले ताने देने लगे। पत्नी कहती थी- तुम्हारे मां-बाप ने मुझे सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, इसलिए बच्चे की मौत हो गई। यहीं से मेरे मन में मां-बाप के प्रति नफरत पैदा हो गई।

भाई से कहता था- इन मां-बाप का क्या करेंगे

पुलिस ने बताया- मां-बाप की हत्या की पूरी योजना ललित ने बनाई थी। उसने अपने बड़े भाई दीपक को भी इसमें शामिल कर लिया। दोनों भाई अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे, जबकि मां-बाप उन्हें शराब छोड़ने की नसीहत देते थे। दोनों भाइयों में कभी आपसी झगड़ा नहीं होता था और दोनों एक-दूसरे की हर बात का समर्थन करते थे।

पूछताछ में दोनों ने बताया- एक साल पहले कर्ज उतारने के लिए मां विमलेश के करीब पांच लाख रुपये के जेवर बेच दिए थे। उस दौरान भी पिता से मारपीट हुई थी। बचाव में आई मां से भी कहा था- हम यह घर छोड़कर चले जाएंगे, हमारा इस घर में कुछ नहीं है।

हत्या के बाद इसलिए नहीं भागे

दीपक ने पुलिस को बताया- 20 जुलाई की शाम से ही शराब पी रहे थे। ललित का जन्मदिन था। घर में मां ने कीर्तन कराया था। इसके बाद दोस्तों के साथ क्रासिंग रिपब्लिक में शराब पीने गए और वहीं केक काटा। रात में घर लौटने पर मां-बाप से विवाद हो गया।

ऊपर जाने वाली सीढ़ियों का गेट बंद कर दिया था, ताकि किरायेदार जगवीर वहां न आ सके। मुख्य गेट भी अंदर से बंद कर दिया था। भागने की योजना नहीं थी। सोचा था सुबह गेट खोलकर लोगों से कहेंगे कि मां-पिता के बीच झगड़ा हुआ और उसी में दोनों की मौत हो गई।

हमने प्लान किया था कि लोगों को बताएंगे कि हम अलग कमरे में सो रहे थे। मां-बाप की पीट-पीटकर इसलिए हत्या की, ताकि शरीर पर धारदार हथियार के निशान न हों। इसका मकसद घटना को आपसी झगड़े का रूप देना था।

बहन नहीं देगी गवाही

पुलिस ने बताया- जेल ले जाते समय दोनों आरोपियों ने कहा- हत्या का कोई पछतावा नहीं है। छह महीने में जेल से बाहर आ जाएंगे और बहन भी उनके खिलाफ कोर्ट में गवाही नहीं देंगी।