पटना में डेंगू के बढ़ते मामलों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार डेंगू से बचाव के लिए पहली बार पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में जापान से आई वैक्सीन उपलब्ध होगी। 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को दो डोज में यह वैक्सीन दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने जिले के 18 इलाकों को डेंगू संवेदनशील (हॉटस्पॉट) घोषित किया है। इन क्षेत्रों में प्रतिदिन तीन बार फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और घर-घर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विभाग का अनुमान है कि बारिश के बाद अगस्त के दूसरे सप्ताह से डेंगू मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो सकती है।
PMCH में बनेगा विशेष टीकाकरण केंद्र
PMCH में डेंगू वैक्सीन लगाने के लिए एक विशेष टीकाकरण केंद्र स्थापित किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन इसकी तैयारियों में जुट गया है। अस्पताल परिसर में लोगों को वैक्सीन से जुड़ी जानकारी देने के लिए बैनर, पोस्टर और प्रचार सामग्री भी लगाई जाएगी।
निर्देश के मुताबिक, 4 से 60 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को 0.5 एमएल की पहली (प्राइमरी) डोज दी जाएगी। इसके बाद तय अंतराल पर दूसरी यानी बूस्टर डोज लगाई जाएगी। दोनों डोज पूरी होने के बाद ही टीकाकरण प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी।
अगस्त से बढ़ता है डेंगू का खतरा- डॉ. राजीव कुमार सिंह
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया, ‘पिछले सात-आठ वर्षों में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। इसी स्थिति को देखते हुए वैक्सीन की उपलब्धता के साथ-साथ अस्पताल में इलाज की सुविधाओं को भी मजबूत किया जा रहा है।’
पटना के 18 इलाके घोषित हुए डेंगू हॉटस्पॉट
पटना सिविल सर्जन कार्यालय ने जिले के 18 इलाकों को डेंगू संवेदनशील घोषित किया है। इनमें बाजार समिति, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, गर्दनीबाग, राजीवनगर, शास्त्रीनगर, PMCH के आसपास का इलाका, चमारीचक (दानापुर), फुलवारीशरीफ, इंद्रपुरी, कुम्हरार, जक्कनपुर, भागवत नगर, भीखनापहाड़ी, आलमगंज, बांकीपुर, मैनपुरा, महेंद्रू और ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं।
इन सभी क्षेत्रों में प्रतिदिन तीन बार फॉगिंग कराई जाएगी। इसके अलावा मच्छरों के लार्वा को खत्म करने के लिए एंटी-लार्वा दवा का नियमित छिड़काव भी होगा। इसके लिए सिविल सर्जन कार्यालय और पटना नगर निगम के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
जहां मरीज मिलेगा, वहां तुरंत पहुंचेगी टीम
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिस इलाके में डेंगू का नया मरीज मिलेगा, वहां तुरंत स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजी जाएगी। टीम प्रभावित क्षेत्र में एंटी-लार्वा छिड़काव कराएगी और आसपास के घरों का सर्वे करेगी। इसके साथ ही लोगों को डेंगू के लक्षण, बचाव और घरों में पानी जमा नहीं होने देने के बारे में जागरूक किया जाएगा।
जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ई-रिक्शा और ऑटो के माध्यम से भी लोगों तक संदेश पहुंचाया जाएगा। मोहल्लों में लगातार माइकिंग कर लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने और पानी जमा नहीं होने देने की अपील की जाएगी।
जुलाई में मिले 11 मरीज, अगस्त में बढ़ सकता है खतरा
इस वर्ष पटना में जनवरी से ही डेंगू के मरीज सामने आने लगे थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हर महीने औसतन 8 से 10 मामले दर्ज किए गए हैं। जुलाई में अब तक 11 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें बाजार समिति, कंकड़बाग, राजीवनगर, महेंद्रू और ट्रांसपोर्ट नगर सहित कई इलाकों के मरीज शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों का प्रजनन तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में अगस्त के दूसरे सप्ताह से डेंगू मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। इसी संभावना को देखते हुए अभी से विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
सरकारी अस्पतालों में बढ़ाई गई तैयारी
संभावित मरीजों की संख्या को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में विशेष डेंगू वार्ड तैयार किए गए हैं। PMCH में पहले 10 बेड का डेंगू वार्ड था, जिसे बढ़ाकर 20 बेड कर दिया गया है। इनमें पांच बेड वेंटिलेटर सुविधा से लैस हैं।
इसके अलावा IGIMS, AIIMS पटना और NMCH में भी डेंगू मरीजों के लिए 10-10 बेड आरक्षित रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या और बढ़ाने की भी तैयारी है।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों में भी डेंगू जांच किट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य शुरुआती स्तर पर मरीजों की पहचान कर समय पर इलाज उपलब्ध कराना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच पूरी तरह नि:शुल्क होगी।