राजस्थान में आमजन को सस्ते आवास देने के लिए सरकार ने राजस्थान हाउसिंग बोर्ड प्रशासन ने ” हमारा प्रयास-सबको आवास” का नारा दिया था। लेकिन लगातार जमीनों की बढ़ती आरक्षित दरें अब इस नारे को फेल साबित कर रही हैं। क्योंकि बोर्ड प्रशासन ने एक बार फिर प्रदेश में बसाई कॉलोनियों की आरक्षित दरों में इजाफा किया है। ये बढ़ोतरी 47 फीसदी तक की है।
हाउसिंग बोर्ड से जारी नई दरों में सबसे ज्यादा कीमतें जयपुर की वाटिका योजना में बढ़ाई हैं। इस योजना पहले जिस जमीन की आरक्षित दर 7045 रुपए प्रति वर्गमीटर थी, उसे बढ़ाकर अब 10,370 रुपए प्रति वर्गमीटर (47 फीसदी का इजाफा) कर दिया है।
इसी तरह जगतपुरा स्थित इंदिरा गांधी नगर की आरक्षित दरों में 14.70 फीसदी की बढ़ोतरी की है। यहां पहले आरक्षित दर 23,850 रुपए थी, जो अब बढ़कर 27,355 रुपए प्रति वर्गमीटर हो गई। सांगानेर, प्रताप नगर योजना में आरक्षित दर 23,870 रुपए प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर 25,900 रुपए कर दी।
यहां बढ़ी 10 फीसदी से ज्यादा दरें
ब्यावर की गढ़ी थोरियान योजना में करीब 12 फीसदी की बढ़ोतरी की है। यहां पहले आरक्षित दर 13500 रुपए थी, जो अब बढ़कर 15095 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी। धौलपुर के बाड़ी रोड स्थित योजना में 22 फीसदी दरें बढ़ाकर 16,305 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी, जो पहले यहां 13,360 रुपए प्रति वर्गमीटर थी।
बीकानेर के शिव बाड़ी योजना में जमीनों की दरें 5470 से बढ़ाकर 7105 (करीब 30 फीसदी) रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी। हनुमानगढ़ डीटीओ में बसाई योजना में भी बोर्ड ने आरक्षित दरें 11605 से बढ़ाकर 12910 (11.24 फीसदी) कर दी।
हाड़ौती की योजनाओं में 34 फीसदी तक बढ़ी दरें
कोटा स्थित मांगरोल हाउसिंग योजना में दरें जहां पहले 5655 रुपए थी, वह (9.54 फीसदी) बढ़कर अब 6195 रुपए प्रति वर्गमीटर, स्वामी विवेकानंद योजना में 19,670 से बढ़ाकर 21,455 रुपए (9 फीसदी) प्रति वर्गमीटर, कुन्हारी में 25,380 से बढ़ाकर 33,890 (33.53 फीसदी) की बढ़ोतरी की है।
इसी तरह बूंदी के लाखेरी हाउसिंग योजना में 3420 से बढ़ाकर 4020 प्रति वर्गमीटर (17.54 फीसदी), नैंनवा स्कीम में 8965 रुपए से बढ़ाकर 10,015 (11.71 फीसदी) और बारां जिले की गजनपुरा योजना में 7765 से बढ़ाकर 8745 रुपए प्रति वर्गमीटर ( 12.62फीसदी) कर दी है।