DEO के आदेश के बाद भी स्कूल नहीं शिफ्ट हुआ:आनंदपुर में छात्र, 12 किमी दूर बासमत्ता में शिक्षक, पढ़ाई ठप, बिना क्लास घर लौट रहे छात्र

जमुई (लक्ष्मीपुर)। कागज पर आदेश जारी हो चुका है, लेकिन जमीन पर तस्वीर अब भी नहीं बदली है। लक्ष्मीपुर प्रखंड के उच्च माध्यमिक विद्यालय आनंदपुर में पढ़ाई का संकट लगातार बना हुआ है।

जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) धनंजय कुमार पासवान ने 22 जुलाई को विद्यालय को उसके मूल परिसर में संचालित करने का लिखित आदेश जारी किया था, लेकिन एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आदेश का पालन नहीं हुआ।

दैनिक भास्कर की टीम जब आनंदपुर और वहां से करीब 12 किलोमीटर दूर बासमत्ता पहुंची तो पाया कि विद्यालय का संचालन अब भी पुराने स्थान से ही हो रहा है।

आनंदपुर पहुंचने वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षक नहीं मिल रहे हैं, जबकि अधिकांश शिक्षक बासमत्ता परिसर में मौजूद थे।

आनंदपुर में बच्चे, बासमत्ता में शिक्षक

आनंदपुर परिसर में कई कक्षाएं खाली मिलीं। विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक कुल 216 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान सिर्फ 26 विद्यार्थी ही उपस्थित मिले।

वहीं, बासमत्ता परिसर में 13 शिक्षक, एक प्रधानाध्यापक और एक लिपिक के पदस्थापन वाले इस विद्यालय के कई शिक्षक परिसर में घूमते दिखाई दिए। छात्रों का कहना था कि वे रोज स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन पढ़ाई नहीं हो पाती और उन्हें वापस लौटना पड़ता है।

छात्र बोले- परीक्षा नजदीक, पढ़ाई नहीं हो रही

विद्यालय की छात्रा पूजा कुमारी, 11वीं की छात्रा राजनंदनी और 10वीं के छात्र अंकित कुमार ने बताया कि परीक्षा नजदीक है, लेकिन नियमित कक्षाएं नहीं चलने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि शिक्षक नहीं मिलने के कारण कई बार बिना पढ़ाई किए घर लौटना पड़ता है।

ग्रामीणों में नाराजगी, आदेश की अनदेखी का आरोप

आनंदपुर के ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्पष्ट आदेश के बावजूद विद्यालय को मूल परिसर में संचालित नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय के संचालन को लेकर लंबे समय से मांग उठाई जा रही थी ताकि बच्चों, विशेषकर छात्राओं, को 12 किलोमीटर दूर नहीं जाना पड़े।

क्या था डीईओ का आदेश?

22 जुलाई को जिला शिक्षा पदाधिकारी ने आदेश जारी कर कहा था कि फिलहाल मध्य विद्यालय बासमत्ता से संचालित हो रहे उच्च माध्यमिक विद्यालय आनंदपुर को तत्काल उसके मूल परिसर मध्य विद्यालय आनंदपुर में संचालित किया जाए।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया था कि ग्रामीणों की मांग तथा विद्यालय परिसर में लगभग 80 प्रतिशत तैयार प्रयोगशाला को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

12 किलोमीटर दूर शिफ्ट होने से बढ़ी थी परेशानी

प्लस-टू का दर्जा मिलने के बाद कमरों की कमी के कारण विद्यालय का संचालन करीब 12 किलोमीटर दूर बासमत्ता से शुरू किया गया था। इससे छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं, को आने-जाने में परेशानी होने लगी। इसी कारण ग्रामीण लगातार विद्यालय को मूल परिसर में संचालित करने की मांग कर रहे थे।

प्रधानाध्यापक ने क्या कहा?

प्रधानाध्यापक मनोज कुमार मंडल ने बताया कि डीईओ के आदेश के बाद विद्यालय को आनंदपुर स्थानांतरित करने की तैयारी की गई थी, लेकिन कुछ ग्रामीणों द्वारा पत्थरबाजी और मारपीट की घटना हुई, जिसके कारण विद्यालय को शिफ्ट नहीं किया जा सका।

उन्होंने कहा कि इसकी सूचना प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) को दी गई थी। उनके अनुसार, जिला शिक्षा कार्यालय के एक लिपिक ने मौखिक रूप से कहा था कि डीईओ के निरीक्षण तक विद्यालय का संचालन बासमत्ता से ही जारी रखा जाए।

अब उठ रहे हैं ये सवाल

यदि डीईओ का लिखित आदेश पहले से मौजूद था, तो उसके पालन में देरी क्यों हुई?

यदि सुरक्षा संबंधी समस्या थी, तो उसके समाधान के लिए विभाग ने क्या कदम उठाए?

216 नामांकित छात्रों वाले विद्यालय में निरीक्षण के दौरान केवल 26 छात्र ही क्यों उपस्थित मिले?

आनंदपुर परिसर में पढ़ाई बाधित होने की जिम्मेदारी किसकी है?

डीईओ से संपर्क नहीं हो सका

इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान से कई बार फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।

फिलहाल, सवाल यही है कि लिखित आदेश के बावजूद विद्यालय का संचालन कब मूल परिसर में शुरू होगा और आनंदपुर के छात्र-छात्राओं को नियमित पढ़ाई कब मिल पाएगी।