सम्राट को 7वीं फेल बताने वाले PK खुद कितना पढ़े-लिखे?:प्रशांत ने बीच में क्यों छोड़ी पढ़ाई, बिहार के 7 मंत्री 12वीं पास, जानिए CM की एजुकेशन

‘सम्राट चौधरी से मेरी कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है। बात इसकी है कि बिहार का नेतृत्व कौन करेगा? क्या ऐसा आदमी करेगा जो अपनी डिग्री के बारे में गलत बताता है?’

‘क्या ऐसा आदमी करेगा जो सातवीं फेल है? क्या ऐसा आदमी करेगा जो सात लोगों की हत्या मामले में जेल में रहकर आया है? क्या भाजपा में और कोई पढ़ा-लिखा चरित्रवान व्यक्ति नहीं बचा है?’

पटना के बांकीपुर से विधायक चुने जाने के बाद जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शिक्षा पर सवाल किए हैं। हर मीडिया प्लेटफॉर्म पर वो यही बात दोहरा रहें हैं। उन्हों पूरी सरकार की शिक्षा पर भी सवाल उठाया है कि कोई अच्छा पढ़ा लिखा सीएम क्यों नहीं होना चाहिए।

अब भास्कर ने ये जानने की कोशिश की कि सम्राट पर सवाल उठाने वाले पीके कितना पढ़े हैं, सम्राट की एजुकेशन क्या है? उनके मंत्री कितने पढ़े लिखे हैं..? पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट

सबसे पहले प्रशांत किशोर की बात, 12वीं के बाद 3 साल पढ़ाई छोड़ी

प्रशांत किशोर के पिता श्रीकांत पांडेय सरकारी डॉक्टर थे। उनका ट्रांसफर होता रहता था। इसलिए प्रशांत की पढ़ाई भी कई शहरों में हुई। उनकी मैथ्स अच्छी थी। 12वीं में 150 में से 148 नंबर मिले थे।

श्रीकांत पांडेय चाहते थे कि प्रशांत इंजीनियर बनें। इस पर प्रशांत ने जवाब दिया था, ‘इंजीनियर हो जाएंगे तो आप IAS की तैयारी के लिए कहेंगे ही, ऐसा करते हैं हम तीन साल में ग्रेजुएशन कर लेते हैं, फिर IAS हो जाएंगे।’

प्रशांत ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के हिंदू कॉलेज में एडमिशन लिया था। तबीयत खराब हुई तो घर लौट आए। तबीयत ठीक होने के बाद भी 3 साल तक पढ़ाई छोड़ दी, फिर लखनऊ से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद दो साल ब्रेक लेकर हैदराबाद से पब्लिक हेल्थ में पोस्ट ग्रेजुएशन किया।

प्रशांत किशोर के खिलाफ 8 केस दर्ज हैं। इनपर दंगा कराने, सरकारी सेवक को काम करने से रोकने, आपराधिक साजिश रचने और आपराधिक मानहानि जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

अब भाजपा की बात-कितने पढ़े हैं सीएम और डिप्टी सीएम?

बिहार के मंत्रियों में 7 (निशांत कुमार को मिलाकर) 12वीं पास हैं। एक ने तो 10वीं तक ही पढ़ाई की है। MD और PhD जैसी डिग्री वाले 5 मंत्री हैं। अब सभी को जानिए..

1- सम्राट चौधरी के पास है डॉक्टरेट की डिग्री

बिहार में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मुंगेर जिला के तारापुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इसके अनुसार उनके पास Doctor of Litt (Honorary) मतलब डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद डिग्री है। यह PFC कामराज यूनिवर्सिटी से मिली है। सम्राट के खिलाफ दो केस दर्ज हैं।

2- विजय कुमार चौधरी, डिप्टी सीएम

जदयू नेता विजय कुमार चौधरी समस्तीपुर जिला के सरायरंजन सीट से विधायक हैं। इन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से 1973 में B.A. और 1980 में पटना यूनिवर्सिटी से M.A. किया था।

3- बिजेन्द्र प्रसाद यादव, डिप्टी सीएम

जदयू के सीनियर लीडर बिजेन्द्र प्रसाद यादव सुपौल से विधायक हैं। उन्होंने 1965 में वीरपुर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की थी।

भाजपा के तीन मंत्रियों ने किया है PhD, एक 12वीं पास

भाजपा के मंत्रियों में तीन के पास PhD की डिग्री है। दो ने MBA किया है। रमा निषाद ने 12वीं तक पढ़ाई की है। तीन मंत्री पोस्ट ग्रेजुएट और पांच ग्रेजुएट हैं।

1- दिलीप जायसवाल, मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

बिहार भाजपा अध्यक्ष रह चुके दिलीप जायसवाल मूल रूप से खगड़िया जिला के रहने वाले हैं। PhD तक पढ़ाई की है। वह नीतीश सरकार में उद्योग विभाग संभाल चुके हैं।

2- रामकृपाल यादव, मंत्री, सहकारिता विभाग

पटना के दानापुर सीट से विधायक रामकृपाल यादव ग्रेजुएट हैं। उन्होंने LLB की पढ़ाई भी की है।

3- संजय टाइगर, कानून मंत्री

आरा से विधायक संजय टाइगर ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। नीतीश सरकार में श्रम संसाधन विभाग के मंत्री थे।

4- श्रेयसी सिंह, मंत्री, उद्योग व खेल विभाग

पूर्व निशानेबाज श्रेयसी सिंह जमुई से विधायक हैं। उन्होंने MBA किया है। पिछली सरकार में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और खेल विभाग की मंत्री थीं।

5- रमा निषाद, मंत्री, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

मुजफ्फरपुर जिले के औराई से सांसद रमा निषाद 12वीं पास हैं। नीतीश सरकार में भी पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री थीं।

6- लखेंद्र कुमार रौशन, मंत्री, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग

वैशाली जिला के पातेपुर विधानसभा सीट से विधायक लखेंद्र कुमार रौशन ग्रेजुएट हैं। इन्होंने नीतीश सरकार में भी अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग संभाला था।

7- डॉ. प्रमोद कुमार, मंत्री, कला, संस्कृति एवं युवा, खान एवं भूतत्व विभाग

विधान परिषद के सदस्य डॉ. प्रमोद कुमार ने PhD की है। पिछली सरकार में सहकारिता विभाग और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री थे।

8- केदार गुप्ता, मंत्री, पर्यटन विभाग

मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा सीट से विधायक केदार गुप्ता पोस्ट ग्रेजुएट हैं। पिछली सरकार में पंचायती राज मंत्री थे।

9- मिथिलेश तिवारी, मंत्री, शिक्षा विभाग

गोपालगंज जिले की बैकुंठपुर से विधायक मिथिलेश तिवारी ग्रेजुएट हैं। 2015 में पहली बार विधायक बने थे।

10- रामचन्द्र प्रसाद, मंत्री, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

दरभंगा जिले के हायाघाट सीट से विधायक रामचन्द्र प्रसाद ने PhD तक पढ़ाई की है। 2020 से लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं।

11- नंद किशोर राम, मंत्री, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग

पश्चिम चंपारण जिला के रामनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक नंद किशोर राम ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है।

12- नीतीश मिश्रा, मंत्री, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नगर विकास एवं आवास विभाग

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के बेटे नीतीश मिश्रा ने MBA किया है। मधुबनी जिला के झंझारपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं।

13- इंजीनियर शैलेंद्र कुमार, मंत्री, पथ निर्माण विभाग

इंजीनियर शैलेंद्र कुमार ने ग्रेजुएशन किया है। वह भागलपुर जिला के बिहपुर सीट से विधायक हैं।

14- अरुण शंकर प्रसाद, मंत्री, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग

मधुबनी जिले के खजौली विधानसभा सीट से विधायक अरुण शंकर प्रसाद पोस्ट ग्रेजुएट हैं। वह पहले पर्यटन, कला, संस्कृति और युवा मामलों के मंत्री थे।

जदयू के 5 मंत्री 12वीं पास, एक ने 10वीं तक की है पढ़ाई

जदयू से दो डिप्टी सीएम हैं। विजय कुमार चौधरी ने M.A. और बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने 12वीं तक पढ़ाई की है। एक मंत्री ने M.D. तो एक ने PhD किया है। तीन M.A. पास और दो ग्रेजुएट हैं। वहीं, पांच 12वीं पास और एक 10वीं पास हैं।

1- निशांत कुमार, मंत्री, स्वास्थ्य विभाग

पूर्व सीएम नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। उन्होंने 8 में से 5 सेमेस्टर पूरे किए थे।

2- श्रवण कुमार, मंत्री, सूचना एवं जनसंपर्क, ग्रामीण विकास विभाग

जदयू के सीनियर नेता श्रवण कुमार 12वीं पास हैं। नालंदा से विधायक चुने गए हैं। उनके पास जदयू विधायक दल के नेता की जिम्मेदारी भी है।

3- अशोक चौधरी, मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग

विधान परिषद के सदस्य अशोक चौधरी ने PhD किया है। पिछली सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री थे।

4- शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, मंत्री, ऊर्जा विभाग

भागलपुर जिला के गोपालपुर से विधायक शैलेश कुमार 12वीं पास हैं। पहले सांसद रह चुके हैं।

5- दामोदर रावत, मंत्री, परिवहन विभाग

जमुई के झाझा सीट से लगातार छठी बार विधायक चुने गए दामोदर रावत ने M.A. तक पढ़ाई की है।

6- जमा खान, मंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग

कैमूर जिले के चैनपुर विधानसभा सीट से विधायक जमा खान 12वीं पास हैं। पिछली सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री थे।

7- मदन सहनी, मंत्री, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग

दरभंगा जिला के बहादुरपुर विधानसभा सीट से विधायक मदन सहनी ने ग्रेजुएशन तक पढ़ाई की है। वह पिछली सरकार में समाज कल्याण मंत्री थे।

8- शीला कुमारी, मंत्री, साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट

मधुबनी जिले के फुलपरास से विधायक शीला कुमारी ने M.A. तक पढ़ाई की है। पिछली नीतीश सरकार में परिवहन विभाग की मंत्री थीं।

9- सुनील कुमार, मंत्री, ग्रामीण कार्य विभाग

पूर्व IPS अधिकारी और DGP सुनील कुमार ने M.A. तक शिक्षा ली है। वह गोपालगंज के भोरे सीट से विधायक हैं। नीतीश सरकार में शिक्षा विभाग संभाल रहे थे।

10- रत्नेश सदा, मंत्री, आपदा प्रबंधन विभाग

सहरसा जिले के सोनवर्षा विधानसभा सीट से विधायक रत्नेश सदा 12वीं पास हैं। पहले रिक्शा चलाते थे। 2010 में पहली बार जदयू विधायक चुने गए थे।

11- श्वेता गुप्ता, मंत्री, समाज कल्याण विभाग

शिवहर से पहली बार विधायक चुनी गईं श्वेता गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। इन्होंने M.D. किया है। श्वेता के पति वरुण कुमार भी डॉक्टर हैं।

12-भगवान सिंह कुशवाहा, मंत्री, योजना एवं विकास विभाग

भोजपुर जिले के जगदीशपुर विधानसभा सीट से विधायक भगवान सिंह कुशवाहा 10वीं पास हैं। पहले ग्रामीण विकास मंत्री के रूप में काम किया है।

13- लेसी सिंह, मंत्री, भवन निर्माण विभाग

पूर्णिया जिले के धमदाहा विधानसभा सीट से विधायक लेसी सिंह 12वीं पास हैं। पिछली सरकार में खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री थीं।

LJP (R) के मंत्री

1- संजय कुमार, मंत्री, गन्ना उद्योग विभाग

बेगूसराय जिला के बखरी से विधायक संजय कुमार ग्रेजुएट हैं।

2-संजय कुमार सिंह, मंत्री, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण (PHED) विभाग

वैशाली जिला के महुआ से विधायक चुने गए संजय कुमार सिंह ग्रेजुएट हैं।

RLM के मंत्री

दीपक प्रकाश, मंत्री, पंचायती राज

RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। मंत्री पद बचाने के लिए उन्हें भाजपा ने विधान परिषद भेजा है।

हम के मंत्री

संतोष कुमार सुमन, मंत्री, लघु जल संसाधन विभाग

पूर्व मुख्यमंत्री और हम प्रमुख जीतन राम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन ने PhD किया है। वह MLC हैं।