पंजाब में किसानों और मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर आज से आंदोलन के अगले चरण की शुरुआत कर दी है। किसान मजदूर मोर्चा चैप्टर पंजाब के आह्वान पर राज्यभर में डीसी कार्यालयों के सामने एक दिवसीय धरने दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही पंजाब के दर्जनों गांवों में मोर्चे की मांगों से संबंधित फ्लेक्स लगाकर लोगों से आंदोलन से जुड़ने की अपील की गई है।
अमृतसर जिले के चब्बा, भंडेर कलां, वेरका, कथू नंगल और भोएवाल समेत कई गांवों में बड़ी संख्या में फ्लेक्स लगाए गए हैं। वहीं, रविवार को गांव चब्बा में किसान नेताओं ने एकत्रीकरण कर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने आंदोलन के अगले चरण की जानकारी दी थी।
डीसी कार्यालयों के बाहर आज विशाल धरने
सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि किसानों, मजदूरों, माताओं और बहनों की जायज मांगों को लेकर आज पूरे पंजाब में डीसी कार्यालयों के बाहर धरने दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार बातचीत के जरिए किसानों और मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
14 सितंबर से मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय मोर्चा
उन्होंने बताया कि 14 सितंबर से पंजाब के विभिन्न मंत्रियों के विधानसभा क्षेत्रों में पांच दिवसीय मोर्चे लगाए जाएंगे। इनमें अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ, गुरदासपुर और पठानकोट में लाल चंद कटारूचक, फरीदकोट में कुलतार सिंह संधवां, बठिंडा में कृषि मंत्री और संगरूर में अमन अरोड़ा के विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। पंधेर ने चेतावनी दी कि यदि पंजाब सरकार ने बातचीत के जरिए मांगों का समाधान नहीं किया तो आने वाले समय में रेल चक्का जाम किया जाएगा।
ये है मोर्चे की प्रमुख मांगें
मोर्चे की प्रमुख मांगों में बासमती, मक्का, सरसों, आलू और कपास समेत पांच फसलों पर एमएसपी की गारंटी व सरकारी खरीद सुनिश्चित करना शामिल है। किसानों और मजदूरों को कर्जमुक्त करने, किसान आंदोलनों के दौरान हुए नुकसान की भरपाई और शहीद किसानों के परिवारों व घायल किसानों को बकाया मुआवजा जारी करने की मांग की गई है।
किसान नेताओं ने आंदोलनों के दौरान किसानों, पुलिस और रेलवे से जुड़े मामलों को वापस लेने, पंजाब के पानी का मुद्दा रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार हल करने और भूजल रिचार्ज के लिए ठोस प्रबंध करने की मांग भी उठाई है। साथ ही लैंड पूलिंग नीति वापस लेने तथा नशे से प्रभावित युवाओं के मुफ्त इलाज, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की गई है।