मुजफ्फरपुर में बाइक चोरी के एक मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस को चोरी के वाहनों के एक बड़े नेटवर्क का सुराग मिला है। नगर थाने की पुलिस के अनुसार, मीनापुर के खेमाईपट्टी निवासी मो. फिरोज ने पूछताछ में बताया कि वह चोरी की बाइक जीरोमाइल के रहने वाले अरमान को महज ₹1,000 से ₹1,500 में बेच देता था। इसके बाद अरमान इन बाइकों को सीतामढ़ी में शराब तस्करों के हाथ ₹4 से ₹5 हजार में बेचता था। पुलिस के अनुसार, वहां से चोरी की बाइके नेपाल भेजकर खपाई जाती थीं।
पूछताछ में फिरोज ने अब तक एक दर्जन से अधिक बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की है। उसके इस कथित खुलासे के बाद पुलिस ने अहियापुर से लेकर सीतामढ़ी तक कई ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अरमान समेत अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है।
एक गिरफ्तारी से खुली नेटवर्क की कड़ी
पुलिस के अनुसार, सोमवार को फिरोज को एसडीएम कार्यालय परिसर से बाइक चोरी करते हुए पकड़ा गया। वह बाइक लेकर भाग रहा था। इसी दौरान डीटीओ कार्यालय मोड़ के पास पुलिस ने उसे चोरी की बाइक के साथ दबोच लिया।
बरामद बाइक मनियारी थाना क्षेत्र के छपकी निवासी मो. नुरूद्दीन की बताई गई है। बाइक चोरी की शिकायत पर नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसी मामले में गिरफ्तार फिरोज से जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने चोरी की कई घटनाओं और बाइक खपाने वाले नेटवर्क के बारे में जानकारी दी।
₹1,500 में बाइक, आगे चार-पांच हजार में सौदा
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के मुताबिक, फिरोज बाइक चोरी करने के बाद उसे अपने स्तर पर रखने के बजाय आगे बेच देता था। चोरी की बाइक के बदले उसे कथित तौर पर ₹1,000 से ₹1,500 मिलते थे। जीरोमाइल का अरमान इन बाइकों को आगे सीतामढ़ी के शराब तस्करों तक पहुंचाता था।
वहां प्रत्येक बाइक का सौदा करीब ₹4 से ₹5 हजार में होने की बात सामने आई है। पुलिस को शक है कि शराब की तस्करी में इस्तेमाल के बाद इन बाइक को सीमावर्ती इलाकों के रास्ते नेपाल भेजा जाता था। हालांकि, नेपाल तक बाइक पहुंचाने वाले नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी पुष्टि के लिए पुलिस जांच कर रही है।
रातभर अहियापुर से सीतामढ़ी तक छापेमारी
फिरोज की निशानदेही पर पुलिस टीम ने सोमवार देर रात से मंगलवार तड़के तक अहियापुर और सीतामढ़ी के कई थाना क्षेत्रों में छापेमारी की। मंगलवार दोपहर भी पुलिस ने अहियापुर, चंदवारा, मिठनपुरा समेत कई इलाकों में दबिश दी।
मोबाइल संपर्कों से खंगाला जा रहा पूरा नेटवर्क
जांच टीम फिरोज के मोबाइल फोन में मिले संपर्कों और कॉल डिटेल के आधार पर उसके साथ जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि बाइक चोरी करने वाले कितने लोग उसके साथ जुड़े थे और चोरी की बाइक को एक जिले से दूसरे जिले तक पहुंचाने की जिम्मेदारी किसकी थी।