भवन निर्माण विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को पटना, एम्स के पीछे फुलवारीशरीफ, एजी कॉलोनी और पूर्णिया स्थित उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।
कार्रवाई में अफसर के ठिकानों से 5 मंजिला लिफ्ट वाला आलीशान बंगला, 7 प्लॉट, फ्लैट, नकद और सोने-हीरे के गहने मिले हैं। इंजीनियर ने तमाम अचल संपत्तियां पत्नी उषा देवी और सास के नाम पर साल 2011 से 2025 के बीच खरीदी हैं।
निगरानी ने अचल संपत्ति की कीमत 3.60 करोड़ रुपए और चल संपत्ति का मूल्य 26 लाख रुपए आंका है। निगरानी ने उनके खिलाफ 1 करोड़ 97 लाख 58 हजार 70 रुपए की आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। यह उनकी वैध आय से 68 प्रतिशत अधिक है।
सत्येंद्र कुमार धनरुआ के भदौरा के रहने वाले हैं। जुलाई 2026 में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर से प्रमोट होकर सुपरिटेंडेंट इंजीनियर बने थे। इसके बाद उनका तबादला पटना से पूर्णिया किया गया था।
पत्नी और सास के नाम खरीदी प्रॉपर्टी
जांच में सत्येंद्र कुमार चौधरी, उनकी पत्नी उषा देवी और परिजनों के नाम पर कई अचल संपत्तियां मिलने की बात सामने आई है। विजिलेंस के अनुसार, परिवार के नाम पर कुल 7 अचल संपत्तियां हैं, जिनमें पटना और पूर्णिया में मकान और जमीन शामिल हैं।
जांच में फुलवारीशरीफ में पांच मंजिला आलीशान मकान, नौबतपुर में कुल 74 डिसमिल के चार प्लॉट और दानापुर में 7.18 डिसमिल का एक प्लॉट सामने आया है।
इसके अलावा ग्रेटर नोएडा में एक फ्लैट की जानकारी भी जांच टीम को मिली है। ये सारी प्रॉपर्टी साल 2011 से 2025 के बीच खरीदे जाने की बात सामने आई है। इंजीनियर ने अपनी पत्नी और सास के नाम पर संपत्ति बनाई।
आय से 68 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिली
फुलवारीशरीफ स्थित पांच मंजिला मकान में निगरानी टीम ने देर रात तक तलाशी ली। यहां लिफ्ट, 10 एसी, सोलर पैनल और महंगे फर्नीचर मिले हैं।
इनकी कीमत का आकलन कराया जा रहा है। एजी कॉलोनी स्थित तीन मंजिला भवन की भी तलाशी ली गई।
वहीं पूर्णिया में बुधवार सुबह निगरानी की टीम ने एक साथ सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के घर-ऑफिस पर छापेमारी की। सुबह 7 बजे दो डीएसपी संतोष कुमार और बिनोद कुमार के नेतृत्व में 9 सदस्यीय टीम ने कार्रवाई की गई।
इंजीनियर के पास 3.60 करोड़ की प्रॉपर्टी
निगरानी ने अचल संपत्ति की कीमत 3.60 करोड़ रुपए और चल संपत्ति का मूल्य 26 लाख रुपए आंका है।
छापेमारी के दौरान टीम को संपत्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक खातों के विवरण, निवेश संबंधी कागजात तथा अन्य वित्तीय रिकॉर्ड मिले हैं।
अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि संपत्ति के स्रोत और आय के बीच संबंधों का सत्यापन किया जा सके। इसके अलावा बैंकिंग लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।