उज्जैन में युवा धर्म संसद, आज से 1700 युवा जुटेंगे:देश भर से आए युवा छात्र-छात्राओं की पेंटिंग की प्रदर्शनी भी लगेगी, संघ प्रमुख आएंगे

उज्जैन में गुरुवार से 19 सितंबर तक तीन दिवसीय ‘युवा धर्म संसद’ का आयोजन देवास रोड स्थित गीता भवन में होगा। इसमें देश के 24-25 राज्यों से करीब 1700 युवा छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।

इनके अलावा करीब 300 विद्वान, शिक्षक, शोधकर्ता और धर्माचार्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे। आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 18 सितंबर को उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 19 सितंबर को समापन सत्र में मौजूद रहेंगे।

सेवाज्ञ संस्थानम् की ओर से सिद्धपीठ हनुमत निवास अयोध्या के पीठाधीश्वर एवं संरक्षक आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरणजी महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार काशी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार और काञ्चीपुरम् में आयोजन के बाद यह युवा धर्म संसद का छठा संस्करण है।

आठ सत्रों में धर्म, जीवन-दर्शन और समकालीन विषयों पर चर्चा

तीन दिन में कुल आठ सत्र होंगे। इनमें उद्घाटन, व्याख्यान और संवाद सत्र शामिल हैं। देशभर से आए धर्माचार्य और विद्वान युवाओं से संवाद करेंगे। प्रश्नोत्तर के जरिए धर्म से जुड़े सवालों के समाधान और व्यावहारिक जीवन-दर्शन पर चर्चा होगी।

आयोजकों के मुताबिक, युवा धर्म संसद की मूल प्रेरणा स्वामी विवेकानंद के शिकागो उद्बोधन से जुड़ी है। वर्ष 2018 से सप्तपुरी में इसकी श्रृंखला शुरू हुई थी। अब तक करीब 7100 प्रतिभागी इसमें शामिल हो चुके हैं। अगले वर्ष आयोजन द्वारका में प्रस्तावित है।

आज चित्र प्रदर्शनी और पुस्तक मेले से शुरुआत

पहले दिन भारत-भाव पर आधारित चित्र प्रदर्शनी और पुस्तक मेले का उद्घाटन होगा। देश के 50 प्रमुख प्रकाशन समूह इसमें शामिल होंगे। विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों के बीच संवाद भी होगा। युवा कलाकारों की बनाई पेंटिंग गीता भवन परिसर में प्रदर्शित की जाएंगी।

कार्यक्रम में पद्मश्री मूर्तिकार अद्वैत चरण गणनायक, सांसद अनिल फिरोजिया और कार्यक्रम संयोजक अंकिता जायसवाल सहित अन्य अतिथि शामिल होंगे।

25 राज्यों से आए युवाओं का संवाद

आयोजन समिति के सह मीडिया प्रमुख बादल सिंह के अनुसार, इस बार 24-25 राज्यों से करीब 1700 रजिस्ट्रेशन हुए हैं। जुलाई में रजिस्ट्रेशन शुरू हुए थे और 31 अगस्त को बंद कर दिए गए। सीटिंग क्षमता के कारण इसके बाद आने वाले रजिस्ट्रेशन स्वीकार नहीं किए गए।