सूरत में 3 हत्याएं, पति-पत्नी ने 4 साल छिपाया राज:सास, नानी और बहन की जान ली; एक शव घर में दफनाया, अब मिले कंकाल

गुजरात के सूरत जिले के कोसांबा में तीन महिलाओं की हत्या का 4 साल बाद खुलासा हुआ है। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और कोसांबा पुलिस ने वडफालिया में एक घर के आंगन से मानव कंकाल बरामद किए।

पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उसकी पत्नी उर्मिला पर तीनों महिलाओं की हत्या का आरोप है। मृतकों में उर्मिला की नानी शांताबेन, बहन भगवतीबेन और माधवदास की मां मंजुलाबेन शामिल हैं।

मामला तब सामने आया जब माधवदास ने पत्नी को हत्या में फंसाने के लिए पुलिस में शिकायत की। जांच में उसकी शिकायत संदिग्ध लगी और पूछताछ के बाद तीनों हत्याओं का खुलासा हुआ।

2022 में हुईं तीनों महिलाओं की हत्याएं

1. पहली हत्या 25 फरवरी 2022 को हुई। पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने उर्मिला की बहन भगवतीबेन वसावा का तकिए से मुंह दबाकर हत्या कर दी। वह टीबी से पीड़ित थीं। इसके बाद उनकी मौत को बीमारी से हुई मौत बताया गया और शव को दफना दिया गया।

2. दूसरी हत्या 19 जुलाई 2022 को हुई। इस बार माधवदास की मां मंजुलाबेन भक्तिराम साधु की मौत हुई। वह पैरालिसिस के बाद बिस्तर पर थीं। पुलिस का आरोप है कि दंपती ने तकिए से उनका मुंह दबाकर हत्या की और बाद में बीमारी से मौत बताकर अंतिम संस्कार कर दिया।

3. तीसरी हत्या 7 अक्टूबर 2022 को शांताबेन गंभीरभाई वसावा की हुई। पुलिस के मुताबिक, शांताबेन उर्मिला की नानी थीं। आरोप है कि सोते समय उनका मुंह तकिए से दबाया गया और हत्या के बाद शव को ड्रम में डाल दिया गया।

ड्रम में शव डालकर सीमेंट से किया था बंद

पुलिस के मुताबिक, माधवदास और उर्मिला ने शांताबेन के शव को ड्रम में रखा। उसमें तीन बोरी सीमेंट और पानी डालकर शव को सील कर दिया। करीब साढ़े तीन महीने बाद दोनों ने ड्रम को खोलकर शव को सीमेंट के ब्लॉक समेत घर के बरामदे में खोदे गए गड्ढे में दफना दिया।

ऊपर से सीमेंट की परत भी डाल दी गई। शांताबेन की मौत को छिपाने के लिए रिश्तेदारों को बताया गया कि उनकी मौत कोरोना से हुई है। उस समय कोरोना के दौरान शव परिजनों को नहीं दिए जाने की बात कहकर मामला दबा दिया गया।

पत्नी को फंसाने की कोशिश में खुला राज

हाल ही में पति-पत्नी के बीच विवाद के बाद माधवदास पुलिस के पास पहुंचा। उसने क्राइम ब्रांच को बताया था कि शांताबेन की हत्या उसकी पत्नी उर्मिला और उसके चचेरे भाई अफजल उर्फ पोटो दीवान ने की है। पुलिस ने अफजल से पूछताछ की, लेकिन उसकी हत्या में कोई भूमिका नहीं मिली।

इसके बाद जांच माधवदास की ओर मुड़ी। पूछताछ में पुलिस के मुताबिक, उसने पत्नी और उसके रिश्तेदार को फंसाने के लिए झूठी शिकायत करने की बात मानी और तीनों हत्याओं में अपनी और उर्मिला की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

आंगन की खुदाई में 4-5 फीट नीचे से मिले कंकाल

पुलिस ने माधवदास की निशानदेही पर घर के आंगन में खुदाई की। सीमेंट की मोटी परत तोड़कर करीब 4-5 फीट गहराई तक खुदाई के बाद मानव कंकाल बरामद किए गए।

इन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। शांताबेन के पड़ोसी भी इस खुलासे से हैरान हैं। उन्हें चार साल तक यही बताया गया था कि उनकी मौत कोरोना से हुई है।