इजराइली यात्री ने TV शो देखकर प्लेन उड़ाना सीखा:हमलावर पायलट को पकड़कर हाइजैकिंग रोकी; खून सने कपड़ों में नेतन्याहू से मिलने पहुंचा

इजराइल जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को एक यात्री ने क्रैश होने से बचाने में मदद की। खास बात यह है कि उसने प्लेन उड़ाना एक TV प्रोग्राम से सीखा था।

यानिव हायून नाम के इस यात्री ने बताया कि कॉकपिट से चिल्लाने की आवाज सुनकर वह एक और यात्री के साथ वहां पहुंचा। उसने देखा कि घायल पायलट दरवाजे के पास पड़ा था।

यह देखकर वह हमलावर पायलट से भिड़ गया और उससे प्लेन का कंट्रोल छीन लिया। इसके बाद उसने हमलावर पायलट को बांध दिया।

इस दौरान विमान तेजी से एक तरफ झुकने लगा तो हायून ने उसे ठीक किया और विमान को सुरक्षित जमीन पर उतारने में पायलट की मदद की।

इस घटना के बाद वह खून से सने कपड़ों में ही इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिलने पहुंचा। PM ने उसके साहस की तारीफ की और उसे हीरो बताया।

कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हुई लड़ाई

फ्लाइट में यह घटना उस समय शुरू हुई, जब कॉकपिट में मौजूद ओमानी पायलट ने भारतीय को-पायलट कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया। हमले में मछार घायल हो गए।

हमलावर ने इसके बाद दोनों पायलटों की सीट के बीच बैठकर विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ती देख मछार ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इससे बाहर मौजूद यात्रियों को अंदर जाने का मौका मिला।

बेहोश होने से पहले भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा खोला

यानिव हायून ने नेतन्याहू को बताया कि कैप्टन स्मित मछार ने बेहोश होने से ठीक पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। हायून के मुताबिक, जब वह कॉकपिट तक पहुंचा तो दरवाजा खुला हुआ था।

हायून ने कहा कि इससे बाहर मौजूद यात्रियों को कॉकपिट के अंदर पहुंचने का रास्ता मिल गया और वे हमलावर को काबू कर सके।

बाद में नेतन्याहू ने भी मछार की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मछार ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों और क्रू को अंदर आने का मौका दिया।

हमलावर को काबू करने के बाद भी खतरा टला नहीं था

हमलावर को काबू करने के बाद हायून को लगा कि अब स्थिति संभल जाएगी। लेकिन तभी विमान तेजी से एक तरफ झुकने लगा। उस समय कॉकपिट में विमान को संभालने के लिए तुरंत किसी की जरूरत थी।

हायून दोबारा कॉकपिट में पहुंचा और विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया। उसने कंट्रोल को पीछे की तरफ खींचना शुरू किया, जिससे विमान का संतुलन वापस आने लगा।

चाकूबाजी से पहले दोनों पायलटों में हाथापाई हुई थी

घटना बुधवार सुबह करीब 9 बजे हुई। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें 27 बच्चे शामिल थे। ज्यादातर इजराइली पैसेंजर्स थे। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले से पहले दोनों पायलटों के बीच हाथापाई हुई थी।

इसके बाद को-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया। इस दौरान विमान करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई से अचानक 17 हजार फीट नीचे आ गया। एक यात्री और क्रू मेंबर किसी तरह कॉकपिट तक पहुंचने में कामयाब हुए।

इसके बाद दूसरे क्रू मेंबर भी कॉकपिट में पहुंचे और विमान की सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई।

हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि यात्री और क्रू मेंबर फ्लाईदुबई के कॉकपिट में कैसे घुसे, क्योंकि कॉकपिट के दरवाजे जबरन खोलने की कोशिशों को रोकने के लिए मजबूत बनाए जाते हैं। आमतौर पर उड़ान के दौरान कॉकपिट का दरवाजा सुरक्षा कारणों से लॉक रहता है। 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमलों के बाद यह विमान सुरक्षा का नियम बन गया।

10 पॉइंट्स में जानिए विमान में क्या-क्या हुआ

  1. विमान ने पहले 7700 कोड भेजा, जो इमरजेंसी का संकेत है। कुछ सेकंड बाद 7500 कोड भेजा गया, जो हाईजैक का संकेत है।
  2. फ्लाइटरडार के मुताबिक, विमान कुथ ही मिनटों में 34 हजार से 16,600 फीट की ऊंचाई पर आ गया। इसके बाद इसका रास्ता ताबुक की ओर मोड़ा गया।
  3. पायलट और को-पायलट के बीच मारपीट हुई। झगड़े की वजह अभी साफ नहीं है।
  4. इजराइली मीडिया के मुताबिक, ओमानी पायलट ने विमान को जमीन की ओर मोड़ने की कोशिश की। आगे बैठे यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर उसे काबू किया।
  5. यात्रियों के मुताबिक, विमान में सादे कपड़ों में दो और पायलट मौजूद थे। इनमें से एक ने विमान का कंट्रोल संभाला।
  6. एक यात्री ने बताया कि उसने कॉकपिट से चीखें सुनीं। वहां एक पायलट घायल मिला, उसके हाथ में फोल्डिंग चाकू था और कॉकपिट में खून बिखरा था।
  7. घायल पायलट की हालत गंभीर थी। विमान में मौजूद एक इजराइली डेंटिस्ट ने उसका इलाज कर जान बचाने में मदद की।
  8. हाईजैक अलर्ट के बाद इजराइली एयरफोर्स ने फाइटर जेट रवाना किए। पीएम नेतन्याहू ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की।
  9. विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। इजराइल ने कुछ समय के लिए अपना एयरस्पेस भी बंद किया।
  10. इजराइली एजेंसियां आतंकी हमले की आशंका की भी जांच कर रही हैं। शिन बेट, मोसाद, सेना और परिवहन मंत्रालय जांच में शामिल हैं।