बल्लेबाज ने वक्त बर्बाद किया तो 5 रन की पेनल्टी:महिला-पुरुष क्रिकेट में गेंद का वजन और साइज अलग, स्टंपिंग में कंट्रोल जरूरी; 8 बदलाव

ICC ने गुरुवार को क्रिकेट के नियमों में 8 बदलाव किए हैं। अब बैटिंग के दौरान अगर कोई बल्लेबाज जानबूझकर समय बर्बाद करता है तो फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन मिलेंगे।

पुरुष, महिला और जूनियर क्रिकेट में इस्तेमाल होने वाली गेंद के साइज और वजन की अलग-अलग सीमा तय की गई है।

नए नियम 1 अक्टूबर 2026 या उसके बाद शुरू होने वाली इंटरनेशनल सीरीज पर लागू होंगे। जो सीरीज पहले से चल रही हैं, उनमें पुराने नियम ही लागू रहेंगे।

1. तीसरी गलती पर फील्डिंग टीम को 5 रन

अब बैटर को गेंद खेलने के लिए तय समय के भीतर तैयार रहना होगा। अगर अंपायर को लगता है कि बैटर गेंद का सामना करने के लिए समय पर तैयार नहीं है, तो पहली गलती पर चेतावनी और दूसरी गलती पर फाइनल वार्निंग मिलेगी। तीसरी गलती पर फील्डिंग टीम को 5 पेनल्टी रन दिए जाएंगे।

2. दिन के टेस्ट में पिंक बॉल का ट्रायल

अब दिन में खेले जाने वाले टेस्ट मैचों में भी पिंक बॉल का इस्तेमाल ट्रायल के तौर पर किया जा सकेगा। इसका मकसद खराब रोशनी के कारण खेल को होने वाले नुकसान को कम करना है।

इसके लिए दोनों टीमों की टेस्ट शुरू होने से पहले सहमति जरूरी होगी। एक बार पिंक बॉल से खेलने का फैसला हो गया तो मैच के दौरान गेंद नहीं बदली जा सकेगी। अभी सिर्फ डे-नाइट टेस्ट मैच में गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जाता है।

3. पुरुष और महिला क्रिकेट में गेंद अलग होगी

पुरुष और महिला क्रिकेट के लिए गेंद के साइज और वजन की अलग-अलग सीमा होगी। पुरुषों की गेंद का वजन 156 से 163 ग्राम और साइज 22.4 से 22.9 सेंटीमीटर होगा। महिलाओं की गेंद का वजन 142 से 149 ग्राम और साइज 21.5 से 22 सेंटीमीटर होगा।

4. ओवरथ्रो नियम में बदलाव

अगर फील्डर गेंद को जानबूझकर स्टंप की ओर फेंककर रन रोकने या रन आउट करने की कोशिश करता है और गेंद आगे निकल जाती है, तो इसे ओवरथ्रो माना जाएगा। वहीं, गेंद को रोकने या दूसरे फील्डर तक पहुंचाने के दौरान हुई मिसफील्ड को ओवरथ्रो नहीं माना जाएगा।

5. रन आउट और स्टंपिंग के लिए गेंद पर पूरा कंट्रोल जरूरी

रन आउट या स्टंपिंग के मामले में अब सिर्फ गेंद को हाथ या ग्लव से छू लेना काफी नहीं होगा। फील्डर या विकेटकीपर के पास गेंद पर पूरा कंट्रोल होना जरूरी है।

उदाहरण के लिए, अगर विकेटकीपर गेंद को सिर्फ हाथ से छूता है और उसी समय गिल्लियां गिर जाती हैं, तो इसे गेंद पर पूरा कंट्रोल नहीं माना जाएगा। ऐसे मामले में सिर्फ गेंद को छू लेना आउट देने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।

6. आखिरी ओवर में विकेट गिरने से दिन का खेल खत्म नहीं

टेस्ट क्रिकेट में अब दिन के आखिरी ओवर में विकेट गिरने से खेल अपने आप खत्म नहीं होगा। अगर आखिरी ओवर पूरा नहीं हुआ है और मौसम तथा मैदान की परिस्थितियां खेल के लिए सही हैं, तो बची हुई गेंदें उसी दिन कराई जाएंगी, अगले दिन नहीं।

मान लीजिए दिन के आखिरी ओवर में 3 गेंद बाकी हैं और विकेट गिर जाता है तो सही कंडीशंस में दो गेंदें फेंकी जाएंगी। पहले ऐसी स्थिति में दिन का खेल खत्म कर दिया जाता था। ICC के मुताबिक इससे समय की बचत होगी।

7. टी-20 में 15 मिनट का इंटरवल, ड्रिंक्स ब्रेक में कोच मैदान पर

टी-20 इंटरनेशनल में अब 15 मिनट का तय इंटरवल होगा। अगर मैच में पहले समय का नुकसान हो चुका है, तो इस इंटरवल को घटाकर 10 मिनट किया जा सकता है। वनडे और टी-20 में हेड कोच ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान मैदान पर आ सकता है।

8. लेग साइड वाइड के लिए बैटर की पोजिशन देखी जाएगी

वनडे और टी-20 में लेग साइड वाइड से जुड़ा नियम अब लागू कर दिया गया है। ऐसा उन मौकों के लिए होगा, जब बैटर गेंद फेंके जाने से पहले या गेंद फेंकते समय अपनी पोजिशन बदल लेता है।

अब गेंद फेंके जाने के वक्त बैटर के पैरों की स्थिति को आधार माना जाएगा। अगर गेंद फेंके जाने के बाद बैटर ऑफ साइड की ओर चला जाता है, तो बाद की उसकी मूवमेंट को वाइड तय करने का आधार नहीं बनाया जाएगा।