केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते पर रोक की खबर? जानिए क्‍या है पूरा मामला

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्‍ते (Dearness Allowance, DA) और महंगाई राहत (Dearness Relief, DR) पर किसी तरह की रोक नहीं लगी है। महंगाई भत्‍ते और राहत को लेकर जारी एक Fake Order में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इसे रोक दिया है।

PIB ने खोली ऑर्डर की पोल

3 जनवरी के इस ऑर्डर की पोल PIB Fact check में खुली। इसमें कहा गया है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को देय महंगाई भत्ता और महंगाई राहत को स्‍थगित रखा जाएगा। सोशल मीडिया में यह ऑर्डर Finance Ministry का बताया जा रहा है। एक पत्र में डबल फाइल नंबर इस पत्र को फर्जी साबित करने के लिए काफी हैं। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते में 1 जनवरी 2022 से और बढ़ोतरी होगी।

फाइनेंस मिनिस्‍ट्री से नहीं आया कोई आदेश

PIB ने Tweet किया कि यह ऑर्डर कॉपी फेक है। मिनिस्‍ट्री की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। फेक ऑर्डर में कहा गया है कि महामारी की तीसरी लहर फैलने की आशंका के बीच DA और DR पर रोक रहेगी। इसमें कहा गया है कि 1 जनवरी 2022 से मिलने वाले महंगाई भत्‍ते और महंगाई राहत पर फैसला बाद में लिया जाएगा।

जानिए क्‍या कहा गया है आदेश में

Tweet के मुताबिक यह आदेश केंद्र के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों पर लागू होगा। सभी मंत्रालयों का फाइनेंस विभाग अतिरिक्‍त खर्चों पर रोक के लिए तत्‍काल कदम उठाए। तर्कसंगत खर्च ही इस दौरान माना जाएगा। महामारी में जहां भी सपोर्ट की जरूरत हो। वहां विभाग अपने कर्मचारियों को मदद के लिए भेजे।