जालंधर में दो मेडिकल स्टोरों पर रेड:नशीली गोलियां बरामद, जेल से छूटे बाप-बेटे फिर हिरासत में; लाइसेंस रद्द करने की तैयारी

जालंधर पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने बस्ती बावा खेल अड्डा स्थित दो मेडिकल स्टोरों पर आज रेड की। इस दौरान पुलिस ने दुकान और संचालक के घर से 100 से अधिक नशीली गोलियां बरामद कर आरोपी बाप-बेटे को हिरासत में लिया है। फिलहाल दुकान को सील और लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

मंगलवार सुबह एसीपी आतिश भाटिया, एसएचओ संजीव सूरी और ड्रग इंस्पेक्टर अमित बंसल की अगुवाई में टीम ने बस्ती बावा खेल अड्डे के पास स्थित आनंद मेडिकल स्टोर और प्रभजोत मेडिकल स्टोर पर रेड मारी। अधिकारियों को सूचना मिली थी कि इन दुकानों पर अवैध रूप से नशीली दवाइयां बेची जा रही हैं।

फर्जी ग्राहक ने खरीदीं नशीली गोलियां मामले की पुष्टि करते हुए एसीपी आतिश भाटिया ने बताया कि गुप्त सूचना को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने एक फर्जी ग्राहक को दुकान पर भेजा था। उसने दुकान से एक हजार रुपए की नशीली दवाइयां खरीदीं। सौदा पक्का होते ही बस्ती बावा खेल थाना, थाना नंबर-5 की पुलिस और ड्रग इंस्पेक्टर की टीम ने दुकान पर दबिश दे दी।

संचालक आनंद के घर पर भी छापेमारी जांच में टीम ने पाया कि आरोपी शातिर तरीके से काम कर रहा था। वह नशीली गोलियों को उनके मूल पत्तों (स्ट्रिप्स) से निकालकर एक अन्य डिब्बे में खुला रखकर बेचता था। दुकान के बाद पुलिस और ड्रग विभाग की टीम ने दुकान संचालक आनंद के घर पर भी छापेमारी की।

पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे दोनों को काबू किया कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी बाप-बेटे दोनों को काबू कर लिया। एसीपी भाटिया के अनुसार, अब तक 100 से ज्यादा प्रतिबंधित नशीली गोलियां जब्त की जा चुकी हैं। संचालक के अन्य ठिकानों पर भी पुलिस लगातार रेड कर रही है।

नशीली दवाइयां बेचने के आरोप में छापेमारी हो चुकी पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि इस दुकान पर पहले भी नशीली दवाइयां बेचने के आरोप में छापेमारी हो चुकी है। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था, लेकिन जमानत पर बाहर आते ही उसने दोबारा यह काम शुरू कर दिया।

दुकान को सील करने की कानूनी प्रक्रिया जारी फिलहाल, पुलिस प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाए हैं। ड्रग इंस्पेक्टर की टीम को पत्र लिखकर संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द करने की सिफारिश की जा रही है, जबकि दुकान को सील करने की कानूनी प्रक्रिया जारी है।