कार्मिक विभाग का आर्डर-लंबित डीपीसी 15 नवंबर तक पूरी करें:पदोन्नति के लिए अनुभव में दो साल की छूट, कार्मिकों को राहत

राजस्थान सरकार ने विभिन्न विभागों में लंबित विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकें पूरी करने के निर्देश दिए हैं। कार्मिक विभाग ने सभी प्रशासनिक विभागों, विभागाध्यक्षों और नियुक्ति प्राधिकारियों को 15 नवंबर 2026 तक सभी संवर्गों की डीपीसी कर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। विभाग के अनुसार, वर्ष 2026-27 की डीपीसी बैठकें नहीं होने से कई कार्मिकों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शिक्षक संघ रेसटा ने भी लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की है।

15 नवंबर तक पूरी करनी होगी डीपीसी प्रक्रिया

कार्मिक विभाग की शासन सचिव अर्चना सिंह की ओर से 28 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश में सभी विभागों को लंबित डीपीसी की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत सभी संवर्गों की पदोन्नति संबंधी कार्यवाही 15 नवंबर तक पूरी करनी होगी।

आदेश के अनुसार, सेवा नियमों के तहत हर साल 1 अप्रैल की स्थिति में वरिष्ठता सूची तैयार कर पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है। इसके लिए पहले भी समयसीमा तय की गई थी। 1 जनवरी को अस्थाई वरिष्ठता सूची जारी करने, 1 अप्रैल को अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने और 31 मई तक पदोन्नति संबंधी कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए गए थे।

पदोन्नति के लिए अनुभव में दो साल की छूट

आदेश में बताया गया है कि मुख्यमंत्री की बजट वर्ष 2026-27 की घोषणा के अनुरूप विभिन्न सेवा नियमों में पदोन्नति के लिए जरूरी अनुभव या सेवा अनुभव में दो साल तक की छूट देने संबंधी अधिसूचना 17 अगस्त 2026 को जारी की जा चुकी है।

इसके बावजूद कई विभागों में वर्ष 2026-27 की डीपीसी बैठकें नहीं हुई हैं। इससे पात्र कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कार्मिक विभाग ने संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

रेसटा ने कहा- इंतजार नहीं करवाएं

शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा), राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने कहा कि सरकार के निर्देशों की प्रभावी पालना करते हुए सभी संवर्गों की लंबित डीपीसी निर्धारित समयसीमा में पूरी की जानी चाहिए। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को अब और इंतजार नहीं करवाया जाए।

सलावद ने कहा कि पदोन्नति कर्मचारियों की सेवा प्रगति, मनोबल और आर्थिक हितों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसलिए विभागीय स्तर पर लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कर पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार पदोन्नति का लाभ दिया जाना चाहिए।

उन्होंने डीपीसी प्रक्रिया में अनावश्यक देरी के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की। साथ ही, भविष्य में निर्धारित समय-सारणी की नियमित पालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया।