न्याय की गुहार लेकर राजघाट पहुंचे अंकिता के माता-पिता:पुलिस ने दोनों को जबरन उठाकर गाड़ी में बैठाया, नारे लगाते हुए मां बेहोश हुईं

अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे उसके माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को राजघाट से जबरन उठा दिया। दोनों यहां मौन व्रत रखकर धरने पर बैठे थे। पुलिस पहले अंकिता के पिता को उठाकर ले गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने मां को भी धरनास्थल से हटाया। इस दौरान अंकिता की मां नारेबाजी करती रहीं और फिर बेहोश होकर गिर पड़ीं। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने उन्हें पानी पिलाया।

अंकिता के माता-पिता मामले की निष्पक्ष जांच और सिक्किम के राज्यपाल दुष्यंत कुमार गौतम को पद से हटाने की मांग पर अड़े हैं। उनके साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना और कांग्रेस नेता मुमताज पटेल भी मौजूद थीं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद योगिता भयाना ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए 4 सवाल पूछे हैं।

योगिता भयाना ने उठाए ये 4 सवाल

  • न्याय मांगने के लिए राजघाट पहुंचे परिवार को क्यों हटाया?: अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। वे गांधीजी की समाधि पर शांतिपूर्ण तरीके से मौन व्रत रख रहे थे। ऐसे में उन्हें वहां से जबरन क्यों हटाया गया?
  • पिता को पहले और फिर मां को क्यों उठाया?: वीडियो में पुलिसकर्मी पहले अंकिता के पिता को धरनास्थल से लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद पुलिसकर्मी उनकी मां को उठाकर ले जाते हैं। योगिता ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
  • नारेबाजी के दौरान बेहोश हुईं मां, फिर भी ऐसा व्यवहार क्यों?: पुलिस की कार्रवाई के दौरान अंकिता की मां नारेबाजी करते हुए बेहोश हो गईं। वीडियो में उन्हें पानी पिलाते पुलिसकर्मी और अन्य लोग दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक मां के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है, जो अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रही है?
  • क्या पीड़ित परिवार को अपनी बात रखने का भी अधिकार नहीं?: जब एक पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहा है, तो उसे अपनी बात रखने का मौका क्यों नहीं दिया जा रहा? क्या न्याय की मांग करना भी गलत है?