सुप्रीम कोर्ट बोला-पत्नी को बेवकूफ-निकम्मा कहना अपराध नहीं:ये पति का स्वभाव बताता है; दहेज केस में कोर्ट बिना सबूत बलि का बकरा न बनाएं

सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस मनमोहन की बेंच ने कहा कि पत्नी को ‘स्टूपिड’ और ‘यूजलेस’ कहना क्रूरता या अपराध नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इससे पति के स्वभाव का पता चलता है। इसे ऐसा गंभीर आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता कि पत्नी की आत्महत्या का कारण मान लिया जाए।

कोर्ट ने यह भी कहा कि दहेज हत्या या वैवाहिक मामलों पर कोर्ट सावधान रहें, बिना सबूत के पति-ससुराल को बलि का बकरा न बनाएं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि महिला के पिता ने पति-ससुराल पर मानसिक, शारीरिक क्रूरता के आरोप लगाए थे। दहेज मांग का आरोप भी था, लेकिन इनकी पुष्टि नहीं हुई।

केस में पति और उसके परिवार के खिलाफ लगाए आरोपों का महिला की मौत से कोई संबंध साबित नहीं हुआ।