जोधपुर में ऐप लोन फ्रॉड मामला सामने आया है, जिसमें एक व्यापारी को नीम क्रेडिट मोबाइल ऐप के जरिए कर्ज दिलाने का झांसा देकर करीब 12 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली गई। धमकी, ब्लैकमेलिंग और परिवार को बदनाम करने की आशंका से घिरे पीड़ित ने आखिरकार पुलिस में रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐप डाउनलोड करते ही शुरू हुआ जाल
आशापूर्ण नगर निवासी ललित पारवानी (47) ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि उसके पास लोन लेने के बार-बार मैसेज आ रहे थे। इसके बाद म के लगातार आ रहे मैसेज आ रहे थे। इसके बाद उसने 2 सितंबर को नीम क्रेडिट ऐप डाउनलोड किया और उसमें आधार, पैन सहित परिजनों के मोबाइल नंबर तक दर्ज कर दिए। 4 सितंबर को एक वॉट्सऐप नंबर से कॉल कर उसे बताया गया कि उसका क्रेडिट स्कोर कम है। सप्ताह-सप्ताह के छोटे-छोटे लोन चुकाने पर क्रेडिट लिमिट बढ़ाने का लालच दिया गया।
क्रेडिट स्कोर ‘जीरो’ बताकर धमकियों का खेल
एएसआई स्वरूप सिंह के अनुसार 27 अक्टूबर से पीड़ित के मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे कॉल आने लगे। कॉल करने वालों ने कहा कि उसके और परिवार के फोटो-नंबर उनके पास हैं। एक लाख तुरंत नहीं भेजा तो परिवार को नुकसान पहुंचाने और उसकी पत्नी व नाबालिग बेटी की एडिटेड तस्वीरें वायरल करने की धमकी दी जाएंंगी।
धमकियों के डर से पीड़ित से लगातार रकम ऐंठने का सिलसिला शुरू हो गया। आरोपी रौनक, उसकी पत्नी प्रियंका और अन्य साथियों ने कभी क्यूआर कोड से, तो कभी घर आकर नकद वसूली की। 27 अक्टूबर से 17 नवंबर तक पीड़ित से1.25 लाख रुपए ऑनलाइन (फोन-पे), 1.31 लाख रुपए का आईफोन और हवाला के माध्यम से 1 लाख रुपए सहित लगभग 12.50 लाख रुपए ले लिए गए।
दुकान तक रखनी पड़ी गिरवी
लगातार ब्लैकमेलिंग और धमकियों से व्यापारी मानसिक और आर्थिक रूप से टूट गया। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि रकम जुटाने के दबाव में उसे अपनी दुकान तक गिरवी रखनी पड़ी। कर्ज बढ़ता गया और समाज में प्रतिष्ठा पर आंच आने के डर से वह लंबे समय तक चुप रहा। आरोपियों की बढ़ती धमकियों और लगातार वसूली से परेशान होकर अंततः उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की पहचान, उनके बैंक लेनदेन व मोबाइल नंबरों की जांच शुरू कर दी है।