महंगे सीरम बेकार हैं? ये देसी चीज़ करती है उनसे बेहतर काम

त्वचा की देखभाल के लिए महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स की भरमार है। महंगे उत्पाद के नाम स्किनकेयर इंडस्ट्री हमें चमकदार बोतलें, विदेशी नाम और हजारों की कीमत का उत्पाद देती है। कंपनियां बड़े बड़े दावे करती हैं कि खूबसूरत त्वचा सिर्फ सीरम से ही मिलती है। लेकिन महंगे सीरम सिर्फ मार्केटिंग के लिए हैं, लंबे समय तक आपकी त्वचा को सेहत और सुंदरता नहीं दे सकते हैं, क्योंकि इनमें कैमितल की मात्रा होती है जो धीरे धीरे स्किन को अंदर से डैमेज कर सकती है।

त्वचा की सेहत प्राकृतिक उपायों से ही स्थाई और लंबे समय तक बनी रहती है। हमारी रसोई में मौजूद एक देसी चीज़ दशकों से वही काम कर रही है, वो भी बिना साइड इफेक्ट और बिना जेब खाली किए। सीरम के बजाए आप घर में रखे एलोवेरा का उपयोग करें। यह कोई नया ट्रेंड नहीं है, बल्कि दादी-नानी का आजमाया घरेलू उपाय है।

आइए जानते हैं कि महंगे सीरम और एलोवेरा में से कौन ज्यादा असरदार है और सीरम के क्या नुकसान हो सकते हैं।

महंगे सीरम के नुकसान

  • ज़्यादातर सीरम केमिकल-हैवी होते हैं।
  • हर स्किन टाइप पर सूट नहीं करते हैं।
  • लंबे समय तक इस्तेमाल से ब्रेकआउट, जलन और पिग्मेंटेशन बढ़ा सकते हैं।
  • असर से ज्यादा उम्मीदें बेची जाती हैं।
  • स्किन को जितनी जरूरत है, उतना पोषण नहीं देते हैं बल्कि ज़्यादा एक्सपेरिमेंट मिल रहा है।एलोवेरा के फायदे 

    एलोवेरा सिर्फ एक पौधा नहीं, नेचुरल स्किन टॉनिक है।

    • यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है
    • मुंहासे और जलन में शांत असर देता है।
    • सनबर्न और टैनिंग को धीरे-धीरे कम करता है।
    • एंटीऑक्सीडेंट्स से स्किन को यंग लुक देता है।
    • ऑयली, ड्राय, सेंसिटिव हर स्किन टाइप के लिए सुरक्षित है।

      एलोवेरा कैसे इस्तेमाल करें?

      • रात में चेहरे पर पतली परत लगाकर सो जाएं
      • डे मॉइस्चराइजर की तरह दिन में गुलाब जल में मिलाकर लगाएं।
      • फेस पैक के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं। हल्दी या शहद के साथ एलोवेरा मिलाकर फेस पैक लगाएं।
      • अगर मुंहासे हैं तो सीधे ताज़ा जेल चेहरे पर लगाएं।

      ध्यान रखें एलोवेरा हफ्ते में 4- 5 बार लगाना काफी है। ज़्यादा लगाना भी नुकसान कर सकता है।

      सीरम बनाम एलोवेरा ज्यादा बेहतर क्या

      • सीरम की कीमत बहुत ज्यादा होती है और एलोवेरा लगभग मुफ्त होता है।
      • सीरम के साइड इफेक्ट संभन हैं,  लेकिन एलोवेरा का साइड इफेक्ट बेहद कम होता है।
      • सीरम का लाॅन्ग टर्म असर अनिश्चित हैं, जबकि एलोवेरा का असर स्थिर होगा।
      • आपको तय करना है कि ब्रांड पर भरोसा करना है या प्रकृति पर।
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