लोकसभा में आज विदेशी अंशदान संशोधन बिल पर बहस होगी:आंध्र की राजधानी के तौर पर अमरावती को मान्यता देने वाला विधेयक भी आ सकता है

संसद के बजट सत्र के आखिरी 2 दिन बचे हैं। 2 अप्रैल को संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो जाएगी। इससे पहले आज लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक 2026 को बहस और पास करने के लिए लिस्ट किया गया है।

FCRA में संशोधन के लिए एक बिल 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था। सरकार ने यह साफ कर दिया है कि जो लोग विदेशी फंडिंग के जरिए जबरदस्ती धर्म परिवर्तन में शामिल होंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

इधर, सरकार बुधवार को लोकसभा में एक और बिल पेश कर सकती है, जिसमें अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी के तौर पर मान्यता दी जाएगी।

एक बार जब यह बिल कानून बन जाएगा, तो अमरावती को 2 जून, 2024 से आंध्र प्रदेश की राजधानी के रूप में कानूनी मान्यता मिल जाएगी।

विपक्ष का सदन के बाहर प्रदर्शन

कांग्रेस का कहना है कि सरकार लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (एफसीआरए) जबरदस्ती पारित कराने की योजना बना रही है, लेकिन वह ऐसा नहीं होने देगी। यह विधेयक पूरी तरह से असंवैधानिक है। यह उन NGO और गैर सरकारी संगठनों को तबाह कर देगा, जिन्हें अल्पसंख्यक समुदाय चलाते हैं।

पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कांग्रेस सांसदों को तत्काल दिल्ली पहुंचने और बुधवार को संसद की कार्यवाही में भाग लेने के लिए कहा है। कांग्रेस सुबह 10.30 बजे संसद के बाहर इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेगी।