मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका की सुनवाई के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। कोर्ट में पेश हुई महिला ने पति के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया और खुलेआम अपने बॉयफ्रेंड का हाथ थाम लिया। उसने जज के सामने कहा कि वह अपनी मर्जी से प्रेमी के साथ रह रही है।
पति ने याचिका में आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को कुलदीप राठौर ने बंधक बनाकर रखा है। लेकिन कोर्ट में पेश होने पर महिला ने कहा कि वह पिछले 20 दिनों से कुलदीप के साथ रह रही है और उसी के साथ रहना चाहती है।
पत्नी का बयान सुनते ही पति ने भी कोर्ट में साफ कह दिया कि अब वह उसे स्वीकार नहीं करेगा। सुनवाई के दौरान ही एक रिश्ते के टूटने की पूरी कहानी सामने आ गई।
काउंसलिंग में भी नहीं बनी बात
काउंसलिंग में सामने आया कि पति ड्राइवर है और काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था। इसी दौरान महिला का दूसरे व्यक्ति से संबंध बना। आरोप है कि पति के बाहर रहने पर वह बॉयफ्रेंड को घर बुलाती थी, जिससे रिश्ते पूरी तरह टूट गए।
कोर्ट ने दोनों की काउंसलिंग कराई, लेकिन किसी तरह का समझौता नहीं हो सका। महिला ने अपनी मां के साथ रहने की इच्छा जताई, जबकि पति तलाक के लिए तैयार हो गया।
17 महीने में रिश्ते का अंत
दोनों की शादी नवंबर 2024 में हुई थी और महज 17 महीने में ही रिश्ता खत्म होने की कगार पर पहुंच गया। महिला करीब 20 दिन से लापता थी, जिसे पुरानी छावनी थाना पुलिस ने बरामद कर कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट ने दी तलाक की सलाह
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने दोनों को आपसी सहमति से तलाक लेने की सलाह दी। साथ ही महिला को उसकी मां के साथ जाने की अनुमति देते हुए याचिका को निरर्थक मानकर समाप्त कर दिया।