पंचकूला निगम चुनाव- वार्ड 7, 8 और 9 के समीकरण:जनरल वार्ड में भी SC कैंडिडेट, जातीय गणित के साथ पानी-सड़क और सफाई मुद्दे

पंचकूला नगर निगम चुनाव में वार्ड 7, 8 और 9 में मुकाबला रोचक हो गया है। इन वार्डों में जहां जातीय समीकरण के आधार पर पार्टियों ने उम्मीदवार उतारे हैं। एससी बहुल वार्ड में जनरल सीट के बावजूद एससी कैंडिडेट को मैदान में उतारा गया है। दैनिक भास्कर ऐप की टीम ने तीनों वार्डों के लोगों से बातचीत की तो सामने आया कि पेयजल संकट, टूटी गलियां, लावारिस पशु और जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याएं चुनावी बहस के केंद्र में हैं। पिछले चुनाव के नतीजों और इस बार बदले प्रत्याशियों के चलते यहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

वार्ड 7 में SC आबादी की बहुलता

  • पिछली बार जीता था BJP कैंडिडेट : पंचकूला शहर के वार्ड 7 में राजीव कालोनी का एरिया आता है। वार्ड में एससी आबादी की बहुलता है। एससी में भी वाल्मिकी समुदाय के वोटरों की संख्या ज्यादा है। कांग्रेस-BJP ने यहां से वाल्मिकी समुदाय से आने वाले चेहरों को प्रत्याशी बनाया है। BJP ने यहां पंकज वाल्मिकी और कांग्रेस ने ज्योति प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार यहां से कांग्रेस की उषारानी ने 1508 वोटों से जीत दर्ज की थी। इस बार ऊषा रानी को वार्ड 8 में भेजा गया है। वार्ड में 5786 पुरूष तथा 4713 महिला मतदाता है।
  • पेयजल संकट व कच्ची गलियां बड़ा मुद्दा : वार्ड 7 की राजीव कालोनी के मोमन व राजेश के अनुसार यहां पर पेयजल संकट है। गलियां भी टूटी हुई हैं। कालोनी को सड़क से जोड़ने वाले पुल भी काफी पुराने हो चुके हैं, जो कभी भी हादसा कर सकते हैं।

वार्ड-8: SC-मुस्लिम, OBC की संख्या ज्यादा

  • 512 वोट से जीता था BJP ने पिछला चुनाव : पंचकूला शहर के वार्ड-8 इंदिरा कालोनी और बुडनपुर का एरिया है। वार्ड में SC, मुस्लिम, OBC की संख्या ज्यादा है। इसी वजह से कांग्रेस ने जनरल वार्ड में एससी उम्मीदवार को चेहरा बनाया है। पिछली बार वार्ड 7 से जीत चुकी ऊषा रानी को इस बार वार्ड 8 में प्रत्याशी बनाया है। वहीं BJP ने राजकुमार जैन को यहां से प्रत्याशी बनाया है। पिछली बार वार्ड 8 से BJP के हरेंद्र मलिक ने 995 वोट से जीते थे। वार्ड में 5061 पुरूष तथा 3850 महिला मतदाता हैं।
  • पेयजल संकट और लावारिस पशु मुद्दा : वार्ड के निवासी संत सिंह व हाकम सिंह ने बताया कि वार्ड में पेयजल संकट है। यहां पर पेयजल सप्लाई समय पर नहीं आ रही है। इसके अलावा लावारिस पशुओं वार्ड में घूमते रहते हैं। जिनसे बुजुर्ग व बच्चों का मारने का डर हर समय बना रहता है।

किसी जाति का बहुल नहीं वार्ड-9 में

  • कांग्रेस कैंडिडट ने जीता था पिछला चुनाव : पंचकूला शहर के वार्ड-9 में सेक्टर-19, इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 आता है। वार्ड में किसी एक जाति की संख्या जाति नहीं है। यहां पर बिरादरी के वोटरों की संख्या करीबन एक जैसी है। BJP ने यहां से जाट चेहरे हरेंद्र मलिक को प्रत्याशी बनाया है, जो पिछली बार वार्ड 8 से पार्षद चुने गए थे। वहीं कांग्रेस ने यहां से सुरेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। पिछली बार BJP-JJP के प्रत्याशी राजेश कुमार ने 485 वोटों से जीत दर्ज की थी। वार्ड में 4675 पुरूष तथा 4341 महिला मतदाता हैं।
  • लावारिस पशु-कुत्ते व पानी निकासी समस्या : वार्ड के निवासी मोहन सिंह ने बताया कि लावारिस पशु व कुत्तों की समस्या ज्यादा है। वहीं महिला अनिता ने बताया कि बारिश के समय गली में पानी खड़ा हो जाता है। पिछले मानसून सीजन में 2 फुट तक खड़ा गया था। वहीं सीवरेज के ढक्कन हटे हुए हैं।