ऐसा IPL पहले नहीं हुआ:एक सीजन में 61 बार 200 का स्कोर, शुरुआती 9 साल मिलाकर भी इससे कम; पहली बार 1300 छक्के

लीग स्टेज खत्म होते-होते IPL 2026 रनरेट, सिक्सर्स और 200 से ऊपर के स्कोर के मामलों में अब तक का सबसे बड़ा सीजन बन गया है। 70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुका है। शुरुआती 9 सीजन- 2008 से 2016 तक हुए 538 मैचों में 57 बार ही 200+ का स्कोर बना था।

आगे ऐसे ही 8 ट्रेंड्स के बारे में डिटेल में जानिए, जो साबित करते हैं कि ऐसा IPL अब तक नहीं हुआ…

1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन

इस सीजन का ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा, जो IPL इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा है। इससे पहले सबसे ज्यादा रन रेट का रिकॉर्ड पिछले ही सीजन में बना था। तब टीमों ने 9.62 रन प्रति ओवर बनाए थे।

2. 61 बार बने 200+ स्कोर, बड़े टारगेट भी अब सुरक्षित नहीं

IPL 2025 में 52 बार 200+ स्कोर बने थे, लेकिन 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 61 तक पहुंच गया। यह IPL इतिहास में किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा 200+ टोटल हैं। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200+ स्कोर नहीं बने थे।

इस सीजन सिर्फ बड़े स्कोर ही नहीं बने, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आम हो गया। IPL 2026 में 16 बार 200+ रनचेज हुए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। इससे पहले 2025 में 9 और 2023 में 8 बार ऐसा हुआ था।

3. पहली पारी का औसत स्कोर और विनिंग टोटल रिकॉर्ड स्तर पर

इस सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192 रहा, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191 और 2024 में 190 था।

सबसे बड़ा बदलाव विनिंग टोटल में देखने को मिला। IPL 2026 में जीतने वाली टीम का औसत स्कोर 217 रहा, जो IPL इतिहास में पहली बार 215 के पार पहुंचा। इससे पहले 2025 में यह 211 और 2024 में 211 था।

4. शतकों में रिकॉर्ड की बराबरी, अभी 4 मैच बाकी

इस सीजन के लीग मैचों में ही अब तक 14 शतक लग चुके हैं। यह किसी एक सीजन में सबसे ज्यादा शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी है। इससे पहले 2024 में भी 14 सेंचुरी बनी थीं।

5. हर 12वीं गेंद पर सिक्स

इस सीजन में अब तक 1349 छक्के लग चुके हैं। IPL में पहली बार 1300 से ज्यादा छक्के लगे हैं। इस बार करीब हर 12 गेंद पर एक छक्का लगा, जो IPL इतिहास में सबसे तेज है।

6. पहली बार पावरप्ले में रनरेट 10 से ऊपर पहुंचा

IPL इतिहास में पहली बार पावरप्ले (1 से 6 ओवर) का रनरेट 10 के पार पहुंच गया। इससे पहले 2025 में यह 9.60 और 2024 में 9.47 था। 2022 तक किसी भी सीजन में पावरप्ले रनरेट 9 तक नहीं पहुंचा था।

7. गेंदबाजों की शामत, पेसर्स-स्पिनर्स दोनों पिटे

IPL 2026 का हाई स्कोरिंग ट्रेंड गेंदबाजों पर सबसे भारी पड़ा। यह सीजन स्पिनर्स और पेसर्स, दोनों के लिए सबसे महंगा साबित हुआ। स्पिन गेंदबाजों ने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए, जो IPL इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह आंकड़ा 8.86 और 2024 में 8.68 था।

तेज गेंदबाजों की स्थिति भी ज्यादा अलग नहीं रही। IPL 2026 में पेसर्स की और इकोनॉमी 9.94 रही। यह IPL इतिहास में सबसे खराब हैं। इससे पहले 2025 में पेसर्स की इकॉनमी 9.90 और 2024 में 9.78 थी।

इस सीजन लीग स्टेज के टॉप-10 विकेट टेकरों में सिर्फ दो स्पिनर्स शामिल हैं- राशिद खान (19 विकेट) और सुनील नरेन (15 विकेट)।

8. फील्डिंग प्रेशर में, 169 कैच छूटे

हाई-स्कोरिंग क्रिकेट का असर सिर्फ गेंदबाजों पर नहीं, बल्कि फील्डिंग पर भी साफ दिखाई दिया। IPL 2025 में रिकॉर्ड 188 कैच छोड़े गए थे, जबकि 2026 में यह संख्या 169 रही। 2022 के बाद लगातार हर सीजन में 148 से ज्यादा कैच छूटे हैं।

टीमों के हिसाब से देखें तो इस सीजन सबसे खराब फील्डिंग रिकॉर्ड हैदराबाद का रहा। टीम ने सबसे ज्यादा 26 कैच छोड़े। इसके बाद पंजाब और चेन्नई ने 20-20 कैच ड्रॉप किए।