सेना के ग्रेनेडियर का निधन,17 दिन पहले हुआ था बेटा:बच्चे के नामकरण संस्कार की खुशियां गम में बदली, तीन साल के मासूम ने दी मुखाग्नि

बेटे के जन्म के बाद घर आए भारतीय सेना के ग्रेनेडियर का सड़क हादसे में निधन हो गया। परिवार नामकरण संस्कार की तैयारियों में जुटा था। जवान सुनील कुमार का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा तो पूरा इलाका गम में डूब गया। सैन्य सम्मान के साथ जवान का अंतिम संस्कार किया गया। तीन साल के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी।

17 दिन पहले ही बेटे का जन्म हुआ था। दो सप्ताह बाद आयोजन को लेकर जवान छुट्‌टी लेकर घर आए थे।

17 दिन पहले घर में आई थी खुशी, अब छाया मातम

सुनील कुमार (29) 2017 में भारतीय सेना की ‘ग्रेनेडियर्स’ रेजीमेंट में चयनित हुए थे। उन्होंने लगभग 9 साल तक देश की अग्रिम चौकियों पर अपनी सेवाएं दीं। वर्तमान में वे भारतीय सेना की 11 ग्रेनेडियर्स यूनिट में तैनात थे। सुनील कुमार की शादी वर्ष 2019 में रेखा देवी (25) से हुई थी। जवान सुनील का तीन साल का बेटा युवराज है।

ग्रेनेडियर सुनील कुमार कुछ दिन पहले ही छुट्टी पर अपने गांव इंडाली आए थे। उनके घर 17 दिन पहले बेटे का जन्म हुआ था। परिवार में खुशी का माहौल था और दो सप्ताह बाद बच्चे के दशोठण (नामकरण संस्कार) की तैयारी चल रही थी।

सड़क हादसे में घायल हुए, जयपुर में तोड़ा दम

29 मई को ग्रेनेडियर सुनील कुमार अपने पैतृक गांव इंडाली (झुंझुनूं) आए हुए थे। इस दौरान शाम के समय किसी काम से बाइक से निकले थे। रास्ते में बाइक स्लिप होने से हादसे का शिकार हो गए। नीचे गिरते ही उनके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें लग गईं, जिससे वे मौके पर ही लहूलुहान होकर अचेत हो गए।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें झुंझुनूं के हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां सिर की चोट गंभीर होने और हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत जयपुर रेफर कर दिया। जयपुर के मिलिट्री हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।

तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा

सोमवार को जयपुर से सुनील कुमार का पार्थिव शरीर झुंझुनूं लाया गया। इसके बाद झुंझुनूं से इंडाली गांव तक करीब 14 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। रास्ते भर युवा ‘भारत माता की जय’ और ‘सुनील कुमार अमर रहे’ के नारे लगाते रहे। लोगों ने जगह-जगह फूल बरसाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

घर पहुंचते ही मच गया कोहराम

जैसे ही तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर पहुंचा, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां कमला देवी, पिता रघुवीर सिंह और बड़े भाई अनिल कुमार अपने बेटे और भाई को आखिरी बार देखकर फूट-फूटकर रो पड़े। गांव में भी शोक का माहौल छा गया।

पति के अंतिम दर्शन करते ही बेसुध हुई पत्नी

सुनील कुमार की पत्नी रिंकू देवी की गोद में 17 दिन का बेटा था। पति के अंतिम दर्शन करते ही वह बेसुध हो गईं। गार्ड ऑफ ऑनर देने के बाद सैन्य सम्मान के साथ सुनील कुमार का अंतिम संस्कार किया गया।