चन्नी गुट की ताकत का ग्राउंड रिएिलिटी चेक करेगा हाईकमान:भूपेश बघेल 10 दिन में 18 जिलों में जाएंगे, फीडबैक लेंगे; राहुल गांधी की रैलियों का खाका होगा तैयार

पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर अब हाईकमान आर-पार के मूढ़ में है। हाईकमान गुटबाजी पर स्ट्रिक्ट एक्शन लेने से पहले ग्राउंड रिएलिटी चेक करना चाहता है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल अब ग्राउंड लेवल पर आकर ब्लॉक लेवल से लेकर तमाम नेताओं से चन्नी गुट का फीडबैक लेगा।

कल से भूपेश बघेल दस दिन के पंजाब दौरे पर आ रहे हैं और वो 9 दिन में के जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों और 2022 में चुनाव लड़ चुके नेताओं के साथ-साथ संबंधित जिलों के विधायकों व सांसदों के साथ बैठक करेंगे।

बैठक में भूपेश बघेल पार्टी नेताओं से 2027 विधान सभा चुनाव की तैयारियों के साथ-साथ राहुल गांधी की रैलियों का स्थान तय करने पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस पार्टी जल्दी ही पंजाब में राहुल की गांधी की चार बड़ी रैलियां करने पर विचार कर रही है। हालांकि इससे पहले वो पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी को खत्म करने का प्रयास करेगी ताकि राहुल गांधी के स्टेज पर कांग्रेस एक जुट रहे। पार्टी सूत्रों की मान तो राहुल के पंजाब दौरे से पहले हाईकमान बागी गुट पर कोई ठोस एक्शन ले सकता है।

उधर, चरणजीत सिंह चन्नी गुट को राहुल गांधी अब ज्यादा तरजीह नहीं दे रहे हैं। पार्टी सोर्सेज के मुताबिक चन्नी गुट राहुल गांधी से लगातार मिलने का समय मांग रहे हैं लेकिन राहुल गांधी के दफ्तर से उन्हें समय नहीं मिल रहा है।

चन्नी गुट को राहुल गांधी की व्यस्तता की बात कहकर टाइम नहीं दिया जा रहा है। चन्नी गुट को उम्मीद है कि 13 जुलाई के बाद राहुल गांधी से उन्हें वक्त मिल जाएगा और वो एक बार अपना पक्ष उनके सामने रखेंगे।

2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा

बैठकों के दौरान संगठन को मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं की राय जानने और 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। पार्टी नेतृत्व का लक्ष्य कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरना और उन्हें एकजुट करना है। इस महत्वपूर्ण दौरे की शुरुआत 31 जुलाई को शहीदों की धरती श्री फतेहगढ़ साहिब से होगी।

संगठन में संभावित बदलावों की उम्मीद

राजनीतिक विश्लेषक इसे कांग्रेस की चुनावी तैयारियों की दिशा में एक अहम कदम मान रहे हैं। इस दौरे के जरिए भूपेश बघेल पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को दूर करने, संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने का प्रयास करेंगे। इससे संगठन में संभावित बदलावों की उम्मीद जताई जा रही है।

पहले भी चंडीगढ़ में कर चुके बैठक

गौरतलब है कि इससे पहले भी भूपेश बघेल छह दिन तक चंडीगढ़ में रहकर पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने पार्टी में चल रही गुटबाजी और संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तृत रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंपी थी। इसके बाद हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस की चुनाव समितियों और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव की संभावनाओं से इनकार कर दिया था।

मीटिंग में शामिल होने वाले लोग

जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी, हल्के (विधानसभा क्षेत्र) के मंडल अध्यक्ष, हल्के के बी.एल.ए.-1 (BLA-1), वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार, जिले से संबंधित पूर्व सांसद (MP) व पूर्व विधायक (MLA), अग्रणी संगठनों के जिलाध्यक्ष (यूथ कांग्रेस, सेवा दल, महिला कांग्रेस, इंटक, एससी, ओबीसी विभाग, आरजीपीआरएस, सोशल मीडिया), नगर पार्षद (नगर कौंसलर), जिला परिषद व ब्लॉक समिति के सदस्य, तथा जिले से संबंधित ए.आई.सी.सी. (AICC) और पी.पी.सी.सी. (PPCC) के सदस्य शामिल होंगे