बिहार सरकार ने प्रशासनिक सुधार और युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार का मुख्य फोकस नौकरियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रहा। वहीं, बिहार सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। टीआरई-4 का इंतजार कर रहे युवाओं को भी सरकार ने 32,388 पदों पर नियुक्ति शुरू करने का तोहफा दिया।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। आंगनबाड़ी में 22,891 पदों पर सीधी बहाली होगी। वहीं, सीएम ने बताया कि चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) के तहत 32,388 पदों की अधियाचना बीपीएससी को भेज दी गई है। आयोग अगले महीने अगस्त में इसका विज्ञापन जारी कर सकता है और प्रक्रिया नवंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। कैबिनेट ने प्रशासनिक सुधार, जल्द न्याय, रोजगार और औद्योगिक विकास की दिशा में कई बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित सुनवाई और सजा सुनिश्चित करने के लिए पटना में 2 और मुजफ्फरपुर में 1 नया अतिरिक्त विशेष न्यायालय बनेगा। इसका मकसद भ्रष्टाचारियों को जल्द सजा दिलाना है। वहीं, दलितों एवं आदिवासियों पर अत्याचार के लंबित मामलों के जल्द निपटारे के लिए राज्य के 19 जिलों में एससी-एसटी विशेष अदालतों का गठन किया जाएगा।
कैबिनेट… पटना में 2 और मुजफ्फरपुर में 1 नए स्पेशल कोर्ट
1. भ्रष्टाचारियों व दलितों पर शिकंजा
भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी से सुनवाई के लिए पटना में 2 और मुजफ्फरपुर में 1 नया विशेष कोर्ट बनेगा। 3 जजों के पद स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा दलित उत्पीड़न के लंबित मुकदमों के निपटारे के लिए 19 जिलों में एससी-एसटी विशेष अदालतें बनेंगी और 19 नए जज नियुक्त होंगे।
2. सेविका और सहायिका गाइडलाइन
कैबिनेट ने आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2026 को मंजूरी दे दी है। 6,141 सेविका और 16,750 सहायिका समेत कुल 22,891 पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया से बहाली होगी। इससे बच्चों को पूरक पोषाहार, टीकाकरण और स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर तरीके से मिल सकेंगी।
3. नई प्रणाली से पूरी तरह पेपरलेस होगी कैबिनेट
मंत्रिमंडल की बैठकों को डिजिटल बनाने के लिए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने का निर्णय हुआ है। एनआईसी इस प्लेटफॉर्म का संचालन करेगा। एजेंडा और फैसलों की फाइलें ऑनलाइन होंगी। इससे कागजी बर्बादी रुकेगी, प्रशासनिक समय बचेगा और सरकारी कामकाज में तेजी आएगी।
4. खेल और सहकारिता नीति 2026 को मंजूरी
‘बिहार खेल नीति 2026’ के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना से सरकारी नौकरी और पेंशन मिलेगी। पंचायतों में खेल मैदान और प्रखंडों में मिनी स्टेडियम बनेंगे। वहीं ‘सहकारिता नीति 2026’ से कृषि, डेयरी और पर्यटन के जरिए युवाओं को रोजगार मिलेगा।
रैयाम व सकरी में नई चीनी मिल खुलेंगी, 2000 करोड़ निवेश… पीएम करेंगे शिलान्यास
दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में 30 साल से बंद पड़ी चीनी मिलों की जमीन पर अब नई आधुनिक सहकारी चीनी मिलें बनेंगी। कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। भारत सरकार की इंडियन पोटाश लिमिटेड इन मिलों का संचालन करेगी। करीब 2000 करोड़ रुपए का निवेश होगा। इससे लगभग 2000 युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
मिथिलांचल के गन्ना किसानों की बेहतर होगी आमदनी
इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उत्तर बिहार और मिथिलांचल के गन्ना किसानों को मिलेगा। नई मिलें शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर खरीद बढ़ेगी। किसानों को बेहतर दाम मिलने की संभावना है। एथेनॉल और को-जनरेशन पावर का भी उत्पादन होगा।
बिहार में पांच साल में 25 नई चीनी मिलें लगाने का लक्ष्य
राज्य सरकार ने बिहार में चीनी उद्योग को फिर से मजबूत करने की योजना बनाई है। गन्ना उद्योग विभाग ने अगले पांच वर्षों में राज्य में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का लक्ष्य तय किया है। इसकी शुरुआत रैयाम और सकरी से होगी।
रोजगार की बौछार, उद्योगों को रफ्तार देने की कोशिश
कैबिनेट ने राज्य में बड़े पैमाने पर नौकरियों और रोजगार के रास्ते साफ कर दिए हैं। सरकार ने आंगनबाड़ी में सेविका और सहायिका के 22,891 पदों पर जल्द बहाली मंजूरी के साथ ही शिक्षक अभ्यर्थियों के लंबे इंतजार को खत्म करते हुए चौथे चरण की शिक्षक नियुक्ति के तहत 32,388 पदों की अधियाचना बीपीएससी को भेजने के फैसले को सार्वजनिक किया है। इसके अलावा नई खेल नीति के जरिए युवाओं के लिए रोजगार व आजीविका के नए मौके पैदा होंगे। सकरी और रैयाम में नई चीनी मिलों के खुलने से भी 2,000 युवाओं को सीधा और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
टीआरई-4
उच्च माध्यमिक में 16,101 पद, पांच साल में 1 लाख का लक्ष्य
बिहार सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य रखा है। इस संकल्प की दिशा में कदम बढ़ाते हुए चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (टीआरई-4) के लिए 32,388 पदों की अधियाचना बीपीएससी को भेज दी गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जुलाई में 20 हजार से अधिक रिक्तियों की बात कही थी, लेकिन अधियाचना वादे से ज्यादा पदों पर भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की प्रतिबद्धता जताई है।
उच्च माध्यमिक पर ज्यादा फोकस
कुल पदों में से 50% (16,101 पद) केवल कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए हैं। राज्य के उच्च माध्यमिक स्कूलों में लंबे समय से विषयवार शिक्षकों की भारी कमी रही है। इस निर्णय से प्लस टू स्तर पर पढ़ाई सुधरेगी और छात्रों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वहीं मध्य विद्यालयों में 8,563 शिक्षकों की नियुक्ति से शैक्षणिक ढांचा मजबूत होगा। दो वर्षों के दौरान टीआरई 1, 2 और 3 में कुल 2.81 लाख पदों पर वैकेंसी निकली।