इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर शीलू बल्हारा की पत्नी मुस्कान (23) के सुसाइड केस में रविवार को रोहतक के बहुअकबरपुर और फरमाना में दोनों पक्षों के बीच कई दौर की पंचायत हुई। आखिर, देर रात फरमाना पंचायत में फैसला लिया गया कि मुस्कान की तेरहवीं रस्म तक शीलू के पिता सुरेंद्र बल्हारा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, शीलू और उसके भाई मनीष पर कार्रवाई की मांग पर मायका पक्ष अड़ा हुआ है।
शनिवार को अंतिम संस्कार के बाद मुस्कान के पिता और शीलू के बीच करीब 10 मिनट तक बातचीत हुई, जिसमें दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई। इसके बाद पुलिस ने शीलू, उसके भाई मनीष और पिता सुरेंद्र से हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मुस्कान ने 31 जुलाई की शाम फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मायके पक्ष ने दहेज प्रताड़ना समेत अन्य आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है। फिलहाल पंचायतों के चलते पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई टाल रखी है। आज पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल सकती है।
पंचायत मांग रही थी 10 दिन का समय
गांव बहुअकबरपुर की पंचायत ने मुस्कान के मायके पक्ष से पंचायत के दौरान 10 दिन का समय मांगा था। गांव बहुअकबरपुर की पंचायत का कहना था कि शीलू व उसके परिवार को कम से कम मुस्कान की तेरहवीं तक का समय दिया जाए, क्योंकि उनके घर में अन्य कोई नहीं है।
कई बार हुई पंचायत, देर रात बनी सहमति
गांव बहुअकबरपुर व गांव फरमाना के बीच पंचायत का दौर पूरा दिन चलता रहा। रात को भी गांव बहुअकबरपुर की पंचायत गांव फरमाना में थी, जहां दोनों गांवों के बीच पंचायत हो रही थी। लोगों के काफी समझाने के बाद मुस्कान के मायके पक्ष ने शीलू के पिता सुरेंद्र पर तेरहवीं तक कार्रवाई न करने पर सहमति जताई।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से आएगा निर्णायक मोड़
बताया जा रहा है कि पुलिस और दोनों परिवारों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर नजर है। आज संभावना है कि अस्पताल से पुलिस को रिपोर्ट मिल जाएगी। उसी से केस का रूख तय होगा। मुस्कान को फंदे से उतारने के बाद मायके पक्ष की महिलाओं ने वीडियो बनाई थी, जिसमें मुस्कान के शरीर पर चोटों के निशान दिखाए थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यदि इन चोटों की पुष्टि होती है तो मामला और गरमा सकता है।
पंचायत के फैसले का इंतजार कर रही पुलिस
बहुअकबरपुर थाने के एसएचओ जसबीर ने बताया कि मुस्कान सुसाइड केस में पुलिस दोनों गांवों के बीच हो रही पंचायत के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। पंचायत में जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसके बाद ही कोई कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर भी काफी कुछ निर्भर करेगा।