गाय को टक्कर मारने पर सरकारी डॉक्टर को पीटा:बदायूं में भीड़ ने स्कॉर्पियो से खींचकर थप्पड़-घूसे मारे, कपड़े फाड़े; गाड़ी तोड़ी

बदायूं में मंगलवार दोपहर 2 बजे सरकारी डॉक्टर की स्कॉर्पियो की टक्कर से एक गाय घायल हो गई। हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़ आक्रोशित हो गई। लोगों ने स्कॉर्पियो चला रहे डॉक्टर को गाड़ी से बाहर खींचकर पीटना शुरू कर दिया। उसको जमकर थप्पड़ और घूसे मारे। डॉक्टर के कपड़े फाड़ दिए। वह हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा। इस दौरान भीड़ ने डॉक्टर की गाड़ी में भी तोड़फोड़ की।

पुलिस मौके पर पहुंची और डॉक्टर को भीड़ से छुड़ाकर अपनी गाड़ी से थाने ले गई। डॉक्टर की स्कॉर्पियो को भी थाने में खड़ा करा दिया गया। इस पिटाई का वीडियो भी सामने आया है। इसमें लोग डॉक्टर से मारपीट करते दिख रहे हैं। मामला अलापुर थाना क्षेत्र के मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे का है।

अब जानिए पूरा मामला…

बरेली में रहने वाले डॉ. राहुल सिद्धार्थ उसावां कस्बे की CHC में एमओआईसी (प्रभारी चिकित्सा अधिकारी) हैं। वह मई से मेडिकल लीव पर चल रहे थे। आज ही ड्यूटी पर लौटे थे। विभागीय प्रक्रिया के तहत सीएमओ के सामने उपस्थित होकर उन्होंने जॉइनिंग प्रक्रिया शुरू की थी।

डॉक्टर सिद्धार्थ मंगलवार दोपहर अपनी स्कॉर्पियो से फर्रुखाबाद की ओर जा रहे थे। दोपहर करीब 2 बजे म्याऊं कस्बे के पास अचानक गाड़ी के सामने एक गाय आ गई। डॉक्टर की गाड़ी गाय से टकरा गई। इसमें गाय को काफी चोट लग गई।

ईंट-डंडे मारकर गाड़ी के शीशे तोड़े

हादसा होते ही मौके पर भीड़ लग गई। गाय के मुंह से खून बह रहा था। वह दर्द से कराह रही थी। यह देखकर लोग आगबबूला हो गए। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और डॉक्टर को गाड़ी से खींचकर पीटना शुरू कर दिया।

डॉक्टर हाथ जोड़कर माफी मांगता रहा, लेकिन लोग नहीं रुके और डॉक्टर को पीटते रहे। लोगों ने उनकी स्कॉर्पियो में भी तोड़फोड़ की। ईंट और डंडे मारकर गाड़ी के शीशे तोड़ दिए।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन, पुलिस की मौजूदगी में भी कुछ लोग डॉक्टर के साथ खींचतान करते रहे। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से बचाकर अपने साथ लिया।

अलापुर एसएचओ माधव सिंह बिष्ट ने बताया कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है। डॉक्टर से बातचीत की जा रही है। वहीं, सीएमओ डॉ. विकास शर्मा ने बताया कि डॉ. राहुल सिद्धार्थ पहले एमओआईसी के पद पर तैनात थे। पिछले कुछ महीनों से मेडिकल लीव पर चल रहे हैं।

पीएमएस ने की निंदा: प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (PMS) के पदाधिकारियों ने इस घटना की निंदा की है। सचिव डॉ. मोहित यादव ने कहा कि हादसा कहीं भी किसी के साथ हो सकता है। भीड़ को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए था। पुलिस अधिकारियों से शिकायत की गई है, जिससे भविष्य में ऐसी घटना किसी के साथ न हो।