एक दिन बाद स्वतंत्रता दिवस है। अब आपके वॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स पर बधाई संदेश आने शुरू हो जाएंगे। फोन पर मैसेज की लाइन लग जाएगी। आपको कुछ ऐसे मैसेज भी मिल सकते हैं, जिनमें खास गिफ्ट देने का दावा किया जाएगा।
अगर आपने उस स्पेशल गिफ्ट के लालच में मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक किया तो आपका मोबाइल हैक हो सकता है। बैंक अकाउंट खाली हो सकता है। दरअसल, साइबर ठग खास मौकों का फायदा उठाने की फिराक में रहते हैं। मैसेज की भीड़ के बीच वे फर्जी लिंक भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसा सकते हैं।
पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अलर्ट किया है कि मोबाइल पर किसी भी प्लेटफॉर्म से स्पेशल गिफ्ट मिलने का मैसेज आए तो उसके लिंक पर क्लिक न करें, भले ही वह किसी जानकार के नंबर से ही क्यों न आया हो। पुलिस ने अपील की है कि गलती से लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल हैक होने की आशंका हो तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
साइबर ठग कैसे करते हैं विशेष मौकों पर ठगी जानिए…
- स्पेशल दिनों का इंतजार: देश में विशेष दिनों या त्याेहारों पर एक दूसरे को अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए मैसेज भेजकर बधाइयां देने का ट्रेंड है। साइबर ठग ऐसे दिनों का इंतजार करते हैं जब हर मोबाइल पर बड़ी संख्या में मैसेज आते हैं। साइबर ठग उसी बीच अपने मैसेज भी सर्कुलेट करना शुरू कर देते हैं।
- मोबाइल हेक करके भेजते हैं मैसेज: पुलिस ने जो वीडियो जारी किया है उसके मुताबिक साइबर ठग किसी भी एक मोबाइल को हैक करते हैं। उसके कांटेक्ट लिस्ट में जितने भी नंबर हैं उनको ठगी का मैसेज भेज देते हें। उससे से कुछ लोग मैसेज क्लिक करते हैं तो उनका मोबाइल भी हैक कर देते हैं और फिर उसके कांटेक्ट को मैसेज भेजते हैं। इस तरह वो चैन बनाकर लोगों को ठगते हैं।
- स्पेशल गिफ्ट मिलेगा: पुलिस की तरफ से जारी वीडियो में कहा गया है कि साइबर ठग आपके किसी जानकार के नंबर से आजादी दिवस की बधाइयों का मैसेज भेजकर आपका मोबाइल हैक कर सकते हैं। पुलिस का कहना है कि मैसेज में आपको स्पेशल गिफ्ट मिलने की बात लिखी होगी। आप अपने नजदीकी का मैसेज होने की वजह से उसे क्लिक कर देंगे।
- मैसेज क्लिक होते ही अकाउंट साफ: पुलिस का कहना है कि ऐसा मैसेज क्लिक करते ही आपके मोबाइल का पूरा असेस साइबर ठगों के पास चले जाएगा। फिर वो मोबाइल में आपके जो भी अकाउंट हैं वो अपने हिसाब से ऑपरेट करना शुरू कर देते हैं और बैंक अकाउंट साफ कर देते हैं। फिर आपके मोबाइल के जरिए आपके नजदीकियों को ठगना शुरू कर देते हैं।
- APK फाइल या लिंक वाले मैसेज न करें क्लिक: पुलिस ने लोगों को सुझाव दिया है कि अगर आपके मोबाइल पर गिफ्ट या आजादी दिवस की बधाई वाला मैसेज एपीके फाइल या लिंक के रूप में आता है तो उसे बिल्कुल न खेलें। साइबर ठग एपीके फाइल व लिंक के जरिए ही लोगों को ठग रहे हैं।
- ठगी हो जाए तो तुरंत करें शिकायत: पुलिस ने कहा है कि अगर आपके साथ ठगी हो जाती है तो बिना रूके तुरंत साइबर सेल यानि 1930 पर अपनी शिकायत करें और पूरी डिटेल साइबर सेल को बताएं। साइबर सेल आपसे जो दस्तावेज मांगती है उन्हें दें ताकि आपकी ठगी को रोका जा सके।
अब जानिए, APK और PDF में यह फर्क होता है
PDF (पोर्टेबल डॉक्यूमेंट फॉर्मेट) एक ऐसा फाइल फॉर्मेट है, जिसमें टेक्स्ट और इमेज जैसी जानकारी सेव की जा सकती है। वहीं, APK एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम पर ऐप इंस्टॉल करने के लिए इस्तेमाल होने वाला सॉफ्टवेयर पैकेज है। यह फाइल फॉर्मेट एंड्रॉइड ऐप्स को इंस्टॉल करने और चलाने के लिए जरूरी है।
आमतौर पर शादी के कार्ड वाले PDF में किसी तरह का कोई लिंक नहीं होता है। उसके ऊपर PDF लिखा होता है। अगर आपको ऐसा कोई PDF या मैसेज मिले, जिसमें ई-कार्ड को डाउनलोड करने के लिए लिंक पर क्लिक करने के लिए कहा जा रहा है तो झांसे में न आएं। यह फ्रॉड हो सकता है।